टीबी मुक्त जनपद की ओर कदम: 100 दिवसीय अभियान में 2,023 मरीज चिन्हित, स्वास्थ्यकर्मियों को सीएमओ ने किया सम्मानित

- जिलाधिकारी दिव्या मित्तल की निगरानी में टीबी मरीजों की पहचान और इलाज में आई तेजी
गौरव कुशवाहा
देवरिया। विश्व क्षय रोग (टीबी) दिवस के अवसर पर जनपद में टीबी मुक्त भारत अभियान के 100 दिन पूरे होने पर विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिलाधिकारी दिव्या मित्तल की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में टीबी उन्मूलन को लेकर किए जा रहे प्रयासों की समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने स्पष्ट संदेश दिया कि जागरूकता और समय से उपचार ही क्षय रोग को जड़ से खत्म करने का सबसे कारगर तरीका है।
जिलाधिकारी ने कहा कि क्षय रोग एक संक्रामक बीमारी है, जिसका समय पर इलाज न केवल मरीज को जीवनदान देता है, बल्कि समाज को भी संक्रमण से बचाता है। उन्होंने जनता से अपील की कि अगर कोई टीबी के लक्षण महसूस करे तो तुरंत जांच कराएं और पूरा इलाज कराएं। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के साथ-साथ पंचायत प्रतिनिधियों और जागरूक नागरिकों से भी आह्वान किया कि वे टीबी मरीजों को सहयोग दें और उन्हें समय से इलाज के लिए प्रेरित करें।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश झा ने बताया कि 100 दिवसीय विशेष अभियान के तहत जनपद के 5,86,012 लोगों की स्क्रीनिंग की गई। सीबी-नॉट मशीन से 8,447 और माइक्रोस्कोप से 6,973 लोगों की जांच की गई, जबकि 29,818 लोगों का एक्स-रे किया गया। अभियान के दौरान कुल 2,023 मरीजों की पुष्टि हुई। सभी मरीजों को निशुल्क इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।
डॉ. झा ने क्षय उन्मूलन में अहम भूमिका निभाने वाले कर्मचारियों को सम्मानित किया। सम्मान पाने वालों में डिप्टी डीटीओ डॉ. रंजीत कुशवाहा, देवेन्द्र प्रताप सिंह, चन्द्रप्रकाश त्रिपाठी, मृत्युंजय पाण्डेय, उदयभान उपाध्याय, मान्धाता सिंह, सुनील सिंह, आरिफ, विजय विश्वकर्मा, डीएन तिवारी, मो. शाहिद सहित दर्जनों स्वास्थ्य कर्मी शामिल रहे।
इस अवसर पर सूचना अधिकारी शान्तनु श्रीवास्तव, औषधि निरीक्षक रूद्रेश त्रिपाठी समेत कई अधिकारी उपस्थित रहे। अंत में जिलाधिकारी ने कहा कि जनपद को जल्द ही टीबी मुक्त बनाने के लिए सभी को सामूहिक प्रयास करना होगा।



