योगी सरकार ने बदली उत्तर प्रदेश की छवि, यूपी बना नए भारत का ग्रोथ इंजन: विजय बहादुर पाठक

- डबल इंजन सरकार में उत्तर प्रदेश का अभूतपूर्व विकास, देवरिया को मिली कई सौगातें
गौरव कुशवाहा
देवरिया। उत्तर प्रदेश सरकार के सेवा, सुरक्षा और सुशासन की नीति के आठ वर्ष और केंद्र सरकार के दस वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर मंगलवार को विकास भवन स्थित गांधी सभागार में एक विशेष प्रेसवार्ता आयोजित हुई। इस कार्यक्रम में शासन द्वारा नामित प्रभारी मुख्य अतिथि, विधान परिषद सदस्य विजय बहादुर पाठक, सदर विधायक शलभ मणि त्रिपाठी, जिलाधिकारी दिव्या मित्तल और पुलिस अधीक्षक विक्रांत वीर उपस्थित रहे। इस दौरान यूपी के विकास कार्यों और देवरिया में हुए अभूतपूर्व बदलावों पर विस्तार से चर्चा हुई।
प्रेसवार्ता में एमएलसी विजय बहादुर पाठक ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने सेवा, सुरक्षा और सुशासन के सिद्धांत को अपनाया, जिससे प्रदेश की छवि बदली है। यूपी अब नए भारत का नया ग्रोथ इंजन बन गया है। वर्तमान में प्रदेश में छह एक्सप्रेसवे संचालित हैं और 11 नए एक्सप्रेसवे पर कार्य जारी है। प्रदेश में 16 हवाई अड्डे क्रियाशील हैं, जिनमें से पांच अंतरराष्ट्रीय स्तर के हैं।
प्रदेश सरकार ने 33 सेक्टरल पॉलिसीज लागू की हैं, जिससे प्रदेश में निवेश का माहौल मजबूत हुआ है। सिंगल विंडो सिस्टम और निवेश सारथी पोर्टल की शुरुआत से औद्योगिक गतिविधियों को बढ़ावा मिला है। सरकार के प्रयासों से उत्तर प्रदेश ‘इज ऑफ डूइंग बिजनेस’ में अचीवर स्टेट बनकर उभरा है और देश का सबसे पसंदीदा निवेश गंतव्य बन चुका है।
योगी सरकार के नेतृत्व में प्रदेश में धार्मिक और सांस्कृतिक पुनरुत्थान का कार्य हुआ है। अयोध्या में भव्य राम मंदिर, काशी में काशी विश्वनाथ कॉरिडोर और मथुरा, प्रयागराज, नैमिषारण्य जैसे धार्मिक स्थलों का व्यापक विकास किया गया है। हाल ही में संपन्न महाकुंभ में ऐतिहासिक जनसैलाब उमड़ा, जिसने प्रदेश की सांस्कृतिक शक्ति को वैश्विक मंच पर रखा।
बीते आठ वर्षों में देवरिया में अभूतपूर्व विकास हुआ है। एमएलसी विजय बहादुर पाठक ने बताया कि देवरिया स्वास्थ्य, शिक्षा, आधारभूत संरचना, महिला सशक्तिकरण, कृषि, उद्योग और डिजिटल प्रगति के नए आयाम छू रहा है।
देवरिया में 214.06 करोड़ रुपये की लागत से महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज का निर्माण पूरा हो चुका है, जिससे जिले को उच्चस्तरीय चिकित्सा सुविधाएँ मिली हैं। आयुष्मान भारत योजना के तहत 7,46,949 लाभार्थियों को गोल्डन कार्ड जारी किए गए हैं, जिससे उन्हें निःशुल्क इलाज की सुविधा मिली। 108 और 102 एंबुलेंस सेवाओं को सुदृढ़ किया गया है। कोविड-19 महामारी के दौरान दो ऑक्सीजन प्लांट स्थापित कर जिले को आत्मनिर्भर बनाया गया।
950 करोड़ रुपये की लागत से गोरखपुर-देवरिया फोरलेन परियोजना पूरी हो चुकी है, जिससे आवागमन सुगम हुआ है। सोनौली-नौतनवा-गोरखपुर-देवरिया-बलिया मार्ग के चौड़ीकरण और सुदृढ़ीकरण पर 233.19 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। 192.72 करोड़ रुपये की लागत से 125 किमी से 144 किमी तक का कार्य पूरा हुआ है। 46.87 करोड़ रुपये की लागत से देवरिया-पकड़ी मार्ग का चौड़ीकरण और 40.47 करोड़ रुपये की लागत से रथुआ-भटनी-भिंगारी मार्ग का विस्तार हुआ है।
12.60 करोड़ रुपये की लागत से बरवामीर छापर में राजकीय आईटीआई का निर्माण पूरा हुआ है, जिससे युवाओं को तकनीकी शिक्षा मिलेगी। अटल आवासीय विद्यालय की स्थापना से गरीब बच्चों को निःशुल्क शिक्षा मिल रही है। 338 सरकारी स्कूलों को स्मार्ट क्लास से जोड़ा गया है। 22,213 छात्रों को टैबलेट और 58,547 छात्रों को स्मार्टफोन वितरित किए गए हैं।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत 4,73,419 किसानों को प्रतिवर्ष आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। 750 से अधिक सौर ऊर्जा पंप वितरित किए गए हैं। गन्ना किसानों को 950 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया गया है।
‘एक जनपद, एक उत्पाद’ योजना के तहत देवरिया के काष्ठ शिल्प उद्योग को बढ़ावा दिया गया है, जिससे 5,000 से अधिक लोगों को रोजगार मिला। मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के अंतर्गत 1,200 से अधिक युवाओं को अपना व्यवसाय शुरू करने के लिए आर्थिक सहायता दी गई है। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत 12,181 स्ट्रीट वेंडरों को पंजीकृत किया गया है।
मिशन शक्ति अभियान के तहत 25,000 से अधिक महिलाओं को आत्मरक्षा का प्रशिक्षण दिया गया है। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के तहत 40,000 बालिकाओं को लाभान्वित किया गया है। स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से 15,000 से अधिक महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाया गया है। मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के अंतर्गत 4,052 विवाह संपन्न हुए हैं।



