उत्तर प्रदेशलखनऊ

अखिलेश मुझे माफ करना.., सरकारी सिस्टम के दलदल में फंसा प्रोजेक्ट, मृतक ने सुसाइड नोट में बयां किया अपना दर्द, बच्चे-पिस्टल का भी किया जिक्र

लखनऊ। व्यवसायी आदित्य मिश्रा की मौत के बाद पुलिस को जो सुसाइड नोट बरामद हुआ है वह कई सवाल खड़ा करता है। ‌प्रॉपर्टी डीलर व हिंदू युवा सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष आदित्य मिश्रा की मौत के पीछे जो कारण निकल के सामने आया है वह चौंकाने वाला है। आदित्य मिश्रा ने अपने सुसाइड नोट में कहा है कि वह संस्कार नगरम नाम से एक प्रोजेक्ट पर काम कर रहे थे तमाम प्रयासों के बावजूद कई विभागों से एनओसी नहीं मिल सका, जिसके चलते व्यवसाय में तगड़ा नुकसान हुआ है। ‌ प्रोजेक्ट पूरा न होने के चलते आदित्य मिश्रा तनाव में थे इसलिय उन्होंने खुद को गोली मार ली।

बच्चों को लेकर जताई चिंता

खुद को मौत के घाट उतारने से पहले आदित्य मिश्रा ने भावुक सुसाइड नोट लिखा है। अपने सुसाइड नोट में आदित्य मिश्रा ने बच्चों के प्रति अपनी चिंता जाहिर की है। सुसाइड नोट में आदित्य मिश्रा ने लिखा कि विनय भैया प्रणाम मेरे पास अब कुछ भी नहीं बचा है आपसे ज्यादा मैं किसी पर भरोसा नहीं कर सकता। संस्कार नगराम प्रोजेक्ट अब पूरा नहीं हो पाएगा, मुझे माफ कर दीजिएगा। मेरे पास अब कोई रास्ता नहीं बचा है।

प्रोजेक्ट की जमीन बेचकर मेरे बच्चों को पैसा दे दीजिएगा। इस पैसे से वह पल जाएंगे वरना उनकी जिंदगी खराब हो जाएगी, आपका बड़ा एहसान होगा। सुसाइड नोट में आदित्य मिश्रा ने अखिलेश का जिक्र करते हुए लिखा है कि अखिलेश तुमने मेरा बहुत साथ दिया अब बहुत कष्ट में हूं संस्कार नगरम नहीं बस पाया।

जिस पिस्टल से मारी गोली उसके बारे में भी बताया

आदित्य ने उस पिस्टल के बारे में भी सुसाइड नोट में जानकारी दी है जिससे उससे उसने आत्महत्या की। ‌खुलासा करते हुए आदित्य मिश्रा ने लिखा कि एनकाउंटर में मारे गए माफिया विनोद उपाध्याय की पिस्टल से उसने आत्महत्या की है। विनोद उपाध्याय पूर्वांचल का एक बड़ा माफिया था जिसे 5 जनवरी 2024 को एसटीएफ ने एनकाउंटर में मार गिराया था। ‌ वर्ष 2014 में लखनऊ विश्वविद्यालय के छात्र नेता उपेंद्र सिंह उर्फ मोनू की हत्या में आदित्य मिश्रा पर आरोप लगे थे। इसी के साथ लुलु मॉल में हनुमान चालीसा पढ़ने के मामले में भी पुलिस ने आदित्य मिश्रा को आरोपी बनाया था।

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