Cyclone Arnab : लखनऊ में छाया अधेरा; वाराणसी-अयोध्या समेत इन जिलों में अगले 3 दिन भारी बारिश और वज्रपात; गिरेगा पारा

लखनऊ। दक्षिण छत्तीसगढ़ और उससे सटे दक्षिण ओडिशा के ऊपर बने अवदाब के प्रभाव से उत्तर प्रदेश में बेमौसम बारिश का दौर शुरू होने की संभावना है। मौसम विज्ञान विभाग के लखनऊ स्थित आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र ने 29 और 30 अक्टूबर को प्रदेश में गरज-चमक, वज्रपात और झोंकेदार हवाओं के साथ व्यापक वर्षा का पूर्वानुमान जताया है। पूर्वी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। इस दौरान अधिकतम तापमान में पांच से आठ डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आने की संभावना है।
मौसम विभाग की 29 अक्टूबर को दोपहर दो बजे जारी विज्ञप्ति के अनुसार, अति प्रचंड चक्रवाती तूफान ‘अर्णब’ का अवशेष गहन अवदाब पिछले छह घंटों के दौरान 18 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से उत्तर की ओर बढ़ा। 29 अक्टूबर को सुबह 5:30 बजे यह दक्षिण छत्तीसगढ़ और उससे लगे दक्षिण ओडिशा के ऊपर कमजोर होकर अवदाब में बदल गया। सुबह 8:30 बजे यह 19.4 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 81.9 डिग्री पूर्वी देशांतर के निकट केंद्रित था। इसके उत्तर की ओर बढ़ते हुए शाम तक स्पष्ट निम्न दबाव क्षेत्र में कमजोर होने की संभावना जताई गई है।
पूर्वाचल में भारी बारिश की चेतावनी
आंचलिक मौसम विज्ञान केंद्र, लखनऊ की 29 अक्टूबर को दोपहर दो बजे जारी विज्ञप्ति के मुताबिक, अति प्रचंड चक्रवाती तूफान ‘अर्णब’ का अवशेष गहन अवदाब कमजोर होकर अवदाब में बदल गया है। 29 अक्टूबर की सुबह 5:30 बजे यह दक्षिण छत्तीसगढ़ और उससे लगे दक्षिण ओडिशा के ऊपर था।
सुबह 8:30 बजे यह 19.4 डिग्री उत्तरी अक्षांश और 81.9 डिग्री पूर्वी देशांतर के आसपास केंद्रित था। रायपुर और संबलपुर के डॉप्लर मौसम रडार से इस प्रणाली की लगातार निगरानी की जा रही है।
मौसम विभाग ने 29 अक्टूबर को सोनभद्र, मिर्जापुर, चंदौली, वाराणसी और गाजीपुर तथा आसपास के क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश की संभावना जताई है। प्रयागराज, संत रविदास नगर, जौनपुर, आजमगढ़, मऊ, बलिया और देवरिया में भारी बारिश हो सकती है। इनके अलावा चित्रकूट, कौशांबी, प्रतापगढ़, गोरखपुर, संत कबीर नगर, कुशीनगर, महराजगंज, सुल्तानपुर और अंबेडकरनगर सहित कई जिलों में गरज-चमक और वज्रपात के साथ 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से झोंकेदार हवाएं चलने की संभावना है। हवा की गति बढ़कर 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है।
तापमान में 5 से 8 डिग्री तक गिरावट के आसार
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, मेरठ, गाजियाबाद, गौतम बुद्ध नगर, आगरा, मथुरा, अलीगढ़, मुरादाबाद और आसपास के क्षेत्रों में भी तेज हवाओं तथा वज्रपात को लेकर सतर्क किया गया है। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 30 अक्टूबर को पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश का दौर जारी रह सकता है। कुशीनगर, महराजगंज, सिद्धार्थनगर, बलरामपुर, श्रावस्ती और बहराइच में भारी से बहुत भारी वर्षा की संभावना है। आजमगढ़, मऊ, बलिया, देवरिया, गोरखपुर, संत कबीर नगर, बस्ती, गोंडा, लखीमपुर खीरी, सीतापुर, बाराबंकी, अयोध्या और अंबेडकरनगर में भारी बारिश हो सकती है।
इन जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट
पश्चिमी उत्तर प्रदेश के सहारनपुर, शामली, मुजफ्फरनगर, बागपत, मेरठ, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद और रामपुर में कहीं-कहीं ओलावृष्टि की आशंका भी जताई गई है। दोनों क्षेत्रों में गरज-चमक और तेज हवाओं को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी गई है। 31 अक्टूबर को पूर्वी उत्तर प्रदेश में कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं वर्षा की संभावना है। एक और दो नवंबर को पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मौसम शुष्क रहने का अनुमान है, जबकि पूर्वी उत्तर प्रदेश में कहीं-कहीं बारिश हो सकती है।
विभाग ने 31 अक्टूबर से दो नवंबर तक प्रदेश के दोनों हिस्सों के लिए कोई विशेष मौसम चेतावनी जारी नहीं की है। मौसम विभाग ने बेमौसम बारिश, तेज हवाओं और संभावित ओलावृष्टि से धान, गन्ना, अरहर, खरीफ मक्का, तिल, मूंग और उड़द समेत विभिन्न फसलों को नुकसान की आशंका जताई है। खेतों में जलभराव से खड़ी फसल गिर सकती है, धान के दाने झड़ सकते हैं और कटी फसल की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है। अधिक नमी से आलू, चना, मटर और सरसों की बुवाई भी प्रभावित होने की संभावना है।
बेमौसम बारिश से फसलों को नुकसान की आशंका
किसानों को खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने, कटी हुई उपज को तिरपाल से ढककर सुरक्षित एवं सूखे स्थान पर रखने तथा मौसम अनुकूल होने तक बुवाई और कृषि कार्य स्थगित रखने की सलाह दी गई है। सरसों की बुवाई नवंबर के पहले सप्ताह तक टालने और चना, मटर तथा आलू के खेतों में जल निकासी सुनिश्चित करने का सुझाव दिया गया है।
आकाशीय बिजली से बचने के लिए इन बातों का रखें ध्यान
मौसम विभाग ने भारी बारिश के दौरान निचले इलाकों, जलभराव वाले मार्गो और मौसमी नालों से दूर रहने की सलाह दी है। तेज हवाओं और आकाशीय बिजली के दौरान घर के अंदर सुरक्षित रहने, पेड़ों के नीचे आश्रय न लेने तथा जलमग्न सड़कों और उफनते पुलों को पार करने से बचने को कहा गया है। बारिश से यातायात, बिजली आपूर्ति और जनजीवन प्रभावित होने की आशंका भी जताई गई है।



