दिव्यांगजनों के जीवन में सहायक उपकरणों से आएगा बदलाव : डीएम दिव्या मित्तल

- डीएम ने ग्राम प्रधानों से की अपील, दिव्यांगजनों को शिविर तक पहुँचाना बनाएं प्राथमिकता
गौरव कुशवाहा
देवरिया। जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने मंगलवार को राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई), देवरिया का दौरा कर 22 और 23 मार्च को आयोजित होने वाले दिव्यांगजन चिन्हांकन शिविर की तैयारियों का निरीक्षण किया। यह शिविर सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय, भारत सरकार के तत्वावधान में भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम (एलिम्को), कानपुर द्वारा आयोजित किया जा रहा है। शिविर का उद्देश्य दिव्यांगजनों को उनकी आवश्यकता के अनुसार सहायक उपकरण प्रदान करना है, जिससे उनके जीवन में सुविधा और आत्मनिर्भरता आए।
डीएम दिव्या मित्तल ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि शिविर में आने वाले दिव्यांगजनों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। इसके लिए हेल्प डेस्क, पेयजल, शौचालय, बैठने की समुचित व्यवस्था, चिकित्सकीय सहायता व अन्य मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने कहा कि चिन्हित लाभार्थियों की सूची एलिम्को कानपुर भेजी जाएगी, जिसके आधार पर उपकरण उपलब्ध होंगे और उनका वितरण ब्लॉक स्तर पर जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति में कराया जाएगा।
डीएम ने ग्राम प्रधानों से विशेष अपील की कि वे अपने गांव के दिव्यांगजनों को शिविर में लाने में मदद करें ताकि वे इस योजना का लाभ उठा सकें। शिविर स्थल पर दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाने की भी सुविधा दी जाएगी। जिन दिव्यांगजनों की पेंशन रुकी हुई है या नए आवेदन करने हैं, उनके लिए बैंक और पोस्ट ऑफिस काउंटर की व्यवस्था भी रहेगी।
निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी प्रत्यूष पाण्डेय, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश झा, एसडीएम एवं ज्वाइंट मजिस्ट्रेट श्रुति शर्मा, जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी प्रियंका चौधरी, एआरटीओ आशुतोष चतुर्वेदी और डीएसओ संजय पांडेय सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
डीएम ने सभी दिव्यांगजनों से शिविर में पहुंचकर योजना का लाभ उठाने की अपील की।
पंजीकरण हेतु जरूरी दस्तावेज और पात्रता शर्तें निर्धारित
देवरिया। आगामी 22 व 23 मार्च को राजकीय आईटीआई देवरिया में आयोजित दिव्यांगजन चिन्हांकन शिविर में पंजीकरण के लिए दिव्यांग प्रमाण पत्र और यूडीआईडी कार्ड अनिवार्य होंगे। साथ ही, आवेदक की मासिक पारिवारिक आय ₹22,500 से अधिक नहीं होनी चाहिए, जिसका प्रमाण ग्राम प्रधान, विधायक या सांसद द्वारा जारी किया जा सकता है।
आवेदकों को आधार कार्ड, वोटर कार्ड, बीपीएल राशन कार्ड, बैंक पासबुक अथवा पैन कार्ड की छायाप्रति प्रस्तुत करनी होगी। लाभार्थी यदि पिछले तीन वर्षों में किसी शासकीय योजना से सहायक उपकरण प्राप्त कर चुके हैं तो वे पात्र नहीं होंगे। मोटराइज्ड ट्राईसाइकिल हेतु यह अवधि पांच वर्ष निर्धारित की गई है।
शिविर में आधार प्रमाणीकरण, एनपीसीआई पंजीकरण और इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक के माध्यम से बैंक खाता खोलने की सुविधा दी जाएगी। जिन दिव्यांगजनों के पास प्रमाण पत्र नहीं है, उनके लिए मौके पर ही प्रमाण पत्र जारी किए जाएंगे।



