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सीएम मान ने भगत कबीर के जीवन और दर्शन पर व्यापक शोध के लिए की भगत कबीर धाम स्थापित करने की घोषणा

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने शनिवार को भक्ति आंदोलन के अग्रदूत के जीवन और दर्शन पर व्यापक शोध करने के लिए भगत कबीर धाम स्थापित करने की घोषणा की। मुख्यमंत्री ने शनिवार को भगत कबीर जी के 626वें प्रकाश उत्सव के अवसर पर आयोजित राज्य स्तरीय समारोह के दौरान उपस्थित जनसमूह को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि 15वीं शताब्दी के रहस्यवादी कवि एवं संत भगत कबीर जी ने लोगों को जीवन का मार्ग दिखाया था तथा यह धाम उनके जीवन पर शोध के लिए महत्वपूर्ण केन्द्र के रूप में कार्य करेगा। उन्होंने कहा कि महान रहस्यवादी कवि के जीवन और दर्शन ने हमेशा लोगों को सही जीवन जीने के लिए प्रेरित किया है। उन्होंने कहा कि लोगों को एक प्रगतिशील, समृद्ध और सामंजस्यपूर्ण समाज बनाने के लिए भगत कबीर जी के पदचिह्नों पर चलना चाहिए।

भगवंत सिंह मान ने कहा कि समय की मांग है कि भगत कबीर जी के आदर्शों पर चलते हुए हर तरह से एकता, सांप्रदायिक भाईचारा और शांति कायम रखी जाए। लोगों से भगत कबीर जी की शिक्षाओं का ईमानदारी से पालन करने का आह्वान करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जाति, रंग, पंथ और धर्म के संकीर्ण विचारों से ऊपर उठकर समतावादी समाज का निर्माण करना समय की मांग है। उन्होंने कहा कि भगत कबीर जी का जीवन और शिक्षाएं प्रेम, शांति, सद्भावना का शाश्वत संदेश देती हैं, जो उनकी बाणी में निहित है, जो श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का हिस्सा है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि हालांकि भगत कबीर जी का प्रारंभिक जीवन एक मुस्लिम परिवार में बीता, लेकिन वे हिंदू संत रामानंद से काफी प्रभावित थे, जिसका भक्ति आंदोलन के दौरान उनके लेखन पर गहरा प्रभाव पड़ा।

लोगों से महान संत के आदर्शों का अनुकरण करने का आग्रह करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह एक सामंजस्यपूर्ण और प्रगतिशील समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। उन्होंने कहा कि महान सिख गुरुओं ने हमें अत्याचार, अन्याय और उत्पीड़न के खिलाफ लड़ना सिखाया है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि उनकी सरकार राज्य के गौरव को बहाल करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार राज्य में स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के लिए ठोस प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि अब तक अपने बच्चे को सरकारी स्कूल में भेजना आम आदमी की मजबूरी थी, लेकिन छह महीने के भीतर उनकी इच्छा होगी कि वे भी सरकारी स्कूल में जाएं, क्योंकि शिक्षा व्यवस्था में सुधार किया जा रहा है।

भगवंत सिंह मान ने कहा कि विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए राज्य भर में उत्कृष्ट विद्यालय स्थापित किए गए हैं तथा इसी प्रकार सरकारी स्वास्थ्य प्रणाली को भी उन्नत किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों ने लोगों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित रखा ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वे समाज में प्रगति न कर सकें। उन्होंने कहा कि वे बस यही चाहते हैं कि गरीब परिवारों के बच्चे हमेशा उनकी दया पर रहें और कोई तरक्की न कर सकें। इसके विपरीत भगवंत सिंह मान का ध्यान गरीब विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का भरोसा देकर उन्हें सशक्त बनाने पर है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि परिणाम सबके सामने है क्योंकि सरकारी स्कूलों के 158 विद्यार्थियों ने पहली बार प्रतिष्ठित जे.ई.ई. परीक्षा पास की है। उन्होंने कहा कि यह तो बस शुरुआत है, आने वाले दिनों में ऐसे और भी नतीजे सामने आएंगे, जिसके लिए उनकी सरकार पूरी कोशिश कर रही है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य सरकार ने 43000 से अधिक नौकरियां पूरी तरह से योग्यता के आधार पर युवाओं को दी हैं। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि राज्य सरकार विद्यार्थियों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए प्रशिक्षण देने हेतु आठ हाईटेक केन्द्र खोल रही है।

भगवंत सिंह मान ने कहा कि ये केंद्र युवाओं को यूपीएससी परीक्षा पास करने और राज्य और देश में प्रतिष्ठित पदों पर बैठने के लिए गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण प्रदान करेंगे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य यह सुनिश्चित करना है कि युवा उच्च पदों पर बैठें और देश की सेवा करें। विपक्ष पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके पंजाब समर्थक और विकासोन्मुखी रुख के कारण विपक्षी नेता उन पर निशाना साधने का कोई मौका नहीं छोड़ते। उन्होंने कहा कि यह आलोचना पूरी तरह से तर्कहीन और उनकी सनक और मनमौजीपन पर आधारित है। भगवंत मान ने स्पष्ट रूप से कहा कि इससे उन्हें अपना कर्तव्य निभाने से कोई नहीं रोकेगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने गोइंदवाल बिजली प्लांट खरीदकर सफलता की नई कहानी लिखी है, जो पहले निजी कंपनी जीवीके पावर के स्वामित्व में था।

उन्होंने कहा कि पहली बार राज्य में विपरीत प्रवृत्ति देखी गई है, क्योंकि सरकार ने एक निजी बिजली संयंत्र खरीदा है, जबकि पूर्व में राज्य सरकारें अपनी परिसंपत्तियों को पसंदीदा व्यक्तियों को ‘बहुत कम’ कीमतों पर बेच देती थीं। भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह बिजली संयंत्र किसी भी राज्य/निजी कंपनी द्वारा की गई सबसे सस्ती खरीद है और एक ऐतिहासिक पहल है, लेकिन विपक्ष कभी इसकी प्रशंसा नहीं करता है, जबकि तथ्य यह है कि 90% बिजली उपभोक्ताओं को मुफ्त बिजली मिल रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पारंपरिक पार्टियां उनसे ईर्ष्या करती हैं क्योंकि वह एक आम परिवार से हैं। भगवंत सिंह मान ने कहा कि ये नेता मानते हैं कि राज्य पर शासन करना उनका दैवीय अधिकार है, इसलिए वे यह नहीं पचा पा रहे हैं कि एक आम आदमी राज्य को कुशलतापूर्वक चला रहा है। उन्होंने कहा कि इन नेताओं ने लंबे समय से लोगों को मूर्ख बनाया है, लेकिन अब लोग उनके भ्रामक प्रचार में नहीं आने वाले हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार शहीद भगत सिंह और अन्य महान स्वतंत्रता सेनानियों की आकांक्षाओं को पूरा करने के लिए पहले से ही हर संभव प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की जन-समर्थक एवं विकासोन्मुखी नीतियों का उद्देश्य इन महान राष्ट्रीय नेताओं के सपनों को साकार करना है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि जन कल्याणकारी योजनाओं का लाभ जमीनी स्तर पर लोगों तक पहुंचाने के लिए हर संभव प्रयास किए जाएंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों में सकारात्मकता का संचार करने के लिए राज्य सरकार स्कूलों के पाठ्यक्रम में आवश्यक संशोधन करेगी। उन्होंने कहा कि इसके लिए खाका तैयार है और आने वाले दिनों में इसे लागू किया जाएगा। भगवंत सिंह मान ने कहा कि विद्यार्थियों को भावी जीवन में जिम्मेदार और जीवंत नागरिक बनाने के लिए यह समय की मांग है।

मुख्यमंत्री ने यह भी याद दिलाया कि लोकसभा सदस्य के रूप में उनके कार्यकाल के दौरान सदन ने गुरु गोबिंद सिंह के छोटे साहिबजादों को उनके शहीदी दिवस पर श्रद्धांजलि अर्पित की थी, जिसके बाद उन्होंने इस मामले को तत्कालीन लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन के समक्ष उठाया था। भगवंत सिंह मान ने कहा कि संसद में कभी किसी ने यह मुद्दा नहीं उठाया था, लेकिन उन्होंने इस मुद्दे को उठाया, जिसके बाद पूरी संसद ने छोटे साहिबजादों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि यह अभूतपूर्व है तथा इससे उन्हें मानसिक शांति मिली है, क्योंकि राष्ट्रीय संसद में पहली बार छोटे साहिबजादा की शहादत को याद किया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस प्रकार हवाई अड्डों पर रनवे हवाई जहाज को सुचारू रूप से उड़ान भरने में सहायता करते हैं, उसी प्रकार राज्य सरकार युवाओं को उनके सपने साकार करने में सहायता कर रही है।

उन्होंने कहा कि युवाओं के विचारों को उड़ान देने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है और इस नेक कार्य में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी। भगवंत सिंह मान ने युवाओं से अपील की कि वे समाज में अपनी पहचान बनाने के लिए हर संभव प्रयास करें तथा कहा कि उनके लिए आकाश की कोई सीमा नहीं है। इससे पहले कैबिनेट मंत्री ब्रह्म शंकर जिम्पा और लोकसभा सांसद डॉ. राज कुमार चब्बेवाल ने भी समागम को संबोधित किया। इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री ब्रह्म शंकर जिम्पा, पंजाब विधानसभा के डिप्टी स्पीकर जय कृष्ण सिंह रोड़ी, लोकसभा सांसद डॉ. राज कुमार चब्बेवाल, विधायक जसबीर सिंह राजा गिल और डॉ. रवजोत सिंह सहित अन्य भी उपस्थित थे।

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