नकलविहीन परीक्षा के लिए प्रशासन अलर्ट, परीक्षा केंद्रों पर विशेष निगरानी के निर्देश

- हाईस्कूल के 65,120 और इंटर के 64,055 छात्र देंगे परीक्षा
- संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत होगी कार्रवाई, एलआईयू और एसटीएफ अलर्ट
गौरव कुशवाहा
देवरिया। यूपी बोर्ड परीक्षा को पूर्णतया पारदर्शी और नकलविहीन कराने के लिए जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने सोमवार को देवरिया क्लब में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। बैठक में केंद्र व्यवस्थापक, जोनल एवं सेक्टर मजिस्ट्रेट, स्टेटिक मजिस्ट्रेट और पुलिस अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए कि परीक्षा संचालन में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जिलाधिकारी ने निर्देश दिया कि सभी परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से कड़ी निगरानी रखी जाए। परीक्षा कक्षों में कैमरों, वॉयस रिकॉर्डर और राउटर की व्यवस्था को पूरी तरह दुरुस्त करने के आदेश दिए गए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी परीक्षा केंद्र पर सीसीटीवी कैमरे बंद पाए जाते हैं तो संबंधित अधिकारी को जिम्मेदार ठहराया जाएगा।

डीएम ने यह भी निर्देश दिया कि परीक्षा केंद्रों पर साफ-सफाई, रोशनी, पेयजल, शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाओं की व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि परीक्षार्थियों को किसी प्रकार की असुविधा न हो।
जिले में कुल 179 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जिनमें हाईस्कूल के 65,120 और इंटरमीडिएट के 64,055 परीक्षार्थी शामिल होंगे। परीक्षा के दौरान एलआईयू और एसटीएफ की टीम विशेष सतर्कता बरतेगी और संदिग्ध गतिविधियों पर तुरंत कार्रवाई करेगी।
पुलिस अधीक्षक विक्रांत वीर ने कहा कि परीक्षा में नकल रोकने के लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे। सभी अधिकारी शासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन करें। परीक्षा केंद्रों के आसपास धारा 144 लागू रहेगी और अवांछनीय तत्वों की सख्त निगरानी की जाएगी।

जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय में स्थापित कंट्रोल रूम का निरीक्षण किया। उन्होंने सीसीटीवी कैमरों की गुणवत्ता जांची और अधिकारियों को निर्देश दिए कि परीक्षा के दौरान कोई भी संदिग्ध गतिविधि दिखाई देने पर तुरंत सूचना दी जाए।



