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बेटी को मुबारक अली भगा ले गया, बहन को अख्तर ने फंसा लिया, छांगुर बाबा से पीड़ित लोगों ने लखनऊ में सुनाई आपबीती

लखनऊ। धर्म परिवर्तन के मामले में जेल में बंद बलरामपुर उतरौला के रहने वाले जमालुद्दीन उर्फ छांगुर के खिलाफ रोज नये खुलासे हो रहे हैं। छांगुर पर सख्ती को देखते हुए अब पीड़ित परिवार भी एक एक कर सामने आ रहे हैं। मंगलवार को कुछ और पीड़ितों के सामने आने के बाद विश्व हिंदू रक्षा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष गोपाल राय ने कहा कि पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए विश्व हिन्दू परिषद हेल्पलाइन सेवा के जरिये पीड़ितों की मदद करेगा।

दो अप्रैल से लापता है बेटी, नकदी और जेवर भी ले गई साथ

विश्व हिंदू रक्षा परिषद के कार्यालय में आयोजित हुई संवाददाता सम्मेलन के दौरान अपनी बहन बेटियों के लापता होने के प्रमाण लेकर पहुंचे परिजनों में शामिल गाजियाबाद के रहने वाले आजाद सिंह ने बताया कि उनकी बेटी बीते दो अप्रैल से लापता है। वह बीए सेकंड ईयर की छात्रा थी। वह रोज अपने कॉलेज से दोपहर दो बजे तक लौट आती थी पर गायब होने वाले दिन जब वह कॉलेज से नहीं लौटी तो चिंता होने पर वह कॉलेज गए।

कॉलेज में पूछताछ के दौरान उसकी साथी छात्रों ने बताया कि वह कई दिनों से कॉलेज नहीं आ रही थी। उसकी तलाश काफी जगह की पर उसकी कोई जानकारी नहीं मिली। वह जब घर से निकली तो बैंक से 50000 हजार व घर में रखे डेढ़ लाख रुपए सहित जेवर साथ में ले गई थी। उन्होंने बताया कि उनकी बेटी अक्सर किसी मजार पर जाकर प्रसाद चढ़ाने की बात करती थी।

उन्होंने बताया कि उसके गायब होने के 8 दिन बाद उसने किराएदार को फोन कर अपना हाल-चाल बताया था। साथ ही कहा था कि वह अपने पति के फोन से फोन कर रही है। जब हमने उसे नंबर को चेक कराया तो वह नंबर किसी जाकिर खान का निकला। पीड़ित आजाद सिंह ने बताया कि जब छांगुर का धर्मांतरण का खेल सामने आया और समाचार चैनलों पर उसके बारे में देखा, तब मेरी बेटी द्वारा लगातार छांगुर के नाम लिए जाने की बात याद आई। वह अक्सर दादरी के किसी मजार पर प्रसाद चढ़ाने जाती थी और वहां से लौटकर आने पर वह छांगुर से मिलने की बात कहती थी।

बेटी को भगा ले गया मुबारक अली

वहीं बलरामपुर महुयाढार बिलरिया से आए रघुनाथ निषाद ने बताया कि उनकी बेटी की शादी तय हो गई थी। वह अपनी बेटी के शादी की तैयारी में लगे हुए थे। उनके पड़ोस में रहने वाले मुबारक अली नाम के लड़के ने उनकी बेटी को अपने प्रेम जाल में फंसाया और उसे अपने साथ लेकर भाग गया। पीड़ित का आरोप है की उनकी बेटी को बहला कर ले जाकर छांगुर के एजेंट नसीब अली के बेटे मुबारक अली से शादी कराकर उसके परिवार ने मिलकर बेटी का धर्म परिवर्तन कराया है। उनका आरोप है उनकी बेटी का अब तक कुछ भी पता नहीं चला है। पीड़ित का आरोप है लापता बेटी की जानकारी जुटाने के लिए पुलिस से मदद मांगी, वहां से भी मायूसी हाथ लगी।

प्रेमजाल में फंसाकर बहन का ब्रेनवाश करता था अख्तर

मेरठ से आए सुनील नेगी ने बताया कि उनकी बहन साल 2019 से लापता है। वह मूल रूप से मेरठ के रहने वाले हैं और उनकी बहन नोएडा में जॉब करती थी। उन्होंने बताया कि बदर अख्तर नाम के मुस्लिम युवक का उनकी बहन शिकार हुई है। दोनों एक साथ जॉब करते थे। वहीं उनकी मुलाकात हुई थी, लड़का लगातार बहन का ब्रेनवाश करता था। इस बीच बहन से घर वालों की बातचीत कम हो गई। आखिरी बार जब बहन से बातचीत हुई थी तो उसने अपनी जान का खतरा बताया था। यह भी बताया था कि अख्तर ने उसका जबरन धन परिवर्तन करवा दिया है।

इंस्ट्राग्राम पर हिन्दू बनकर राजू राठौर ने दोस्ती

बैंगलोर शहर के सिटी इलाके की पीड़िता का आरोप है उस के साथ साल 2024 को गैगरेप की घटना सहारनपुर मे हुई थी। पीड़िता का आरोप है इंस्ट्राग्राम पर हिन्दू बनकर राजू राठौर से दोस्ती हुई है। पूरा परिवार से बातचीत कर जाल में फसाया। पीड़ित का आरोप अब तक आरोपियों पर कार्यवाही नहीं हुई। गौरतलब है कि बीते तीन जुलाई को विश्व हिंदू रक्षा परिषद के अध्यक्ष गोपाल राय ने मुस्लिम धर्म अपना चुके 15 लोगों की घर वापसी कराई थी। जिसके बाद लखनऊ में यह मामला हाईलाइट हो गया।

जिसके बाद मुख्यमंत्री ने घटना को संज्ञान में लेने के बाद एटीएस ने 5 जुलाई को छांगुर व उसके दो करीबियों को गिरफ्तार किया था। जिसके 10 जुलाई को छांगुर व उसकी करीबी नसरीन को सात दिन की रिमांड पर भेजा गया था। रिमांड पूरा होने के बाद उसे जेल भेज दिया गया। छांगुर पर धर्मपरिवर्तन, जमीनों पर कब्जा करने जैसे कई संगीन आरोप हैं।

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