उत्तर प्रदेश

हिंदी दिवस पर कवि गोष्ठी का हुआ आयोजन

लक्ष्मीगंज, कुशीनगर
लक्ष्मीगंज बाजार स्थित ‘श्री राजेन्द्र इसरावती सीनियर सेकेण्डरी स्कूल लक्ष्मीगंज (राजेंद्रनगर) कुशीनगर में हिंदी दिवस पर मधुर साहित्यिक संस्थान लक्ष्मीगंज के तत्त्वाधान में 81वीं कवि गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी को संबोधित करते हुए विधायक ने कहा की साहित्य समाज का दर्पण है और हिंदी भारत की शान है। आप सभी हिंदी साहित्यकारों का अमूल्य योगदान अवश्य ही हिंदी व हिंदुस्तान को नई चेतना देगा। इस अवसर पर आर के भट्ट ने अपनी रचना ‘भीड़ बहुत बा पर बेगाना बा,शहर के अइसन ताना बाना बा’ से खूब वाह वाही बटोरी। सुरेंद्र गोपाल ने पढ़ा’ तेरे इन्जार का हमें मलाल नहीं’। मुजीब सिद्दीक ने पढ़ा’ प्रेम करूना की नीर भाषा, है ये संतों की पीर भाषा’। इम्तियाज समर ने पढ़ा ‘ दिल से दिल को जोड़ देती है ,सिर्फ हिंदी जुबान है यारों।’ मधुसूदन पांडेय ने पढ़ा’ हिंदी हिंदुस्तान की भाषा, जन जन में लहराती है’। जय कृष्ण शुक्ल ने पढ़ा, ‘भीड़ रोजी से हटाई जा रही है’। आर्शी वास्तवी ने पढ़ा’ ‘और क्या क्या मिशाल दूँ अर्शी, जिस्म उर्दू तो जान है हिंदी’। गोमल प्रसाद ने पढ़ा’ ‘हिंदी भावों की भवानी है’। डॉ इंद्रजीत गोविंद राव अपनी रचना’ गिरना नहीं है गिर कर संभालना है जिंदगी’ से खूब वाह वाही बटोरी।
     इस अवसर पर विद्यालय प्रधानाचार्य श्री बी.डी.यादव ने सभी हिंदी साहित्यकारों मधुसूदन पांडेय, बलराम राय, मुजीब सिद्दीकी, गोमल प्रसाद, सुरेंद्र गोपाल,
इम्तेयाज समर, आरसी बस्तवी, जय कृष्ण शुक्ल, आर के भट्ट, नुरूल नूर अशोक शर्मा को अंगवस्त्र प्रदान कर सम्मानित किया। गोष्ठी की अध्यक्षता परमहंस पांडेय ने किया और कार्यक्रम का सफल संचालन फिरोज अली व मधुसूदन पांडेय ने संयुक्त रूप से किया।

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