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जिलाधिकारी ने वन ट्रिलियन डॉलर योजना ओटीपी सेल की करी त्रैमासिक बैठक, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को पशु मेला लगाए जाने के दिए गए निर्देश

समस्त अधिकारी अपने-अपने विभाग की योजनाओं को किसानों को बताएं और उन्हें करें लाभान्वित

ख्वाजा एक्सप्रेस संवाददाता 

ब्यूरो चीफ धर्मेंद्र कुमार 

 

 

बरेली। जिलाधिकारी अविनाश सिंह की अध्यक्षता में आज वन ट्रिलियन डॉलर योजना ओटीपी सेल की त्रैमासिक बैठक कलेक्ट्रेट स्थित सभागार में सम्पन्न हुई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के द्वारा उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को एक ट्रिलियन डॉलर के स्तर पर पहुँचानें का संकल्प लिया गया है। इसके दृष्टिगत प्रदेश सरकार द्वारा अर्थव्यवस्था के महत्वपूर्ण क्षेत्र यथा कृषि एवं संवर्गीय सेवाओं, अवस्थापना एवं औद्यौगिक विकास, आई०टी०, पर्यटन आदि के क्षेत्र में विशेष प्रयास किये जा रहे है। राज्य के आर्थिक विकास को आगे बढ़ाने में जनपदों की महत्वपूर्ण भूमिका है। जिलों का प्रदर्शन और विकास प्रत्यक्ष रूप से उत्तर प्रदेश और राष्ट्र की समग्र प्रगति को प्रभावित करता है।

वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था में प्राथमिक, द्वितीयक और तृतीयक क्षेत्रों का योगदान अलग-अलग होगा। यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि ये क्षेत्र एक दूसरे से जुड़े हुए है और एक क्षेत्र में वृद्धि दूसरे क्षेत्र को भी प्रभावित करती है।

प्राथमिक क्षेत्र- इस क्षेत्र में कृषि, वानिकी, मछली पालन और खनन जैसी गतिविधियाँ शामिल होती हैं। वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था में, प्राथमिक क्षेत्र का योगदान 10-15 प्रतिशत हो सकता है। द्वितीयक क्षेत्र- इस क्षेत्र में विनिर्माण, निर्माण और ऊर्जा उत्पादन जैसी गतिविधियाँ शामिल है। वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था में द्वितीयक क्षेत्र का योगदान 20-25 प्रतिशत हो सकता है। तृतीयक क्षेत्र- इस क्षेत्र में व्यापार, परिवहन, संचार, वित्तीय सेवाएं, शिक्षा, स्वास्थ्य देखभाल और अन्य सेवाएं शामिल हैं। वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था में, तृतीयक क्षेत्र का योगदान 60-70 प्रतिशत हो सकता है। उत्तर प्रदेश राज्य वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में काम कर रहा है। वर्ष 2022-23 में राज्य का सकल घरेलू उत्पाद 22,58,632 करोड़ रूपये था जो कि वर्ष 2023-24 में 13.5 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 25,62,792 करोड़ रूपये रहा। वर्ष 2022-23 में जनपद बरेली का सकल घरेलू उत्पाद 50,984 करोड़ रूपये था जो वर्ष 2023-24 में 12 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 57,088 करोड़ रूपये रहा। जनपद से वन ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था में सहयोग को जिलाधिकारी ने बहुत सुंदर प्रसंग के माध्यम से समझाया उन्होंने कहा कि ज़ब प्रभु श्री राम श्री लंका तक पुल का निर्माण कर रहे थे तो एक छोटी सी गिलहरी ने भी छोटे छोटे पत्थरो को लाकर सहयोग किया इसी प्रकार हमारा भी अर्थव्यवस्था में सहयोग अमूल्य है इसके लिये हमें सभी को मिलकर प्रयास करना होगा। 

उन्होंने कहा कि भारत कृषि प्रधान देश है, अतः कृषि क्षेत्र में ऐसी फसलों का बढ़ावा देना होगा, जिसे सीधे लाभ हो और किसानों को नकद भुगतान हो। बैठक में गन्ना अधिकारी ने बताया कि एक हजार करोड़ रुपए का अकेले गन्ने का भुगत जनपद में होता है। उद्यान अधिकारी ने बताया कि उत्पादकता के उपरांत मार्केटिंग का होना बहुत आवश्यक है उसके आभाव में व्यापार प्रभावित होता है। बरेली में खीरा, टमाटर, शिमलामिर्च (कलर फुल) मटर (शेरगढ़/बहेड़ी) में बहुत मात्रा में होती है, जिसकी फसल गन्ने के साथ ही की जाती है और मार्केट उत्तराखण्ड में उपलब्ध हो जाती है। ड्रैगन फ्रूट की भी खेती हो रही है। उन्होंने कहा कि आर्गेनिक खेती को भी बढ़ावा देना होगा, जिससे विदेशो में उत्पादों की मांग बढ़े और लाभ हो। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि प्रगतिशील व अभिनव प्रयोग करने वाले किसानों को सम्मानित किया जाए, जिससे अन्य लोग भी प्रेरणा लें। उन्होंने कहा कि भारत चौथी अर्थव्यवस्था बन कर उभरा है उसका कारण हमारे देश की महिलाएं हैं जो कुछ ना कुछ रोजगार अपनाकर अपना परिवार/प्रदेश व देश की अर्थव्यवस्था में सहयोग कर रही हैं। सरकार द्वारा एनआरएलएम की लखपति दीदीयों को करोड़ पति दीदी बनाने की दिशा में कार्य हो रहा है, जिसमें काफी हद तक सफलता भी मिली है। आम आदमी के प्रति अधिकारी लगाव महसूस करें तभी बदलाव आएगा। दुग्ध उत्पादन को भी आय के साधन के रुप में अपनाते हुए आर्थिक समपन्नता लायी जा सकती है। उन्होंने बताया कि जनपद में एक लाख 40 हजार स्वयं सहायता ग्रुप की दीदीयां हैं, जिसमें से 36 हजार लखपति दीदी बन गयी हैं। बैठक में निर्देश दिए गए कि लोगों को रोजगार उपलब्ध कराया जाए, वरना लोग गलत रास्ते पर निकल जाएंगे। स्वयं सहायता ग्रुप के क्षेत्र में कार्य करने की बहुत गुंजाइश है। बकरी का फ्लेवर्ड मिल्क व उसकी घी की भी बहुत मांग है अतः इस दिशा में कार्य किया जा सकता है। बैठक में मुख्य पशु चिकित्साधिकारी को पशु मेला लगाए जाने के निर्देश दिए गए। मत्स्य विभाग को भी मत्स्य के कार्य से लोगों को जोड़ने के निर्देश दिए गए। उन्होंने कहा कि समस्त अधिकारी अपने-अपने विभाग की योजनाओं को किसानों बताएं और उन्हें लाभान्वित भी करें। 

बैठक जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, वन विभाग, कृषि विभाग, मत्स्य विभाग, लोक निर्माण विभाग सहित सम्बंधित अधिकारीगण उपस्थित रहे।

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