अखिल भारतीय हिन्दू महासभा एक संगठन नहीं विचार है

- राष्ट्रीय कार्यकारिणी में सूर्यपाल सिंह बने नए प्रदेश अध्यक्ष
- सनातन के प्रचार प्रसार के लिए संगठन और किया जाएगा मजबूत
लखनऊ। अखिल भारतीय हिन्दू महासभा केवल एक संगठन नहीं, बल्कि एक विचार है—जो राष्ट्र, संस्कृति, धर्म और समाज के उत्थान के लिए समर्पित है। मेरा प्रयास रहेगा कि इस विचार को जन-जन तक पहुंचाया जाए। यह बात अखिल भारतीय हिंदू महासभा के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष सूर्यपाल सिंह ने कही।
उन्होंने कहा कि इससे समाज के हर वर्ग, विशेषकर युवाओं और महिलाओं को इससे जोड़ा जाएगा। इसके साथ ही संगठन को जन आंदोलन के रूप में विकसित किया जाएगा। जिसमें सेवा, समरसता और संस्कार को प्राथमिकता दी जाएगी। उन्होंने घोषणा की कि प्रत्येक जिले में संगठनात्मक ढांचे को मजबूत किया जाएगा और युवाओं के लिए राष्ट्र निर्माण से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
इससे पूर्व संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष स्वामी त्रिलोकी नारायण महाराज एवं राष्ट्रीय महासचिव नीरज पांडे, राष्ट्रीय संगठन प्रभारी अनिल कुमार शर्मा, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष डॉ. रेखा त्रिपाठी, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष त्रिपुरारी रावत की उपस्थिति में समाजसेवी एवं वरिष्ठ नौकरशाह सूर्यपाल सिंह को कार्यकारिणी की बैठक में प्रदेश अध्यक्ष मनोनीत करते हुए मनोनयन पत्र प्रदान किया गया। इस अवसर पर श्री सिंह का भव्य स्वागत करते हुए संगठन ने उनके प्रशासनिक अनुभव और सामाजिक प्रतिबद्धता को संगठन के लिए एक नई ऊर्जा बताया। इस अवसर पर नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष ने घोषणा की कि प्रत्येक जिले में संगठनात्मक ढांचे को मजबूत किया जाएगा और युवाओं के लिए राष्ट्र निर्माण से जुड़े कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
महिला मोर्चा और विस्तार की नई पहल
संगठन की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक में महिला मोर्चा को सशक्त करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। शिक्षिका गरिमा गौतम को महिला मोर्चा की राष्ट्रीय महासचिव और मीनाक्षी गौतम को महिला प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया। संगठन का लक्ष्य है कि महिलाएं न केवल सामाजिक कार्यों में बल्कि निर्णय प्रक्रिया में भी सक्रिय भूमिका निभाएं। इसके अलावा प्रदेश एवं ज़िलों के अन्य पदाधिकारियों को भी मंच पर मनोयन पत्र प्रदान किए गए। राष्ट्रीय नेतृत्व ने संगठन के विस्तार के लिए सभी पदाधिकारियों को सक्रियता से कार्य करने का आह्वान किया। पदाधिकारियों ने कहा कि हम सब मिलकर एक ऐसा समाज गढ़ेंगे जहाँ सेवा ही धर्म और राष्ट्रप्रेम ही कर्म होगा।



