पंजाबराज्य

शिवराज चौहान बोले- पंजाब में जलप्रलय की स्थिति; दर्द और नुकसान का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता, ये सब देखकर मन द्रवित है

Shivraj Chouhan Punjab: भारी बारिश के चलते भीषण बाढ़ संकट से जूझ रहे पंजाब की स्थिति बेहद भयानक है। इस बीच केंद्र सरकार की तरफ से केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान आज बाढ़ प्रभावित इलाकों का जायजा लेने के लिए पंजाब पहुंचे हुए हैं। उन्होंने अमृतसर और गुरदासपुर में बाढ़ प्रभावित इलाकों का ग्राउंड जीरो पर दौरा किया है। साथ ही बाढ़ पीड़ित लोगों और किसानों से बातचीत की है। यही नहीं शिवराज चौहान ने खेतों में भरे बाढ़ के पानी में घुसकर बर्बाद हुईं फसलों का भी जायजा लिया।

वहीं कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के बाढ़ प्रभावित इलाकों में दौरे के दौरान उनके साथ पूर्व पंजाब बीजेपी अध्यक्ष सुनील जाखड़, केंद्रीय राज्यमंत्री रवनीत बिट्टू, राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुग समेत अन्य बीजेपी नेता और पंजाब सरकार से कृषि मंत्री गुरमीत खुद्दियाँ और पुलिस व प्रशासन के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। इससे पहले जब चौहान दिल्ली से अमृतसर हवाई अड्डे पर पहुंचे थे तो उन्होंने उक्त सभी नेताओं और स्थानीय प्रशासन के साथ अहम बैठक की थी और बाढ़ ग्रस्त क्षेत्रों को लेकर जानकारी ली थी। बाढ़ को लेकर शिवराज सिंह चौहान और राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया के बीच भी बैठक हुई।

Shivraj Chouhan Punjab

शिवराज चौहान बोले- पंजाब में जलप्रलय की स्थिति

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रेस वार्ता भी की। जिसमें उन्होंने कहा, आज पंजाब संकट में है। संकट की इस घड़ी में केंद्र सरकार पंजाब की जनता और किसानों के साथ खड़ी है। मुझे प्रधानमंत्री जी ने यहां भेजा है। वही चौहान ने पंजाब में जलप्रलय की बात कही। उन्होंने कहा, पंजाब में जलप्रलय की स्थिति है। फसलें पूरी तरह से डूबी हुई हैं। बिना खेत में जाए दर्द और नुकसान का अंदाजा नहीं लगाया जा सकता। फसलों पर संकट है। फसलें डूबी हैं।स्थिति देखकर मन द्रवित है। हम किसानों को हौसला नहीं हारने देंगे, मजबूती से साथ खड़े हैं।

बता दें कि पंजाब में लगातार भारी बारिश के चलते सतलुज, ब्यास और रावी जैसी नदियों के उफान पर आने से पंजाब के गुरदासपुर, पठानकोट, कपूरथला, मोगा, तरनतारन, फाजिल्का, फिरोजपुर, अमृतसर और होशियारपुर जैसे 7 से ज्यादा जिले भीषण बाढ़ की चपेट में हैं और इन जिलों के 1000 से अधिक गांव पूरी तरह से जलमग्न हो रखे हैं।

पंजाब के बाढ़ प्रभावित इलाकों के हालात इस कदर खराब हैं कि लोगों के घरों में पानी भर चुका है। कई परिवार और लोग जहां के तहां फंस गए हैं। उन्हें राशन-पानी और रहने के लिए जूझना पड़ रहा है। हालांकि पीड़ित लोगों को वहां से सुरक्षित निकालने का काम किया जा रहा है। बाढ़ का कहर ऐसा है कि रास्ते भी पानी में डूब चुके हैं। सैकड़ों एकड़ जमीन जलमग्न है। खेतों की फसलें बर्बाद हो चुकी हैं। इस बीच जहां पंजाब की भगवंत मान सरकार लागतर बाढ़ पीड़ित लोगों को हर संभव मदद पहुंचा रही है।

बाढ़ के कहर से 37 लोगों की मौत

आफत की इस बारिश और बाढ़ ने ऐसा कोहराम मचा दिया है कि लोग बस अब त्राहिमाम-त्राहिमाम बोल रहे हैं। सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पंजाब में बारिश और बाढ़ के कहर से अब तक 37 लोगों की मौत हो चुकी है। 1 अगस्त से 3 सितम्बर तक का यह आकंडा है। मौतों के मामले में पठानकोट सबसे ज्यादा प्रभावित है। यहां सबसे ज्यादा 6 मौतें दर्ज की गईं हैं। इसके अलावा अलग-अलग जिलों में 2.5 लाख से ज्यादा लोग बाढ़ से प्रभावित हैं। जबकि 20 हजार से ज्यादा लोगों को अब तक सुरक्षित बचाया गया है।

सीएम फ्लड रिलीफ अकाउंट जारी

पंजाब सरकार ने सीएम फ्लड रिलीफ अकाउंट जारी कर लोगों से स्वेच्छा अनुसार सहयोग करने की अपील की है। ताकि सभी बाढ़ पीड़ितों की ठीक ढंग से मदद की जा सके। बाढ़ पीड़ित राज्य पंजाब की मदद के लिए हरियाणा आगे आया है। हरियाणा सरकार ने पंजाब को 5 करोड़ रूपए की मदद दी है। हरियाणा सरकार ने कहा, ”पंजाब में आई भीषण बारिश व बाढ़ से उत्पन्न हालात बेहद दुखद हैं। इस संकट की घड़ी में हरियाणा सरकार और प्रदेश की जनता प्रभावित परिवारों के साथ मजबूती से खड़ी है।”

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