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Ukraine Crisis: सुरक्षा परिषद में यूक्रेन सकंट पर भारत ने फिर बनाई वोटिंग से दूरी, अब आज शाम महासभा में होगी चर्चा

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद ने रविवार को यूक्रेन पर रूस के आक्रमण पर 193 सदस्यीय महासभा का एक आपातकालीन विशेष सत्र बुलाया है, जो सोमवार को आयोजित किया जाएगा. इससे पहले 11 देशों ने प्रस्ताव के पक्ष में मतदान किया, जबकि रूस ने प्रक्रियात्मक वोट का उपयोग करके प्रस्ताव को खारिज किया. चीन, भारत और संयुक्त अरब अमीरात ने मतदान में भाग नहीं लिया. वहीं यूएन में भारत के स्थाई प्रतिनिधि टीएस तिरुमूर्ति ने यूएनएससी की बैठक में कहा कि हम हिंसा की तत्काल समाप्ति और सभी शत्रुताओं को समाप्त करने के अपने आह्वान को दोहराते हैं. हमारे प्रधानमंत्री ने रूसी संघ और यूक्रेन के नेतृत्व के साथ अपनी हालिया बातचीत में इसकी जोरदार वकालत की है.

साथ ही कहा कि हम बेलारूस सीमा पर वार्ता करने के लिए दोनों पक्षों द्वारा आज की घोषणा का स्वागत करते हैं. हम बड़ी संख्या में भारतीय छात्रों सहित भारतीय नागरिकों की सुरक्षा और सुरक्षा के बारे में चिंतित हैं, जो अभी भी यूक्रेन में फंसे हुए हैं. सीमा पार की जटिल और अनिश्चित स्थिति से हमारे निकासी प्रयासों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ा है. परिस्थितियों की समग्रता को ध्यान में रखते हुए हमने परहेज करने का निर्णय लिया.

 

‘पूरे यूक्रेन में रॉकेटों की बारिश’

वहीं यूक्रेन पर यूएनएससी की बैठक में अमेरिकी प्रतिनिधि ने कहा कि हम एक ऐसे प्रस्ताव पर मतदान करेंगे जो रूस को उसके अक्षम्य कार्यों और उल्लंघनों के लिए जिम्मेदार ठहराएगा. पूरे यूक्रेन में रॉकेटों की बारिश जारी है. साथ ही कहा कि आज सुबह ही रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने रूस के परमाणु निवारक बलों को हाई अलर्ट पर रखा, भले ही वो बिना परमाणु हथियार वाले देश पर हमला कर रहे हैं. इससे पहले यूक्रेन पर रूस के आक्रमण पर महासभा के आपातकालीन विशेष सत्र पर मतदान करने के लिए रविवार दोपहर 15 देशों की सुरक्षा परिषद की बैठक हुई थी. 1950 के बाद से महासभा के केवल 10 ऐसे आपातकालीन सत्र आयोजित किए गए हैं.

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