उत्तर प्रदेशराज्यलखनऊ

केजीएमयू में ऑपरेशन ऑडिट : वित्तीय फैसलों की खुलेंगी परतें, मशीन खरीद, टेंडर, भुगतान और प्रशासनिक फैसलों पर कैग की नजर

[responsivevoice_button voice="Hindi Female"]

किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) की वित्तीय और प्रशासनिक कार्यप्रणाली अब भारत के नियंत्रक एवं महालेखा परीक्षक (कैग) के रडार पर है। फोकस आधारित कंप्लायंस ऑडिट के तहत विश्वविद्यालय में पहुंची चार सदस्यीय कैग टीम मशीनों की खरीद, टेंडर प्रक्रिया, भुगतान, आय-व्यय, प्रशासनिक स्वीकृतियों और वित्तीय निर्णयों की परत-दर-परत जांच कर रही है।

ऑडिट के दायरे में आए दस्तावेजों की व्यापक मांग ने विश्वविद्यालय के प्रशासनिक और वित्तीय महकमे में हलचल तेज कर दी है।

सूत्रों के मुताबिक, कैग टीम 15 जुलाई से विश्वविद्यालय में मौजूद है और चार अगस्त तक विभिन्न विभागों के रिकॉर्ड का मिलान करेगी। खरीद संबंधी फाइलें, टेंडर दस्तावेज, भुगतान के ब्योरे, स्वीकृति आदेश, वित्तीय अभिलेख और अन्य महत्वपूर्ण रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। जांच का मकसद यह परखना है कि सार्वजनिक धन का उपयोग निर्धारित नियमों, वित्तीय मानकों और स्वीकृत प्रक्रियाओं के अनुरूप हुआ या नहीं।

कैग की दस्तक के बाद कई विभागों में पुराने रिकॉर्ड निकालने, फाइलों का मिलान करने और दस्तावेजों को व्यवस्थित करने की कवायद तेज हो गई है। संबंधित अधिकारियों और विभागाध्यक्षों को निर्देश दिए गए हैं कि ऑडिट टीम की ओर से मांगे गए सभी अभिलेख बिना किसी देरी के उपलब्ध कराए जाएं।

जानकारी के अनुसार, ऑडिट टीम केवल कागजी औपचारिकताओं तक सीमित नहीं है, बल्कि खरीद प्रक्रिया से लेकर भुगतान और प्रशासनिक अनुमोदनों तक पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़कर सत्यापन कर रही है। आवश्यकता पड़ने पर संबंधित अधिकारियों से बिंदुवार स्पष्टीकरण भी लिया जा सकता है। सूत्रों का दावा है कि रिकॉर्ड की जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण तथ्य सामने आए हैं, जिनकी गहन पड़ताल जारी है। हालांकि, इन तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।

ऑडिट पूरा होने के बाद महालेखाकार कार्यालय अपनी विस्तृत रिपोर्ट तैयार करेगा। यदि रिपोर्ट में वित्तीय अनियमितता, प्रक्रियागत चूक या नियमों के उल्लंघन के प्रमाण मिलते हैं, तो संबंधित स्तर पर जवाबदेही तय होने के साथ नियमानुसार आगे की कार्रवाई भी की जा सकती है। ऐसे में कैग की यह जांच विश्वविद्यालय की वित्तीय पारदर्शिता और प्रशासनिक जवाबदेही की बड़ी परीक्षा मानी जा रही है।

Khwaza Express

Khwaza Express Media Group has been known for its unbiased, fearless and responsible Hindi journalism since 2008. The proud journey since 16 years has been full of challenges, success, milestones, and love of readers. Above all, we are honored to be the voice of society from several years. Because of our firm belief in integrity and honesty, along with people oriented journalism, it has been possible to serve news & views almost every day since 2008.

संबंधित समाचार

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button