वादी संवाद दिवस पर पुलिस ने सुनी वादियों की समस्याएं, शीघ्र निस्तारण का दिया आश्वासन

गौरव कुशवाहा
देवरिया। पुलिस अधीक्षक विक्रान्त वीर के निर्देशन में रविवार को जनपद के समस्त थानों पर वादी संवाद दिवस का आयोजन किया गया। प्रत्येक माह के द्वितीय रविवार को थाना स्तर पर आयोजित होने वाले इस संवाद दिवस में बड़ी संख्या में वादीगण पहुंचे और अपने मुकदमों की विवेचनाओं से जुड़ी समस्याओं को सामने रखा। पुलिस अधिकारियों ने गंभीरता से उनकी बात सुनी और त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए।
वादी संवाद दिवस के अवसर पर पुलिस अधीक्षक विक्रान्त वीर ने स्वयं थानों पर मौजूद वादियों से सीधे संवाद स्थापित किया। उन्होंने लंबित विवेचनाओं की समीक्षा करते हुए संबंधित विवेचकों को निर्देशित किया कि विवेचना में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए और समयबद्ध रूप से निष्पक्ष कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इस दौरान एसपी ने स्पष्ट किया कि पुलिस की जवाबदेही जनता के प्रति है और न्याय मिलने तक उनकी प्राथमिकता बनी रहेगी।
आयोजित संवाद में शरीर संबंधी अपराध, संपत्ति संबंधी अपराध तथा महिला अपराध से जुड़े प्रकरणों की गंभीरता से समीक्षा की गई। उपस्थित वादियों ने अपनी-अपनी समस्याएं रखते हुए कार्रवाई में आ रही बाधाओं से अधिकारियों को अवगत कराया। एसपी विक्रान्त वीर ने निर्देश दिए कि किसी भी विवेचक द्वारा वादी से दुर्व्यवहार या लापरवाही की शिकायत मिली तो कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
इसी क्रम में सभी क्षेत्राधिकारीगण अपने-अपने सर्किल के थानों पर मौजूद रहे और वादियों तथा विवेचकों के साथ आमने-सामने संवाद कर उनकी समस्याओं का निराकरण किया। वादी संवाद दिवस की इस पहल से मुकदमों की समीक्षा में पारदर्शिता बढ़ी है और कई मामलों में त्वरित निस्तारण के परिणाम भी देखने को मिले हैं।
पुलिस के अनुसार, शरीर संबंधी अपराधों से जुड़े 55 मामलों में 45 वादीगण थानों पर उपस्थित हुए, जबकि संपत्ति संबंधी अपराधों में 26 मामलों में 21 वादीगण पहुंचे। सभी से सीधी वार्ता कर उनकी समस्याओं के समाधान हेतु कार्रवाई शुरू की गई। पुलिस अधीक्षक विक्रान्त वीर ने भरोसा दिलाया कि वादी संवाद दिवस के माध्यम से पुलिस और जनता के बीच संवाद की खाई को पाटने का काम हो रहा है और जल्द ही जनपद में लंबित विवेचनाओं की संख्या में भारी गिरावट देखी जाएगी।



