उत्तर प्रदेश

मदरसा आधुनिकीकरण शिक्षकों ने बकाया मानदेय भुगतान के सम्बंध में मंत्री को सौंपा ज्ञापन, कौड़ी कौड़ी को मोहताज़ हैं मदरसा आधुनिकीकरण शिक्षक- मज़हर अली

भटनी देवरिया।  सरकार मदरसों को एक तरफ़ आधुनिक बनाने को कह रही हैं तो दूसरी तरफ मदरसा आधुनिक शिक्षकों के 53 महीने का मानदेय नही दे रही है जिससे ये शिक्षक परेशानी के हालत से जूझ रहे हैं।इस सम्बंध में माननीय मंत्री जय प्रकाश निषाद पशुधन, मत्स्य व दुग्ध विकास मंत्री उत्तर प्रदेश सरकार को मदरसा आधुनिकीकरण शिक्षक एकता समिति के जिला अध्यक्ष मजहर अली ने प्रदेश के आधुनिक शिक्षकों के 53 माह के बकाया मानदेय की समस्या को दूर करने की गुजारिश करते हुए एक ज्ञापन सौंपा है | केंद्र  मदरसा आधुनिकीरण शिक्षक ( SPQEM /SPEMM ) योजनांतर्गत कार्यरत उत्तर प्रदेश के 25000 हजार  आधुनिक शिक्षकों के 53 महीने के बकाया केंद्राश ( मानदेय ) भुगतान, केन्द्रांश भुगतान हेतु नवीन गाइडलाइन के अनुसार उत्तर प्रदेश सरकार की 40 प्रतिशत की हिस्सेदारी का सत्र 2018-19 से सत्र 2021-22 तक का केन्द्रांश /मानदेय का तत्काल भुगतान, राज्य सरकार द्वारा दिये जाने वाले अतिरिक्त राज्यांश का केन्द्रांश के बराबर बढोत्तरी एवं वेतन व मानदेय का प्रतिमाह पोर्टल के माध्यम से भुगतान, मदरसा आधुनिकीकरण शिक्षक सेवा नियमावली का निर्माण एवं शिक्षको के स्थायीकरण की मांगों को लेकर यह ज्ञापन माननीय मंत्री जी को सौंपा गया। मजहर अली ने बताया कि योजना में कार्यरत स्नातक शिक्षकों को केन्द्रांश रुपये 6000 एवं अतिरिक्त राज्यांश रुपये 2000 कुल 8000 रुपये एवं परास्नातक / बीएड शिक्षकों को केन्द्रांश रुपये 12000 एवं अतिरिक्त राज्यांश रुपये 3000 कुल रु 15000 दिए जाने का प्रावधान है | जो कि महंगाई को देखते हुए अत्यंत कम है मदरसा आधुनिकीकरण शिक्षकों की सेवा नियमावली पुस्तिका न होने के कारण शिक्षकों का भविष्य अंधकार में है तथा इसके अभाव में उन्हें कई प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। ज्ञापन देने में शामिल मेराज अंसारी, अनिल कुमार बरगाह, मो. परवेज आलम आदि आधुनिक अध्यापक उपस्थित रहें |

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