फैजुल्लागंज बाढ़ पीड़ितों के लिए ‘मसीहा’ बनी टीम लखनऊ

- दर्द बांटने से लेकर बीमारियों से बचाव तक बढ़ाए मदद के हाथ
- इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया से राहत सामग्री, मच्छरदानी और मॉस्किटो कॉइल का वितरण
- मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली के संरक्षण में इंसानियत की सेवा का संकल्प
लखनऊ। जब बाढ़ का पानी घरों में घुसकर गरीबों की गृहस्थी, राशन और जिंदगी भर की मेहनत को उजाड़ देता है, तब अपनों की तरह मदद के लिए आगे बढ़ने वाले हाथ ही सबसे बड़ा सहारा बनते हैं। लखनऊ के फैजुल्लागंज में बाढ़ की मार झेलने वाले हजारों परिवारों के लिए ‘टीम लखनऊ’ ऐसे ही मददगार हाथ बनकर सामने आई है। मुश्किल वक्त में पीड़ितों का दर्द बांटने और उन्हें दोबारा संभलने का हौसला देने वाली टीम लखनऊ ने एक बार फिर साबित कर दिया कि इंसानियत की सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है।
पिछले महीने 27 सितंबर से लगातार हुई मूसलाधार बारिश के कारण फैजुल्लागंज इलाके में बाढ़ जैसे हालात पैदा हो गए थे। गोमती नदी के उफान और जलभराव के चलते पानी लोगों के घरों में घुस गया। हजारों परिवारों का घरेलू सामान, राशन और जरूरत का कीमती सामान पानी में डूब गया। कई परिवारों के सामने रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करने तक का संकट खड़ा हो गया। इस कठिन घड़ी में टीम लखनऊ ने पीड़ितों का हाथ थामा और राहत पहुंचाने का सिलसिला शुरू किया, जो पूरी प्रतिबद्धता के साथ जारी है।

बाढ़ का पानी भले ही उतर गया हो, लेकिन इसके बाद मच्छरों के बढ़ते प्रकोप और मलेरिया, डेंगू जैसी बीमारियों का खतरा अब भी लोगों की चिंता बढ़ा रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए लखनऊ के ऐशबाग स्थित ईदगाह के इमाम और टीम लखनऊ के संरक्षक हजरत मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली के संरक्षण में इस्लामिक सेंटर ऑफ इंडिया से विशेष राहत शिविर का आयोजन किया गया।
शिविर में बाढ़ प्रभावित परिवारों को राहत सामग्री वितरित की गई। साथ ही मच्छरों से बचाव के लिए बड़ी संख्या में मच्छरदानियां और मॉस्किटो कॉइल भी बांटी गईं, ताकि प्रभावित परिवारों को संक्रमण और मच्छरजनित बीमारियों से बचाव में मदद मिल सके।

यह पहल केवल राहत सामग्री बांटने तक सीमित नहीं रही, बल्कि बाढ़ के बाद पैदा होने वाली स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों के प्रति संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का भी संदेश बनी।इस मौके पर मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली ने टीम लखनऊ के प्रयासों की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि शहर और प्रदेश ही नहीं, बल्कि हिंदुस्तान में कहीं भी आपदा आती है तो टीम लखनऊ के सदस्य जरूरतमंदों की मदद के लिए हमेशा तत्पर नजर आते हैं। टीम का यह जज्बा समाज में सेवा, सहयोग और भाईचारे की भावना को मजबूत करता है।
टीम लखनऊ के अध्यक्ष मुर्तजा अली ने कहा कि टीम आपदा के समय बिना किसी भेदभाव के हर जरूरतमंद की मदद करने के लिए तत्पर है। पीड़ितों की परेशानी को अपनी परेशानी समझना और संकट की घड़ी में उनके साथ खड़ा होना ही टीम का मूल उद्देश्य है।वहीं, टीम लखनऊ के मीडिया प्रभारी अब्दुल वहीद ने कहा कि जब बात इंसानियत की आती है तो टीम लखनऊ हर आपदा और मुसीबत के समय मानवता की सेवा के लिए हमेशा तैयार है और आगे भी तैयार रहेगी।
टीम के संस्थापक सदस्य जुबैर अहमद ने लोगों को संबोधित करते हुए भरोसा दिलाया कि टीम लखनऊ हर पीड़ित परिवार की मदद के लिए प्रयास करती रहेगी। उन्होंने सेवा और सहयोग के इस संकल्प को आगे बढ़ाने पर जोर दिया।
इस राहत शिविर में हजरत मौलाना खालिद रशीद फिरंगी महली, टीम लखनऊ के अध्यक्ष मुर्तजा अली, रजिया नवाज, अब्दुल वहीद, जुबैर अहमद, वामिक खान, जसबीर गांधी, कुदरत उल्ला खान, शहाबुद्दीन कुरैशी, बदरुल हसन एडवोकेट,मौलाना मुश्ताक,मौलाना गुफरान,मो. सैफ, मोहम्मद अली साहिल, मायरा गाजी, मो. आमिर,मो आदिल,मो. फरहान, तौसीफ हुसैन, तजम्मुल हुसैन, नजम एहसन, मोहम्मद कैफ, परवेज़ अख्तर,सोनू तिवारी,एम एम मोहसिन,और फहद सहित टीम के सभी समर्पित सदस्य मौजूद रहे।
फैजुल्लागंज के बाढ़ प्रभावित परिवारों तक राहत पहुंचाने की यह पहल इस बात का संदेश है कि आपदा के बाद असली चुनौती केवल नुकसान से उबरना नहीं, बल्कि लोगों को दोबारा सुरक्षित और सामान्य जीवन की ओर लौटने में सहारा देना भी है।
टीम लखनऊ का जज्बा यह साबित करता है कि इंसानियत किसी पहचान या भेदभाव की मोहताज नहीं होती। संकट चाहे कितना भी बड़ा हो, अगर समाज के लोग एक-दूसरे का हाथ थाम लें तो मुश्किलों से लड़ने की ताकत कई गुना बढ़ जाती है। फैजुल्लागंज के बाढ़ पीड़ितों के साथ खड़ी टीम लखनऊ की यह सेवा न सिर्फ राहत का काम है, बल्कि इंसानियत, भाईचारे और सामाजिक जिम्मेदारी की एक प्रेरक मिसाल भी है।



