UP Transport Update: दिसंबर से बदलेगी यूपी के शहरों की सवारी, 18 शहरों में दौड़ेंगी 1225 AC इलेक्ट्रिक बसें, लखनऊ को सबसे बड़ा तोहफा

लखनऊ। अगर आप उत्तर प्रदेश के किसी बड़े शहर में सफर करते हैं, तो आने वाले महीनों में आपकी यात्रा पहले से कहीं ज्यादा आरामदायक और सुविधाजनक होने वाली है। प्रदेश सरकार शहरी परिवहन व्यवस्था में बड़ा बदलाव करने जा रही है। दिसंबर से 18 नगर निगम क्षेत्रों में चरणबद्ध तरीके से 1225 नई वातानुकूलित (AC) इलेक्ट्रिक बसें सड़कों पर उतरेंगी। सबसे बड़ी सौगात राजधानी लखनऊ को मिलेगी, जहां 300 नई इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जाएगा।
शहरों की बदलेगी तस्वीर, सफर होगा स्मार्ट
उत्तर प्रदेश के शहरों में लंबे समय से सिटी बसों की कमी महसूस की जा रही है। मौजूदा समय में जहां प्रदेश के शहरी क्षेत्रों को 6,000 से अधिक बसों की जरूरत है, वहीं केवल 740 बसें ही संचालन में हैं। इसी अंतर को कम करने के लिए सरकार बड़े स्तर पर इलेक्ट्रिक बसों का बेड़ा बढ़ाने जा रही है।
नगर विकास विभाग के अधिकारियों के अनुसार, नई बसों की आपूर्ति इसी वर्ष शुरू होने की संभावना है और इन्हें चरणबद्ध तरीके से अलग-अलग शहरों में उतारा जाएगा।
GCC मॉडल से होगा संचालन
इस बार बसों का संचालन ग्रॉस कॉस्ट कॉन्ट्रैक्ट (GCC) मॉडल पर किया जाएगा। इससे पहले अपनाए गए नेट कॉस्ट कॉन्ट्रैक्ट (NCC) मॉडल में निजी कंपनियों की सीमित रुचि के कारण टेंडर प्रक्रिया सफल नहीं हो सकी थी।
नई व्यवस्था के तहत बस और चालक की जिम्मेदारी वाहन स्वामी की होगी, जबकि परिचालक (कंडक्टर) संबंधित सिटी ट्रांसपोर्ट कंपनी उपलब्ध कराएगी। सरकार प्रति बस 35 से 40 लाख रुपये तक का अनुदान देगी और ऑपरेटर को प्रति किलोमीटर के आधार पर भुगतान किया जाएगा।
इन 18 शहरों में चलेंगी नई इलेक्ट्रिक बसें
नई एसी इलेक्ट्रिक बसों का संचालन निम्न नगर निगम क्षेत्रों में किया जाएगा—
– लखनऊ
– आगरा
– अलीगढ़
– अयोध्या
– बरेली
– फिरोजाबाद
– नोएडा
– गाजियाबाद
– गोरखपुर
– झांसी
– कानपुर
– मथुरा-वृंदावन
– मेरठ
– मुरादाबाद
– प्रयागराज
– शाहजहांपुर
– सहारनपुर
– वाराणसी
यात्रियों को क्या होगा फायदा?
नई इलेक्ट्रिक बसों के शुरू होने से यात्रियों को कई सुविधाएं मिलेंगी-
केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय के मानकों के अनुसार, प्रति एक लाख आबादी पर 30 सिटी बसें उपलब्ध होनी चाहिए। ऐसे में यह योजना उत्तर प्रदेश की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। सरकार का मानना है कि नई इलेक्ट्रिक बसों के संचालन से यात्रियों को बेहतर यात्रा अनुभव मिलेगा और शहरों में पर्यावरण-अनुकूल परिवहन व्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा।



