
बरनाला, 25 जून
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज कांग्रेस, भाजपा और अकाली दल पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि ये तीनों पार्टियां पंजाब की बेमिसाल तरक्की के खिलाफ एकजुट हो गई हैं, क्योंकि वे ‘आप’ के नेतृत्व वाली सरकार को मिल रहे भरपूर जनता के समर्थन को बर्दाश्त नहीं कर पा रही हैं। बरनाला में ‘लोक मिलनी’ (जनता दरबार) के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि पारंपरिक पार्टियां अपना मानसिक संतुलन खो चुकी हैं क्योंकि वे सूबे की तेजी से हो रहे विकास को हजम नहीं कर पा रही हैं और उन्होंने मुझे बदनाम करने और लोगों को गुमराह करने के लिए धर्म के नाम पर फर्जी वीडियो और झूठे प्रचार का सहारा लिया है।
पंजाब सरकार द्वारा शुरू किए गए जन-पक्षीय फैसलों की सूची साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार को पटरी से उतारने की बार-बार कोशिशों के बावजूद उनका पूरा ध्यान विकास और लोक कल्याण के कार्यों पर केंद्रित है। उन्होंने ऐलान किया कि पंजाभर की महिलाओं को पहली जुलाई से ‘ मांवां-धीयां सत्कार योजना’ के तहत वित्तीय सहायता मिलनी शुरू हो जाएगी। इसके साथ ही उन्होंने गांवों में हाई-टेंशन बिजली की तारों को अंडरग्राउंड करने के देश के पहले प्रोजेक्ट की शुरुआत के बारे में बताया और जोर देकर कहा कि कोई भी साजिश या बदनामी की मुहिम उन्हें लोगों के लिए काम करने और पंजाब के हितों की रक्षा करने से नहीं रोक सकती।
लोक मिलनी को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि उनकी सरकार ने आम लोगों की भलाई और सूबे की तरक्की के लिए कई ऐतिहासिक फैसले लिए हैं। उन्होंने कहा, “पारंपरिक सियासी पार्टियां, जिन्होंने कभी आम लोगों की परवाह नहीं की, इन उपलब्धियों को हजम नहीं कर पा रही हैं। वे पंजाब सरकार और मेरे खिलाफ लगातार जहर उगल रही हैं। उनके पास लोगों के लिए कोई एजेंडा नहीं है और उनका एकमात्र मकसद बेबुनियाद बयानबाजी करके सरकार को बदनाम करना है।”
एक बड़ा ऐलान करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पांच दिनों बाद यानी पहली जुलाई से पंजाभर की महिलाओं को ‘मांवां-धीयां सत्कार योजना’ के तहत वित्तीय सहायता मिलनी शुरू हो जाएगी। उन्होंने कहा, “18 साल से अधिक उम्र की महिला लाभार्थियों को वित्तीय सहायता संबंधी उनके मोबाइल फोन पर मैसेज मिलेंगे। पंजाब की हर महिला को 1,000 रुपए, जबकि अनुसूचित जाति की महिलाओं को 1,500 रुपए मिलेंगे। यह राशि सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी। जो महिलाएं पहले से ही सामाजिक सुरक्षा पेंशन ले रही हैं, वे भी इस योजना के योग्य होंगी।”
उन्होंने कहा कि पंजाब की लगभग 97 फीसदी महिलाओं को इस योजना का लाभ मिलने की उम्मीद है और पंजाब सरकार ने इसे लागू करने के लिए बजट में 9,300 करोड़ रुपए रखे हैं।
इस योजना के व्यापक सामाजिक महत्व पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “यह वित्तीय सहायता शायद महिलाओं को अमीर न बनाए, लेकिन यह उन्हें मान-सम्मान जरूर देगी। महिलाएं सबसे अधिक सम्मान की हकदार हैं क्योंकि वे खुद जीवन का स्रोत हैं। माओं और बहनों का आशीर्वाद हर चुनौती को पार करने में मदद करता है। महिलाओं की घरेलू स्थिति सुधारने, लिंग समानता को बढ़ावा देने और सामाजिक व आर्थिक फैसलों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए महिलाओं की वित्तीय खुदमुख्तारी (आत्मनिर्भरता) को मजबूत करना बहुत जरूरी है।”
एक और बड़े उपक्रम का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि ‘आप’ सरकार ने हाई-टेंशन बिजली की तारों को अंडरग्राउंड करने का देश का पहला महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट शुरू किया है, जिसकी शुरुआत उनके अपने गांव से एक पायलट प्रोजेक्ट के रूप में की गई है। उन्होंने कहा, “यह ऐतिहासिक प्रोजेक्ट गांवों को सिरों के ऊपर से गुजरने वाली बिजली की तारों और फालतू खंभों के जाल से मुक्त करेगा। बिजली के खंभे और ऊपर की तारें लोगों, पशुओं और खासकर बच्चों के लिए करंट लगने का लगातार खतरा बनी रहती हैं। जब ट्रैक्टर, कंबाइन और अन्य वाहन इन तारों की चपेट में आते हैं तो अक्सर हादसे होते हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “फसलों को लगने वाली आग के कारण भी किसानों का भारी नुकसान होता है, जबकि बारिश, आंधी और तेज हवाओं के कारण खंभे और तारें टूट जाती हैं, जिससे बिजली सप्लाई प्रभावित होती है और पावर कॉरपोरेशन को वित्तीय नुकसान होता है। यह प्रोजेक्ट इन सभी समस्याओं से स्थायी राहत देगा और गांवों में जीवन स्तर को बेहतर बनाएगा। सरकारी खजाने की एक-एक पाई लोगों की भलाई के लिए समझदारी से खर्च की जा रही है।”



