उत्तर प्रदेशराज्यलखनऊ

शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत श्रावस्ती के निजी स्कूलों में 460 बच्चों का हुआ दाखिला

सीएम योगी के विजन को श्रावस्ती ने किया साकार, आरटीई का लाभ देने में अव्वल

लखनऊ। योगी सरकार प्रदेश के भविष्य यानी बच्चों को समान शिक्षा का अधिकार देने एवं तकनीक के माध्यम से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के लिए लगातार युद्धस्तर पर कार्य कर रही है। पिछली सरकारों में बदहाली का शिकार रहे सरकारी स्कूल आज प्राइवेट स्कूलों को भी फेल कर रहे हैं। इसके साथ ही योगी सरकार ने गरीब बच्चों को शिक्षा के अधिकार अधिनियम के तहत निजी स्कूलों में दाखिला दिलाने की दिशा में प्रभावी कदम उठाये हैं।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने हाल ही जनता दर्शन में मुरादाबाद की एक बच्ची का निजी स्कूल में निशुल्क दाखिला कराया और पढ़ाई का खर्च भी उठाया, जो उनकी संवेदनशीलता को दर्शाता है। इतना ही नहीं प्रदेश में प्राथमिकता के आधार पर गरीब बच्चों का आरटीई के तहत निजी स्कूलों में दाखिला कराया जा रहा है। इस कड़ी में पूरे प्रदेश में श्रावस्ती ने आरटीई के तहत निजी स्कूलों में गरीब बच्चों का दाखिला कराने में पहला स्थान प्राप्त किया है जबकि गोंडा दूसरे और बस्ती तीसरे स्थान पर है।

श्रावस्ती ने 465 लक्ष्य के सापेक्ष कराया 460 बच्चों का दाखिला

श्रावस्ती जिलाधिकारी अजय कुमार द्विवेदी ने बताया कि शैक्षिक सत्र 2025-26 में श्रावस्ती जनपद में 460 बच्चों का निजी स्कूलों में दाखिला कराया गया है। इसी के साथ पूरे प्रदेश में आरटीई के तहत लक्ष्य के सापेक्ष सबसे अधिक निजी स्कूलों में दाखिला कराने में श्रावस्ती ने बाजी मारते हुए पहला स्थान प्राप्त किया है।

गोंडा आवेदन के सापेक्ष 95 प्रतिशत बच्चों का दाखिला करा दूसरे स्थान पर

गोंडा जिलाधिकारी नेहा शर्मा ने बताया कि शैक्षिक सत्र 2025-26 में गोंडा को 2079 बच्चों का दाखिला निजी स्कूलों में कराने का लक्ष्य दिया गया था। इसके सापेक्ष 1975 बच्चों का निजी स्कूलों में दाखिला कराया गया है। इसी के साथ पूरे प्रदेश में आरटीई के तहत लक्ष्य के सापेक्ष निजी स्कूलों में दाखिला कराने में गोंडा ने दूसरा स्थान प्राप्त किया है। इसी तरह बस्ती ने 591 लक्ष्य के सापेक्ष 553 बच्चों का दाखिला कराकर तीसरा स्थान प्राप्त किया है, जिसका रेश्यो 93.57 प्रतिशत है। वहीं फिरोजाबाद ने 4,358 लक्ष्य के सापेक्ष 4,060 बच्चों का दाखिला कराकर चौथा स्थान प्राप्त किया है, जिसका रेश्यो 93.16 प्रतिशत है। वहीं बलरामपुर पांचवें स्थान पर है, जहां 771 लक्ष्य के सापेक्ष 712 बच्चों का दाखिला कराया गया। इसका रेश्यो 92.35 प्रतिशत है।

ऐसे होता है बच्चों का चयन

आरटीई के तहत पात्रता श्रेणी में आने वाले अभिभावकों से उनके बच्चों के प्रवेश के लिए आवेदन मांगे जाते हैं। फिर आवेदन पत्रों की जांच के बाद लॉटरी के माध्यम से बच्चों का चयन किया जाता है। यह प्रक्रिया चार चरणों में होती है। इसके बाद चयनित बच्चे का दाखिला कराया जाता है।

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