हरदोई मेडिकल कॉलेज में पहली सफल नी-रिप्लेसमेंट सर्जरी, आयुष्मान योजना से मिला नया जीवन

हरदोई। उत्तर प्रदेश के हरदोई स्थित सरकारी मेडिकल कॉलेज में आजादी के बाद पहली बार सफल घुटना प्रत्यारोपण (नी-रिप्लेसमेंट) सर्जरी की गई। यह जटिल ऑपरेशन आयुष्मान भारत योजना के तहत निःशुल्क किया गया। जिस सर्जरी के लिए निजी अस्पतालों में करीब चार लाख रुपये का खर्च बताया जा रहा था, वही उपचार सरकारी मेडिकल कॉलेज में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ।
सुरसा थाना क्षेत्र के सर्रा गांव निवासी 68 वर्षीय धर्मवीर पिछले दो वर्षों से दोनों घुटनों के असहनीय दर्द से परेशान थे। घुटने पूरी तरह घिस जाने के कारण उनका चलना-फिरना लगभग असंभव हो गया था। परिजन उन्हें कई निजी अस्पतालों में ले गए, जहां भारी खर्च बताए जाने के कारण उपचार संभव नहीं हो पा रहा था।
इसके बाद परिजन हरदोई मेडिकल कॉलेज पहुंचे, जहां ऑर्थोपेडिक विभाग के विशेषज्ञ डॉ. अविक राय और डॉ. विनीश वर्मा ने जांच के बाद घुटना प्रत्यारोपण को ही एकमात्र विकल्प बताया। मरीज को आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत भर्ती कर विशेषज्ञ टीम ने कई घंटे तक चली जटिल सर्जरी को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। यह मेडिकल कॉलेज और जिले-दोनों के इतिहास में पहला नी-रिप्लेसमेंट ऑपरेशन है।
डॉ. विनीश वर्मा ने बताया कि अब जिले के मरीजों को महंगे निजी अस्पतालों का रुख नहीं करना पड़ेगा। सरकारी मेडिकल कॉलेज में आधुनिक तकनीक के साथ इस तरह की सर्जरी संभव है। सफल ऑपरेशन के बाद मरीज और उनके परिजनों ने डॉक्टरों व मेडिकल स्टाफ का आभार व्यक्त किया। यह उपलब्धि आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों के लिए बड़ी राहत मानी जा रही है।



