केजीएमयू: गायनेकोलॉजिकल ऑन्कोलॉजी डिपार्टमेंट ने मनाया अपना पहला फाउंडेशन डे

लखनऊ। किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी के गायनेकोलॉजिकल ऑन्कोलॉजी डिपार्टमेंट ने अपना पहला फाउंडेशन डे मनाया। यह देश के किसी भी सरकारी मेडिकल कॉलेज में अपनी तरह का एक अनोखा डिपार्टमेंट है। ये जानकारी प्रोफेसर डाक्टर निशा सिंह ने दी।
उन्होने बताय कि इस कार्यक्रम की वीसी प्रो सोनिया नित्यानंद चीफ गेस्ट रही,जिन्होंने डिपार्टमेंट की कोशिशों की तारीफ की और अपना आशीर्वाद दिया। प्रो शालिनी राजाराम गेस्ट ऑफ़ ऑनर थीं, जिन्होंने गायनेकोलॉजिकल ऑन्कोलॉजिस्ट की अगली पीढ़ी को ट्रेनिंग और स्किलिंग पर बात कही। कोलगोट्रग की डायरेक्टर डॉ.असीमा मुखोपाध्याय स्पेशल गेस्ट थीं,जिन्होंने गायनेकोलॉजिकल ऑन्कोलॉजी में रिसर्च पर अपनी बात रखी। प्रो वीसी अपजीत कौर और डीन प्रोफेसर वीरेंद्र आतम भी स्पेशल गेस्ट थे, जिन्होंने डिपार्टमेंट को बधाई दी और उसकी तारीफ की।
डॉक्टर निशा के मुताबिक,डिपार्टमेंट को 2015 में मंज़ूरी मिली थी और यह 2024 में शुरू हुआ, जब प्रोफेसर निशा सिंह को पहली फैकल्टी के तौर पर अपॉइंट किया गया और डिपार्टमेंट का हेड बनाया गया। यह डिपार्टमेंट अभी क्वीन मैरी हॉस्पिटल की जेनिटल कैंसर कंट्रोल यूनिट बिल्डिंग में चल रहा है। यहां तीन सीनियर रेजिडेंट,दो फेलोशिप सीटें और नर्सिंग स्टाफ,ऑफिस स्टाफ,रिसर्च ऑफिसर समेत 30 कर्मचारी हैं। इसकी ओपीडी/आईपीडी जनवरी 2025 में और ओटी जुलाई 2025 में शुरू हुई। ओपीडी सोमवार से शनिवार तक चलती है।
सर्वाइकल, ओवेरियन, एंडोमेट्रियल और वल्वा कैंसर से पीड़ित मरीजों को देखा जाता है। यहां चार स्पेशलिटी क्लिनिक हैं-प्रिवेंटिव,हेरेडिटरी,सर्विलांस और मेनोपॉज क्लिनिक। गायन कैंसर का इलाज ज़रूरत के हिसाब से सर्जरी या कीमोथेरेपी से किया जाता है। डिपार्टमेंट में एमआईएस, सेंटिनल लिम्फ नोड बायोप्सी और एचआईपीईसी प्रोसीजर जैसे एडवांस इक्विपमेंट हैं।इस नए बने डिपार्टमेंट में एक साल में 3300 से ज्यादा मरीज़ों को देखा गया है और 450 से ज्यादा का ऑपरेशन किया गया है। साथ ही डिपार्टमेंट में पांच रिसर्च प्रोजेक्ट चल रहे हैं और पिछले एक साल में करीब दस पब्लिकेशन हुए हैं। जिसमें डॉ. सपना श्रीवास्तव – रिसर्च ऑफिसर,सिस्टर दरक्षा रिज़वी – एएनएस,सुशील प्रजापति – पर्सनल असिस्टेंट,ज्ञानेंद्र सहाय – सीनियर टेक्निकल ऑफिसर रहे।



