बजट से कर्मचारियों को निराशा, पुरानी पेंशन व नियमितीकरण पर चुप्पी

राज्य सरकार की ओर से विधानमंडल में प्रस्तुत लगातार दसवें बजट पर राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद ने नाराजगी जताई है। परिषद के अध्यक्ष जेएन तिवारी ने कहा कि बजट भले ही बुनियादी ढांचा, निवेश और विकास उन्मुख बताया जा रहा हो, लेकिन इसमें कर्मचारियों के हितों की अनदेखी की गई है। चुनाव से पहले आखिरी बजट होने के कारण कर्मचारियों को पुरानी पेंशन व्यवस्था (ओपीएस) लागू करने, नई पेंशन योजना को अधिक कल्याणकारी बनाने तथा संविदा, आउटसोर्स और दैनिक वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए ठोस नीति की उम्मीद थी, जो पूरी नहीं हुई।
तिवारी ने कहा कि संविदा कर्मियों के स्थायीकरण, रिक्त पदों पर भर्ती और विभागवार भर्ती कैलेंडर की घोषणा का अभाव निराशाजनक है। उन्होंने आशा और आंगनबाड़ी कर्मियों के लिए निश्चित मानदेय की व्यवस्था न होने पर भी चिंता जताई। परिषद ने रिक्त पदों का जनपदवार श्वेत पत्र जारी करने, चरणबद्ध नियमितीकरण नीति बनाने, तकनीकी कर्मचारियों की नियमित नियुक्ति तथा कैशलेस इलाज सुविधा को सरल बनाने की मांग की है। प्रतिक्रिया में वरिष्ठ उपाध्यक्ष नारायण दुबे, महामंत्री अरुणा शुक्ला सहित अन्य पदाधिकारी भी शामिल रहे।



