सदर रेलवे स्टेशन पर सेना के जवान से बदसलूकी, सीओ सिटी पर लगा थप्पड़ मारने का आरोप

- पुलिस का किसी भी तरह की अभद्रता करने से इनकार
गौरव कुशवाहा
देवरिया। एक ओर जहां देश की सीमाओं की हिफाजत करने वाले जवानों को सम्मान की दृष्टि से देखा जाता है, वहीं रविवार की रात सदर रेलवे स्टेशन पर असम राइफल्स में तैनात एक सैनिक के साथ पुलिस के कथित दुर्व्यवहार ने कानून की मर्यादाओं और मानवीय गरिमा पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, रविवार की रात करीब 10:30 बजे सेना का जवान विकास प्रजापति रेलवे स्टेशन परिसर में अपने परिचित को लेने पहुंचा था। इसी दौरान स्टेशन पर वाहन चेकिंग अभियान चला रहे सीओ सिटी संजय कुमार रेड्डी और कोतवाली पुलिस टीम से उसका सामना हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जवान से बिना किसी पूछताछ के एक अधिकारी द्वारा थप्पड़ मारा गया। जब जवान ने विरोध में पूछा कि उसे थप्पड़ क्यों मारा गया, तो बहस शुरू हो गई और देखते ही देखते झड़प की स्थिति बन गई।
स्थिति तब और बिगड़ी जब मौजूद पुलिसकर्मी ने जवान का मोबाइल फोन जबरन छीन लिया। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद यात्रियों की भीड़ जवान के समर्थन में आ गई। हालांकि पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के बजाय जवान विकास प्रजापति और एक अन्य युवक साकार दुबे को हिरासत में लेकर कोतवाली ले गई। सोमवार को दोनों का शांति भंग की धारा 151 में चालान कर दिया गया।
सेना के जवान विकास प्रजापति बताया कि मैं चुपचाप पार्किंग की ओर जा रहा था, तभी सीओ साहब आए और बिना कोई बात पूछे थप्पड़ मार दिया। जब मैंने सवाल किया तो मुझे घसीटते हुए मोबाइल भी छीन लिया गया।
इस पूरे घटनाक्रम पर पुलिस प्रशासन ने अलग ही बयान जारी किया है। पुलिस अधीक्षक विक्रान्त वीर के निर्देशन में चल रहे अभियान का हवाला देते हुए कहा गया कि रेलवे स्टेशन रोड पर चेकिंग के दौरान कुछ लोगों द्वारा पुलिस टीम से अभद्रता की गई, जिसके बाद दो लोगों को गिरफ्तार कर विधिक कार्रवाई की गई है।
इस मामले पर अपर पुलिस अधीक्षक (दक्षिणी) सुनिल कुमार सिंह ने बताया कि दिनांक 25.05.2025 की रात्रि समय 08 बजे से 10 बजे जनपदीय पुलिस द्वारा संदिग्ध व्यक्तियों/ वाहनों की चेकिंग की जा रही थी । इसी क्रम में थाना कोतवाली क्षेत्र में क्षेत्राधिकारी नगर के नेतृत्व में भी थाना कोतवाली पुलिस द्वारा रेलवे स्टेशन रोड पर चेकिंग की जा रही थी, चेकिंग के दौरान कुछ व्यक्तियों द्वारा शराब के नशे में पुलिस टीम से अभद्रता की गई । उल्लेखनीय है कि उपरोक्त व्यक्तियों का पुलिस द्वारा मेडिकल परीक्षण कराया गया, जिसमें इस बात की पुष्टि भी हो रही है । पुलिस द्वारा 02 अभियुक्तों को गिरफ्तार नियमानुसार विधिक कार्रवाई की गई है ।

इस घटना ने सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएँ उत्पन्न की हैं। कई यूजर्स ने इसे सेना के सम्मान के साथ खिलवाड़ बताया है। एक X यूजर ने लिखा, देवरिया में पुलिस का अमानवीय चेहरा सामने आया। बीएसएफ जवान की पिटाई का वीडियो शर्मनाक है। विपक्षी दलों ने इसे योगी सरकार की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाने का अवसर बनाया है।
उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के एक प्रतिनिधि ने X पर पोस्ट करते हुए लिखा, एक तरफ भाजपा सेना के नाम पर तिरंगा यात्रा निकाल रही है, वहीं दूसरी तरफ योगी सरकार की देवरिया पुलिस सेना के जवान को पीटकर लहूलुहान कर रही है।इस पोस्ट में सरकार और पुलिस पर सवाल उठाए गए हैं।



