
चंडीगढ़। पंजाब क्रिकेट एसोसिएशन के एथिक्स ऑफिसर-कम-ओम्बड्समैन जस्टिस जसपाल सिंह ने एसोसिएशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी दीपक शर्मा को 18 फरवरी तक बिना शर्त इस्तीफा देने का निर्देश दिया है। आदेश के अनुसार तय समय तक इस्तीफा न देने पर उनकी सेवाएं स्वतः समाप्त मानी जाएंगी।
13 फरवरी को जारी आदेश में कहा गया है कि वर्ष 2014–15 के दौरान दो जगह नौकरी करते हुए वेतन लेने के आरोप सिद्ध पाए गए हैं। जांच में सामने आया कि शर्मा ने पीसीए के साथ-साथ पंजाब स्टेट फेडरेशन ऑफ कॉपरटीव हाउस बिल्डिंग सोसाइटी लिमिटेड से भी उसी अवधि में वेतन प्राप्त किया और संबंधित तथ्यों व दस्तावेजों को छिपाया।
आदेश में कहा गया है, “यह स्पष्ट है कि उन्होंने वास्तविक तथ्यों को गलत तरीके से प्रस्तुत किया और एक ही अवधि के लिए दो स्रोतों से वेतन लेकर आर्थिक लाभ प्राप्त किया, जो कदाचार की श्रेणी में आता है।”
सूत्रों के मुताबिक शर्मा ने पद छोड़ने की इच्छा जताई है। साथ ही आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया है कि वे जितनी अवधि तक सेवाएं दे चुके हैं, उस समय के सेवा लाभ उन्हें मिलेंगे।
यह शिकायत पीसीए के लाइफ मेंबर राकेश हांडा ने दायर की थी। उनका आरोप था कि 2025 की गवर्निंग बॉडी बैठक में मामला उठने के बावजूद एपेक्स काउंसिल ने कार्रवाई नहीं की।
हांडा ने मैनेजर (मेंटेनेंस) अजय गर्ग और मैनेजर (अकाउंट्स एंड फाइनेंस) भूपेंद्र कुमार की नियुक्तियों में भी अनियमितताओं का आरोप लगाया था और कहा था कि दोनों शर्मा के स्कूल के मित्र हैं।
इसके अलावा 2023–24 और 2024–25 सीजन में अपने बेटे के चयन को प्रभावित करने तथा पीसीए की संपत्तियों के दुरुपयोग के आरोप भी लगाए गए थे, लेकिन ओम्बड्समैन ने इन्हें प्रमाणित नहीं माना।
जस्टिस जसपाल सिंह ने एपेक्स काउंसिल को निर्देश दिया है कि एसोसिएशन के कामकाज को सुचारु रखने के लिए अंतरिम व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।



