पंजाबराज्य

पंजाब के लोगों ने 2027 में फिर ‘आप’ सरकार लाने का मन बना लिया है : मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान

मोगा, 25 जुलाई :

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज पूरे विश्वास के साथ कहा कि पंजाब के लोगों ने वर्ष 2027 में आम आदमी पार्टी (आप) की सरकार को दोबारा चुनने का मन बना लिया है। उन्होंने कहा कि सरकार की जनपक्षीय पहलों को मिल रहा भरपूर समर्थन पिछले चार वर्षों में अर्जित जनता के विश्वास को दर्शाता है।

मोगा के गांव चड़िक में आयोजित एक ‘लोक मिलनी’ कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि 90 प्रतिशत घरों के लिए मुफ्त बिजली, 10 लाख रुपये की ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’, महिलाओं के लिए वित्तीय सहायता, नहरी सिंचाई का रिकॉर्ड विस्तार, मेरिट के आधार पर पारदर्शी सरकारी भर्ती तथा सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने जैसे क्रांतिकारी कदमों ने जमीनी स्तर पर बड़ा बदलाव लाया है, जिससे राज्य में विपक्षी दलों का राजनीतिक अस्तित्व समाप्त हो गया है।

लोक मिलनी की कुछ झलकियां साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने एक्स पर लिखा, “आज ऐतिहासिक गांव चड़िक में आयोजित लोक मिलनी कार्यक्रम के दौरान मिले अपार प्यार और विशाल जनसमूह के लिए दिल से धन्यवाद। गांव के विकास के लिए 51 लाख रुपये की ग्रांट सौंपी। स्वास्थ्य ढांचे को और मजबूत करते हुए आज 100 नए आम आदमी क्लीनिक जनता को समर्पित किए, जिससे पंजाब में संचालित क्लीनिकों की कुल संख्या 1,090 हो गई है।”

पोस्ट के अंत में उन्होंने लिखा, “खेतों तक 88 प्रतिशत नहरी पानी पहुंचाना, 90 प्रतिशत घरों को शून्य बिजली बिल देना और युवाओं को पूरी तरह मेरिट के आधार पर सरकारी नौकरियां देना हमारी प्रमुख प्राथमिकताएं हैं। हम समाज के हर वर्ग के कल्याण और ‘रंगला पंजाब’ के निर्माण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं। इंकलाब जिंदाबाद।”

लोक मिलनी कार्यक्रम के दौरान भगवंत सिंह मान ने कहा, “ये विपक्षी पार्टियां दूल्हे के बिना बारात की तरह हैं। हालांकि ये सत्ता के लिए लड़ रही हैं, लेकिन इनके पास एक भी ऐसा नेता नहीं है जो सबको स्वीकार हो। शिरोमणि अकाली दल पहले ही तीन-चार गुटों में बंट चुका है, जबकि कांग्रेस के नेता एक-दूसरे का चेहरा देखना भी पसंद नहीं करते। यह सत्ता के भूखे ये नेता केवल पंजाब की दौलत लूटने के लिए सत्ता हासिल करना चाहते हैं, लेकिन पंजाब के जागरूक लोग ऐसा कभी नहीं होने देंगे।”

अकाली दल पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, “सुखबीर सिंह बादल कॉन्वेंट स्कूल में पढ़े-लिखे नेता हैं, जिन्हें राज्य के बुनियादी भूगोल का भी ज्ञान नहीं है, फिर भी वे यहां राजनीतिक सत्ता हासिल करना चाहते हैं। बाकी सब छोड़िए, पंजाब के पूर्व उपमुख्यमंत्री राज्य की मुख्य फसलों में भी अंतर नहीं कर सकते, क्योंकि उन्हें पंजाब के बुनियादी मुद्दों की बहुत कम समझ है।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि अकालियों ने नशे के कारोबार को संरक्षण देकर पंजाब की पीढ़ियों को अपूरणीय नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने कहा, “इन नेताओं ने न केवल नशा तस्करों को संरक्षण दिया, बल्कि रिपोर्टों के अनुसार नशा बेचने या बांटने के लिए सरकारी गाड़ियों का भी इस्तेमाल किया। उन्होंने अपने निजी हितों के लिए धर्म का इस्तेमाल कर आम लोगों की भावनाओं को ठेस पहुंचाई, जो अक्षम्य अपराध है।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “ये उन ताकतों के साथ मिले हुए हैं जो सिख पंथ और पंजाब के विरोधी हैं। कांग्रेस, भाजपा और अकाली दल मेरे खिलाफ एकजुट हो गए हैं क्योंकि वे मेरी सरकार द्वारा चलाई जा रही जनकल्याणकारी पहलों से खार खाते हैं।”

सिंचाई क्षेत्र में अपनी सरकार द्वारा किए गए बदलावों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सरकार ने पूरे राज्य में नहरी पानी के उपयोग में उल्लेखनीय वृद्धि की है। उन्होंने कहा, “वर्ष 2022 में राज्य अपने नहरी पानी का केवल 22 प्रतिशत उपयोग कर रहा था, लेकिन आज यह आंकड़ा 88 प्रतिशत से अधिक हो गया है। पंजाब के कई हिस्सों में लोगों ने 80 वर्षों में पहली बार नहरी पानी देखा है। पहले लोगों को पानी के लिए बोरवेल पर निर्भर रहना पड़ता था, लेकिन अब वह दौर समाप्त हो गया है। केंद्रीय मंत्रालय की रिपोर्ट के अनुसार राज्य सरकार के अथक प्रयासों से पंजाब का भूजल स्तर चार मीटर ऊपर आया है।”

उन्होंने कहा, “राज्य अब भूजल का कम और नहरी पानी का अधिक उपयोग कर रहा है। वह दिन दूर नहीं जब पंजाब 100 प्रतिशत के आंकड़े को छू लेगा। मेरी सरकार पंजाब का पानी हरियाणा या राजस्थान को नहीं जाने देगी। पंजाब को पहले बहुत लूटा गया, लेकिन अब वह दौर समाप्त हो चुका है।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि सरकारी खजाने का एक-एक पैसा जनता के कल्याण पर ईमानदारी से खर्च किया जा रहा है। उन्होंने कहा, “पंजाब के 90 प्रतिशत से अधिक घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है। आज किसानों को भी दिन के समय बिजली मिल रही है, जो अपने आप में एक मिसाल है। ऐसे समय में जब केंद्र सरकार देश की संपत्तियां अपने चहेते मित्रों को कौड़ियों के भाव बेच रही है, पंजाब सरकार ने निजी थर्मल प्लांट खरीदकर इतिहास रच दिया है।”

कांग्रेस पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पार्टी के पास पंजाब के लिए न कोई एजेंडा है और न ही जनता के लिए कोई कार्यक्रम। उन्होंने कहा, “कांग्रेस पार्टी अपनी अंतिम सांसें गिन रही है और बहुत जल्द समाप्त हो जाएगी, क्योंकि उसके पास जनता या राज्य के लिए कोई एजेंडा नहीं है। उसका एकमात्र उद्देश्य सत्ता में आकर पंजाब की दौलत लूटना है, लेकिन यह सपना कभी पूरा नहीं होगा। कांग्रेस एक बिखरा हुआ घर है, जो अपनी अंदरूनी लड़ाई के कारण स्वयं ही ढह जाएगा। यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि सत्ता के लिए लड़ रहे इन नेताओं को एकजुट करने आए कांग्रेस के बड़े नेताओं को इनके नाम तक सही ढंग से बोलने नहीं आते।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2022 में सत्ता संभालने के बाद आप सरकार ने यह सुनिश्चित किया कि राज्य के लगभग 90 प्रतिशत घरों को मुफ्त बिजली मिले, जबकि राज्य के इतिहास में पहली बार धान के सीजन के दौरान किसानों को दिन के समय निर्बाध बिजली आपूर्ति दी जा रही है। उन्होंने कहा, “पंजाब के इतिहास में पहली बार धान के सीजन में कृषि ट्यूबवेलों को आठ घंटे से अधिक निर्बाध बिजली आपूर्ति दी गई है और वह भी दिन के समय। पंजाब सरकार ने राज्य के कोने-कोने में किसानों की सुविधा के लिए 14,000 किलोमीटर पाइपलाइनें और नहरों के खाल बिछाए हैं।”

भगवंत सिंह मान ने कहा, “किसानों की सिंचाई संबंधी जरूरतों को पूरा करने के लिए इन पाइपलाइनों और नहरों के माध्यम से कुल 21,000 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। पंजाब सरकार द्वारा छोड़ा गया यह पानी भाखड़ा की दो नहरों द्वारा उपलब्ध कराए जाने वाले पानी के बराबर है। पूरे प्रदेश के किसान इस पहल का भरपूर लाभ उठा रहे हैं। भूजल स्तर में सुधार लाने के लिए नहरों और नदियों में रिचार्ज पॉइंट भी बनाए गए हैं, जिससे जलस्तर दो से चार मीटर तक ऊपर आया है।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि करदाताओं के पैसे का ईमानदारी से उपयोग जनता के कल्याण के लिए किया जा रहा है और उसे विकास, बेहतर स्कूलों, अस्पतालों तथा सड़कों के रूप में लोगों को वापस लौटाया जा रहा है। उन्होंने कहा, “आप सरकार ने टोल प्लाजा बंद कर दिए हैं, जिससे प्रदेश के लोगों के प्रतिदिन लगभग 70 लाख रुपये बच रहे हैं। हम समाज के प्रत्येक वर्ग के कल्याण के लिए निरंतर प्रयास कर रहे हैं और इस नेक कार्य में कोई कसर नहीं छोड़ रहे।”

‘मावां-धियां सत्कार योजना’ का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना पूरे पंजाब की माताओं और बेटियों के सम्मान के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उन्होंने कहा, “‘मुख्यमंत्री मावां-धियां सत्कार योजना’ के तहत पंजाब की 18 वर्ष से अधिक आयु की प्रत्येक महिला को 1,000 रूपये प्रतिमाह तथा अनुसूचित जाति वर्ग की महिलाओं को 1,500 रूपये प्रतिमाह की वित्तीय सहायता दी जा रही है। आम लोगों, विशेषकर गरीबों के लिए 1,000 रूपये से 1,500 रूपये तक की राशि बहुत महत्त्वपूर्ण है। यह आर्थिक सहायता हमारी माताओं और बेटियों के सम्मान का प्रतीक है और इस योजना के कारण उनके चेहरों पर आई मुस्कान मुझे अत्यंत संतोष देती है।”

‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सरकार ने देश की पहली ऐसी योजना शुरू की है, जिसके तहत राज्य के प्रत्येक परिवार को 10 लाख रूपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है। उन्होंने कहा, “पंजाब भारत का पहला राज्य है, जो प्रत्येक परिवार को इतनी व्यापक स्वास्थ्य सुरक्षा उपलब्ध करा रहा है। इससे लोगों पर आर्थिक बोझ काफी कम हुआ है और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित हुई हैं। इस ऐतिहासिक पहल का उद्देश्य पंजाब के प्रत्येक परिवार को निःशुल्क इलाज उपलब्ध कराना है और लोग इस योजना के तहत 650 करोड़ रूपये से अधिक के कैशलेस उपचार का लाभ प्राप्त कर चुके हैं।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली और आधारभूत ढांचे के क्षेत्रों में सरकार की ऐतिहासिक पहलों के कारण पंजाब प्रत्येक क्षेत्र में तेजी से प्रगति कर रहा है। उन्होंने कहा, “49,000 किलोमीटर से अधिक ग्रामीण सड़कों के निर्माण का कार्य तेजी से चल रहा है और शीघ्र ही इसे पूरा कर लिया जाएगा।”
मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि आप सरकार ने पूरे राज्य में 19 टोल प्लाजा बंद कर दिए हैं। उन्होंने कहा, “इन टोल प्लाजाओं के बंद होने से आम लोगों की जेब से प्रतिदिन लगभग 64 लाख रुपये की बचत हो रही है। हमारी सरकार ने पंजाब के लोगों से किया गया प्रत्येक वादा पूरा किया है और पंजाब ऐसा करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। मेरी सरकार का एकमात्र एजेंडा राज्य की प्रगति और उसके लोगों की समृद्धि सुनिश्चित करना है।”

रोजगार के अवसर सृजित करने के बारे में बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी सरकार की जिम्मेदारी युवाओं को सशक्त बनाना और उनके लिए बेहतर जीवन के अवसर पैदा करना है। उन्होंने कहा, “मेरे द्वारा हस्ताक्षर की गई प्रत्येक फाइल का उद्देश्य आम आदमी और राज्य का हित सुनिश्चित करना है। युवाओं को बिना किसी भ्रष्टाचार या सिफारिश के केवल योग्यता के आधार पर 68,000 से अधिक सरकारी नौकरियां दी गई हैं। पंजाब सरकार का प्रत्येक निर्णय राज्य की प्रगति और लोगों की खुशहाली सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है।”

‘जागत ज्योत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार (संशोधन) अधिनियम-2026’ के लागू होने का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वे अकाल पुरख के आभारी हैं कि उन्हें यह ऐतिहासिक कानून लाने का सौभाग्य प्राप्त हुआ। उन्होंने कहा, “जब भी श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी की घटनाएं हुईं, लाखों लोगों की भावनाएं आहत हुईं। परमात्मा ने मुझे विधि विशेषज्ञों के साथ विस्तृत विचार-विमर्श के बाद यह विधेयक लाने की शक्ति और बुद्धि प्रदान की।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “पंजाब सरकार ने इस विधेयक को अत्यंत सावधानी से तैयार किया है ताकि भविष्य में कोई संशोधन या कानूनी खामी इसे कमजोर न कर सके। यह कानून भविष्य में ऐसी हरकतों में शामिल समाज विरोधी तत्वों के विरुद्ध सख्ती से कार्रवाई सुनिश्चित करेगा और कोई भी दोबारा ऐसा जघन्य अपराध करने का साहस नहीं करेगा। पहले लोग यह कहकर सजा से बच जाते थे कि उनका मानसिक संतुलन ठीक नहीं था या वे मानसिक रूप से बीमार थे। लेकिन यदि कोई वास्तव में मानसिक रूप से असंतुलित है, तो वह केवल श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी को ही निशाना क्यों बनाता है? वह किसी ट्रेन के इंजन से क्यों नहीं टकराता या चलती बिजली की तारों को क्यों नहीं छूता?”

मुख्यमंत्री ने कहा कि विपक्ष इस बेअदबी विरोधी कानून का विरोध इसलिए कर रहा है क्योंकि उसे पता है कि उसे अतीत में किए गए अपराधों का जवाब देना पड़ेगा। उन्होंने कहा, “अकाली उन विभाजनकारी शक्तियों के साथ मिले हुए थे, जिन्होंने अतीत में बेअदबी की साजिशें रची थीं। अब इन नेताओं को अपने कृत्यों का परिणाम भुगतना पड़ेगा, इसलिए वे इस कानून का विरोध कर रहे हैं। लेकिन इससे मैं जनता की भलाई के लिए कार्य करने से नहीं रुकूंगा और उनके हित में हर संभव प्रयास करता रहूंगा।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके शासन करने के तरीके और पिछली सरकारों के कामकाज में जमीन-आसमान का अंतर है, क्योंकि पूर्ववर्ती सरकारें आम लोगों की पहुंच से दूर रहती थीं। उन्होंने कहा, “मुझसे पहले वाले नेताओं ने कभी आम लोगों से मुलाकात नहीं की। वे तापमान देखकर ही अपने आलीशान घरों से बाहर निकलते थे, जबकि मैं चौबीसों घंटे लोगों के लिए उपलब्ध हूं।”

पिछली सरकारों पर तीखा हमला करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने सरकारी पदों का दुरुपयोग कर अपार संपत्ति अर्जित की। उन्होंने कहा, “इन नेताओं ने अपने सरकारी पदों का दुरुपयोग कर अवैध तरीके से बड़े-बड़े महल खड़े किए। उन महलों की ऊंची-ऊंची दीवारें थीं और उनके दरवाजे आम लोगों के लिए हमेशा बंद रहते थे। वे जनता से दूर रहे और अंततः जनता ने उन्हें सत्ता से बाहर का रास्ता दिखा दिया।”

अपने संबोधन के अंत में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब के लोगों ने अपने निजी स्वार्थों के लिए राज्य का शोषण करने वालों को बार-बार नकारा है। उन्होंने कहा, “पंजाब के लोगों ने बारी-बारी से लूटने वालों को सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाया है। इन नेताओं ने लंबे समय तक लोगों को गुमराह किया, लेकिन अब पंजाब के जागरूक लोग उनके भ्रामक प्रचार के झांसे में नहीं आने वाले। ये अहंकारी नेता हमेशा लोगों को अपना स्थायी वोट बैंक समझते रहे और अंततः जनता ने उन्हें सत्ता से बाहर कर दिया। आज ये अवसरवादी नेता हैरान-परेशान हैं क्योंकि लोगों से उन्हें कोई समर्थन नहीं मिल रहा। उनका एजेंडा हमेशा जनता की भलाई के बजाय केवल अपने परिवारों के हित तक सीमित रहा है।”

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