एफआईआर दर्ज होने से पहले युवक को हिरासत में लेना कानून का उल्लंघन : अधिकार सेना

लखनऊ। अलाया अपार्टमेंट मामले में मुकदमा दर्ज होने से पहले ही युवक को मेरठ से पुलिस हिरासत में लिए जाने को लेकर अधिकार सेना ने कानून का उल्लंघन होना बताया है। इसकी शिकायत राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग से की है।
अधिकार सेना पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने आयोग से की शिकायत में कहा है कि अलाया अपार्टमेंट मामले में 25 जनवरी को 11 बजकर 44 मिनट पर हजरतगंज कोतवाली में गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ था। लेकिन इस एफआईआर के एक युवक नवाजिश को मेरठ पुलिस ने 24 जनवरी की रात एक बजे के दरमियान उनके मेरठ स्थित निवास से हिरासत में ले लिया था। वहां से उन्हें पुलिस की गाड़ी में अभियुक्त की तरह लखनऊ ले गयी, जहां अगले दिन उन्हें लखनऊ पुलिस ने गिरफ्तार बताया है।
अमिताभ ने कहा कि किसी भी क्रिमिनल केस में कोई भी कार्यवाही एफआईआर दर्ज होने के बाद ही होती है। ऐसे में एफआईआर के दर्ज होने के लगभग 11 घंटे पहले एक व्यक्ति को पुलिस हिरासत में लिया जाना प्रथम दृष्टया अवैध हिरासत का मामला दिखता है, क्योंकि उस समय तक एफआईआर नहीं होने के कारण कानूनन पुलिस के पास किसी व्यक्ति के उस मामले में अभियुक्त होने की कोई जानकारी नहीं थी। उन्होंने कहा कि यूपी पुलिस लगातार इस प्रकार के गैर-कानूनी कामों में संलग्न है। अतः उन्होंने मामले की जांच एवं कार्यवाही की मांग की है।



