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हादसा नहीं हत्या… योगी सरकार का बड़ा एक्शन, चाइनीज़ माझे से मौत पर होगी कार्यवाई

यूपी में चाइनीज़ माझे को लेकर सीएम योगी ने सख्त आदेश दिए है उन्होंने इसके इस्तेमाल पर प्रतिबन्ध लगा दिया है। और कहा है कि इससे होने वाली मौत को हत्या माना जायेगा। सीएम योगी ने आदेश दिए की पूरे प्रदेश में छापेमारी की जाये। बता दें कि बीतें दिन लखनऊ समेत कई जिलों में जानलेवा हादसे सामने आये है।

चाइनीज़ मांझे पर सख्त प्रतिबंध

यूपी में पतंग उड़ाने का शौक अब जानलेवा साबित हो रहे हैं। इस पर सरकार ने सख्त कदम उठाते हुए ये आदेश दिए सीएम योगी ने इस पर पूरे प्रदेश में ह हो रहे हादसों का संज्ञान लेते हुए ये कहा है कि अगर किसी भी व्यक्ति की मृत्यु इस चाइनीज़ मांझे से होती है तो उस पर गैर इरादतन हत्या का केस चलाया जायेगा।

बीते कुछ समय से चाइनीज़ मांझे की वजह से गला कटने, गंभीर रूप से घायल होने और मौत तक की कई घटनाएं सामने आई हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इन घटनाओं को बेहद गंभीर मानते हुए स्पष्ट कहा कि प्रतिबंध के बावजूद अगर बाजार में यह जानलेवा मांझा बिक रहा है, तो इसकी जिम्मेदारी तय की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से सीधा सवाल किया कि आखिर बैन के बाद भी चाइनीज़ मांझा बाजार तक कैसे पहुंच रहा है।

हैदरगंज ओवरब्रिज पर चाइनीज मांझे से एमआर की कटी गर्दन, मौत

प्रतिबंधित चाइनीज मांझे की बिक्री शहर में धड़ल्ले से हो रही है। इसकी एक बानगी बुधवार को बाजारखाला के हैदरगंज ओवरब्रिज पर देखने को मिली। बाइक से जा रहे एमआर मोहम्मद शोएब (33) चाइनीज मांझे की धार गले में लगने से गम्भीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े। गला कटने से वे खून से लथपथ हो गए। पुलिस ने आनन-फानन में घायल को ट्रामा सेंटर पहुंचाया और परिजन को सूचना दी। उपचार के दौरान घायल शोएब की मौत हो गयी।

लखनऊ की घटना

इस फैसले के पीछे हालिया घटनाओं ने प्रशासन को झकझोर दिया। बुधवार को लखनऊ में एक मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव की चाइनीज़ मांझे से गला कटने के कारण दर्दनाक मौत हो गई। बताया गया कि वह काफी देर तक तड़पता रहा। आंकड़ों के मुताबिक, बीते एक साल में इस तरह की कम से कम आठ घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिनमें कई लोगों की जान जा चुकी है।

बाइक लेकर जा रहे थे काम से, बाजारखाला इलाके की घटना

इंस्पेक्टर बाजारखाला बृजेश सिंह ने बताया कि दुबग्गा निवासी मोहम्मद शोएब मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव थे। परिवार में पत्नी फौजिया, बेटियां सात साल की बुशरा और दो साल की इकरा हैं। रोजाना की तरह शोएब पैंट-शर्ट और टाई पहनकर हेल्मेट लगाकर बाइक से निकले थे। करीब दो बजे जैसे ही वे हैदरगंज ओवरब्रिज पर पर पहुंचे, तभी मांझे की धार गले को रेत कर फंस गयी। दर्द से वे असंतुलित हो गए। तेज धार होने से खून से लथपथ होकर वे पुल के ऊपर गिर पड़े। ये घटना झकझोर देने वाली थी मृतक घर में अकेला कमाने वाला था। बीते 1 साल की बात की जाये तो इस तरह की कम से कम आठ घटनाएं सामने आ चुकी हैं, जिनमें कई लोगों की जान जा चुकी है।

खून से लथपथ होकर बाइक से गिरे

हादसा देख राहगीर दौड़े। राहगीरों ने गले पर रुमाल लपेटने के साथ ही डॉयल-112 पर सूचना दी। जानकारी मिलते ही इंस्पेक्टर बाजारखाला बृजेश सिंह मौके पर पहुंचे। आनन-फानन में घायल शोएब को ट्रामा सेंटर पहुंचाया। शोएब ने अपना नाम और परिजन का नंबर दिया तो पुलिस ने घरवालों को सूचना दी। कुछ देर बाद परिवारवाले भी अस्पताल पहुंच गए। इलाज के दौरान शोएब ने दम तोड़ दिया। डॉक्टरों ने बताया कि गर्दन की नसें कट गई थीं। जिससे ज्यादा खून बहने से शोएब की मौत हुई।

इंस्पेक्टर ने बताया कि मृतक की बहन दिल्ली में डॉक्टर है। खबर मिलते ही बहनोई फैज भी अस्पताल पहुंचे। उन्होंने पुलिस को बताया कि दोपहर करीब साढे़ तीन बजे पत्नी ने कॉल कर बताया कि शोएब का एक्सीडेंट हो गया है। जिसके बाद वे पहुंचे। इंस्पेक्टर ने बताया कि परिजन ने अभी कोई लिखित शिकायत नहीं की है। शिकायत मिलने पर कार्रवाई की जाएगी।

2017 से प्रतिबंधित है चीनी मांझा

नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल ने चीनी मांझे के निर्माण व इस्तेमाल पर 11 जुलाई 2017 को ही प्रतिबंध लगा दिया था। साथ ही आदेश में कहा था कि चीनी मांझे की बिक्री व उसका प्रयोग कानूनन अपराध है। इससे आसमान में पक्षियों और जमीन पर लोगों की जान का खतरा है। प्रतिबंध के बावजूद अवैध रूप से इसकी बिक्री और इस्तेमाल जारी है।

पुराने शहर में चोरी छिपे बिकता है चाइनीज मांझा

सूत्रों की माने तो अकबरी गेट, वजीरबाग, बाजारखाला, हुसैनगंज और बाबूगंज समेत कई इलाकों में चाइनीज मांझे की बिक्री चोरी-छिपे हो रही है। नायलॉन के धागे पर कांच की कोटिंग के बाद यह मांझा तैयार होता है। इसे काटने के लिए कैंची का इस्तेमाल करना पड़ता है। जबकि सामान्य मांझा आसानी से टूट जाता है। सामान्य मांझा चाइनीज मांझे से महंगा भी होता है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कई बार शिकायत के बाद भी न तो प्रशासन ने दुकानें चिन्हित की और न ही किसी पर कार्रवाई की।

पहले भी हुए हैं चाइनीज मांझे से हादसे

– 08 अक्टूबर: बिल्लौचपुरा ओवरब्रिज पर चाइनीज मांझे से व्यापारी नेता आसिम मार्शल घायल।
– 04 अप्रैल: विधानभवन के सामने चाइनीज मांझे से सिपाही आरती कुमारी घायल।
– 23 फरवरी: बीबीडी में मांझे से शुभम घायल।
– 02 अक्टूबर 2024: पकरी पुल पर मांझे से दरोगा आसिफ अली घायल।
– 25 अगस्त: नाका फ्लाईओवर पर मांझा फंसने से सैफ हुआ घायल।
– 28 जुलाई: विधानभवन के पास लांड्री संचालक दिलीप कनौजिया की मांझे से कटी गर्दन।
– 16 जून: चौक में चीनी मांझे से गर्दन कटने से सुधाकर की मौत।
– 14 नवंबर 2023: अलीगंज में अभिषेक मांझे से घायल।
– जून 2023: खुर्रमनगर में कार की सनरूफ पर खड़े रियान सिंह (08) और गौरी (11) मांझे से घायल।
– 15 मई: पिता संग जा रही मर्सिया हुसैन मांझे की चपेट में आई।

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