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ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहली बार लखनऊ पहुंचे राजनाथ सिंह, कहा- भारतीय सेना ने एक कुशल डॉक्टर और सर्जन की तरह किया काम

लखनऊ। ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहली बार रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह लखनऊ पहुंचे। एयरपोर्ट पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनका जोरदार स्वागत किया। रक्षा मंत्री को सीएम योगी ने रिसीव किया।

दरअसल, सात मई को ऑपरेशन सिंदूर के बाद मंगलवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह पहली बार अपने संसदीय क्षेत्र लखनऊ पहुंचे। वह यहां गोमती नगर स्थित मेयो अस्पताल की 25वीं वर्षगांठ में शामिल होने पहुंचे थे। इस दौरान उनके साथ सीएम योगी और डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक भी मौजूद रहे।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह मंगलवार की शाम करीब 4:30 बजे लखनऊ एयरपोर्ट पहुंचे। एयरपोर्ट के बाहर निकलते ही रक्षा मंत्री के स्वागत में कार्यकर्ताओं ने नारे लगाने शुरू कर दिए। इतना ही नहीं, ढोल नगाड़े बजाकर उनका स्वागत किया। वहीं कार्यकर्ताओं के इस उत्साह को देख रक्षा मंत्री ने भी हाथ हिलाकर सभी कार्यकर्ताओं का अभिवादन किया। उसके बाद रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह राजधानी लखनऊ स्थित के.एन.एस. मेमोरियल अस्पताल (मेयो अस्पताल) पहुंचे।

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने ‘आपरेशन सिंदूर’ के दौरान भारतीय सेना के पराक्रम का जिक्र करते हुए मंगलवार को कहा कि हिंदुस्तानी फौज ने किसी माहिर सर्जन (शल्य चिकित्सक) की तरह पाकिस्तान के आतंकवादी ठिकानों पर हमला करके दुश्मन देश की फौज को घुटनों पर ला दिया। रक्षा मंत्री ने राजधानी लखनऊ स्थित के.एन.एस. मेमोरियल अस्पताल के 25वें स्थापना दिवस पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए उपस्थित डॉक्टरों से कहा कि “आप रोगियों का इलाज करते हैं, लेकिन हम प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सीमा पार के आतंकवादियों का इलाज करते हैं।”

रक्षा मंत्री ने कहा, “भारत ने आतंकवाद के विरुद्ध चलाए गए ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत पाकिस्तान में मौजूद आतंकवादियों के ठिकानों पर सफलतापूर्वक प्रहार किया और बड़ी संख्या में आतंकवादियों का सफाया करने में कामयाबी हासिल की।” उन्होंने कहा, “भारतीय सेना ने एक कुशल डॉक्टर और सर्जन की तरह काम किया। जैसे कुशल सर्जन जहां बीमारी की जड़ मौजूद होती है, वहीं अपने औजारों का इस्तेमाल करता है, वैसे ही भारतीय सेना ने भी बड़ी सटीकता के साथ आतंकवाद की जड़ों पर अपने हथियारों का इस्तेमाल किया।” उन्होंने कहा कि जैसा कि पाकिस्तान की आदत है कि वह जल्दी मानता नहीं है और उसने भारत की जमीन पर हमले करने के प्रयास शुरू किए और आम नागरिकों को भी निशाना बनाने का प्रयास किया। रक्षा मंत्री ने कहा, “मंदिरों, गुरुद्वारों और गिरिजाघरों को निशाना बनाया गया। उसके जवाब में भारतीय सेना ने जो कार्रवाई की है, उसने पाकिस्तान की फौज को घुटनों पर लाकर खड़ा कर दिया।” उन्होंने कहा कि सैनिक और डॉक्टर दोनों के ही काम और प्रतिबद्धता में काफी समानताएं हैं तथा दोनों ही आम नागरिक की रक्षा करते हैं। उनके मुताबिक, एक स्वास्थ्य की रक्षा करता है और दूसरा राष्ट्र की रक्षा करता है। उन्होंने कहा, “इस देश की जनता ने भी हाल में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान भारतीय सेना का जो पराक्रम देखा है, डॉक्टरों में इसी तरह की प्रतिबद्धता को पूरे देश ने कोविड महामारी के दौरान देखा था।”

इस अवसर पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत उस संस्कृति का प्रतीक है, जो सदैव मानवता के लिए एक मार्गदर्शक बनकर दुनिया के लिए सदैव एक आशा की किरण बना रहता है। वहीं पाकिस्तान की विकृति की नियति मरना और सड़ना है। चाहे वह भारत के हाथों मारे या फिर अपने द्वारा पल्लवित-पोषित आतंकवादियों के कृत्य से मरे।

मेयो हॉस्पिटल की स्थापना के 25वीं वर्षगांठ पर आयोजित समारोह को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर भारत के स्वाभिमान, भारत की मातृशक्ति के सिंदूर की गरिमा और भावी पीढ़ी की सुरक्षा की गारंटी का प्रतीक रहा है। भारत ने अपनी आन-बान और शान के लिए वह किया, जिसके लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों को आश्वस्त किया था। देश के रक्षा मंत्री के रूप में राजनाथ सिंह, भारत के शौर्य और पराक्रम को बहादुर जवानों ने बहादुरी के साथ ऑपरेशन सिंदूर के माध्यम से अपने दुश्मन पाकिस्तान को ठिकाना लगाने का काम किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि मेयो हॉस्पिटल और डॉ. केएनएस मेमोरियल हॉस्पिटल ने आज 25 वर्ष की यात्रा पूरी की है। इसकी आधारशिला वर्ष 2000 में तत्कालीन मुख्यमंत्री और वर्तमान में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रखी थी। आज यह राजधानी में हॉस्पिटल और बाराबंकी में मेडिकल कॉलेज के रूप में अपनी नई पहचान के रूप में आगे बढ़ रहा है। साथ ही स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में प्रदेशवासियों को आरोग्यता प्रदान करते हुए प्रदेश के विकास में अपना योगदान दे रहा है। उन्होंने कहा कि यही जीवन में उन्नति की राह और संस्कृति है। एक विचारक नाम के बीज का वृक्ष बन जाना संस्कृति है और बीज का सड़-गल करके समाप्त हो जाना विकृति है।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि वर्तमान में स्वास्थ्य सेवाएं एक नए प्रतिस्पर्धा के दौर से गुजर रही हैं। इस प्रतिस्पर्धा में अपने आप को स्थापित करने के लिए सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी पड़ेगी क्योंकि अगर इस क्षेत्र में संवेदना न हो तो फिर एक चिकित्सक के प्रति आम जनमानस के मन में जो विश्वास है वह विश्वास डगमगाएगा। उस विश्वास को डगमगाने नहीं देना है।

इस अवसर पर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक, जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव, मंत्री जेपीएस राठौर, राज्यसभा सदस्य एवं पूर्व डिप्टी सीएम डॉ. दिनेश शर्मा, राज्यसभा सदस्य हिमांशु त्रिवेदी, विधान परिषद सदस्य मुकेश शर्मा, मेयर सुषमा खर्कवाल, डॉ. नीरज बोरा, भाजपा नेता नीरज सिंह समेत कई लोग उपस्थित रहे।

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