रचनात्मक पेशेवरों ने सीखी शॉर्ट फिल्म निर्माण की बारीकियां

- जागृति उद्यम केंद्र के सभागार में आयोजित हुई कार्यशाला
- देवरिया, गोरखपुर, कुशीनगर, संतकबीरनगर, मऊ, बलिया सहित विभिन्न जिलों से आए उद्यमियों और रचनात्मक पेशेवरों ने लिया भाग
गौरव कुशवाहा
देवरिया। पूर्वांचल में रचनात्मकता को प्रोत्साहित करने की दिशा में गुरुवार को जागृति उद्यम केंद्र–पूर्वांचल ने नई पहल की। देवरिया के बरपार स्थित बरगद सभागार में शॉर्ट फिल्म निर्माण और स्टोरीटेलिंग पर केंद्रित कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसमें देवरिया, गोरखपुर, कुशीनगर, संतकबीरनगर, मऊ, बलिया सहित विभिन्न जिलों से आए उद्यमियों और रचनात्मक पेशेवरों ने भाग लिया।
कार्यशाला में प्रसिद्ध फिल्म निर्देशक कुणाल चोपड़ा ने प्रतिभागियों को फिल्म निर्माण की प्रारंभिक बारीकियों से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि हर इंसान अपने आप में एक्टर, क्रिएटर और डिजाइनर है, लेकिन अब तक इसके लिए अवसर बड़े शहरों तक ही सीमित थे। आज सोशल मीडिया के माध्यम से यह मंच ग्रामीण क्षेत्रों तक भी पहुंच गया है।
उन्होंने कहा कि अगर आप अपनी कहानी को दर्शकों तक प्रभावी ढंग से पहुंचाना चाहते हैं, तो जरूरी है कि आप उसके किरदार को भीतर से महसूस करें। कहानी को दृश्य माध्यम में प्रस्तुत करने के लिए उसका स्पष्ट सिक्वेंस होना आवश्यक है। भाषा अब कोई बड़ी बाधा नहीं रही, बॉडी लैंग्वेज के जरिए भी विचारों को प्रभावशाली ढंग से व्यक्त किया जा सकता है।
कार्यशाला में प्रतिभागियों को मोबाइल फोन के माध्यम से रील्स, वीडियो, स्क्रिप्ट राइटिंग और वीडियो एडिटिंग के सरल व व्यावहारिक टिप्स दिए गए, ताकि वे इंस्टाग्राम और यूट्यूब जैसे डिजिटल प्लेटफॉर्म्स पर गुणवत्तापूर्ण कंटेंट बना सकें।
जागृति उद्यम केंद्र के प्रोग्राम मैनेजर मनीष बजाज ने कहा कि यह कार्यशाला युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक सार्थक प्रयास है। भविष्य में भी ऐसे आयोजन लगातार किए जाएंगे ताकि स्थानीय प्रतिभाओं को प्लेटफॉर्म मिल सके।
इस अवसर पर फिल्म सह-निदेशक मिराज जोशी, लीड प्रोड्यूसर चिरंजीवी, सिनेमेटोग्राफर शशांक हर्ष ने भी रचनात्मक पेशेवरों को शॉर्ट फिल्म निर्माण की तकनीकी और रचनात्मक बारीकियों से अवगत कराया। कार्यक्रम में जागृति की इन्क्यूबेशन डायरेक्टर वीणा हनमसागर, एसोसिएट डायरेक्टर विश्वास पांडेय, एसोसिएट मैनेजर अनुराग तिवारी, राजीव राय, बैकुंठनाथ शुक्ल आदि मौजूद रहे।



