यूपी में डबल इंजन की सरकार के दोनों इंजन नहीं कर रहे काम: संजय सिंह

- बड़े-बड़े दावे करने के बजाय कानून व्यवस्था के बारे में सोचे योगी सरकार
- गौ रक्षा के नाम पर गुंडागर्दी करने का लाइसेंस किसने दिया?
- पीएम मोदी ऑपरेशन सिंदूर के नाम पर शुरू कर चुके ऑपरेशन वोट बैंक
लखनऊ। आप सांसद संजय सिंह ने कहा कि अभी हाल ही में आगरा के एक मंदिर में 5 साल की बच्ची के साथ हुई दरिंदगी की घटना, सहारनपुर में छेड़खानी से तंग आकर एक लड़की के ज़हर खाने जैसी तमाम घटनाएं योगी सरकार के महिला सुरक्षा के दावे की पोल खोलता है। प्रेसवार्ता में आप प्रदेश प्रभारी ने कहा की गौरक्षा के फ़र्ज़ी मामले बनाकर जिस तरह लोगों को खुलेआम मारा पीटा जा रहा है, वो लोगों में आपराधिक प्रवृति और कानून व्यवस्था का मज़ाक बनाने की प्रवृति को बढ़ावा दे रहा है।
अलीगढ़ में 25 मई को 4 लोगों को गौमाँस ले जाने का झूठा आरोप लगाकर जानवरों की तरह पीटा गया। आज रिपोर्ट भी आ गई की जिसे गौमांस बताकर गुंडों ने पीटा वो गौमांस नहीं था। पीड़ितों को सुनकर आपकी आँख में आँसू आ जायेंगे। योगी आदित्यनाथ क्या यही है आपके क़ानून का राज? आखिर गौ रक्षा के नाम पर इन लोगों को गुंडागर्दी करने का लाइसेंस किसने दिया?
श्री सिंह ने कहा कि योगी जी को बड़े-बड़े दावे करने के बजाय प्रदेश की कानून व्यवस्था के बारे में सोचना चाहिए। यूपी में डबल इंजन की सरकार है और दोनों इंजन काम नहीं कर रहे हैं। ऐसे मामलों में प्रदेश सरकार को एक फास्ट्रेक कोड बनाकर जल्द से जल्द इन अपराधियों को सजा दिलाना चाहिए जिससे यह बाकी लोगों के लिए भी नजीर बने।
श्री सिंह ने प्रधानमंत्री मोदी द्वारा ऑपरेशन सिंदूर के नाम पर ऑपरेशन वोटबैंक चलाने के मुद्दे पर भी सवाल उठाए, साथ ही उन्होंने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के बाद से प्रधानमंत्री जी रैलियों में लफ्फाजी कर रहे हैं। दिन में चार-चार बार कपड़े बदल रहे हैं। उनके पास रैलियों में जाने का समय है लेकिन अभी तक पहलगाम हमले की पीड़ित महिलाओं से मिलने का समय नहीं है। सांसद संजय सिंह ने कहा कि बीजेपी वाले अब घर-घर जाकर महिलाओं को सिंदूर बाँटने का कार्यक्रम बना रहे हैं। भाजपाइयों को शायद सिंदूर का मतलब नहीं मालूम है। महिलायें अपनी मांग में उनके पति द्वारा दिए गए सिंदूर को भरती हैं। उनके लिए वह आत्मसम्मान और स्वाभिमान का प्रतीक है। आप सांसद संजय सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री जी आप ऑपरेशन सिंदूर के नाम पर वोट मांगना बंद कीजिए।
अंत में संजय सिंह ने कहा कि इस देश के नौजवानों को यह सोचना होगा की भारत के प्रधानमंत्री देश को किस आर्थिक बदहाली की ओर ले जा रहे हैं। सुभाषित यह है कि देश के चंद लोग अमीर होते जा रहे हैं, उनके पास करोड़ों अरबों की संपत्ति इकठ्ठा हो गई है और उसके आधार पर आपको देश की अर्थव्यवस्था विकसित होती हुई बताई जाती है। लेकिन शिक्षा, स्वास्थ्य, बाल मृत्यु दर, भुखमरी और प्रति व्यक्ति आय के मामले में भारत पिछड़ेपन का बुरी तरह से शिकार है, इस सच्चाई को हमें समझना होगा।



