उत्तर प्रदेशलखनऊ

कैसरबाग बस अड्डे पर अवैध वेंडरों की भरमार, मुख्य मार्ग को किये रहते हैं कब्जा

लखनऊ। राज्य सड़क परिवहन निगम के तहत संचालित कैसरबाग बस स्टेशन पर इस समय अवैध वेंडरों की भरमार हो गयी है। बस स्टेशन परिसर से लेकर बाहर मुख्य सड़क तक अवैध वेंडरों का कब्जा रहता है। इन वेंडरों के चलते जहां बसों का आवागमन प्रभावित रहता है वहीं कैसरबाग चौराहे के मुख्य सड़क पर रोजाना घंटो जाम लगा रहता है।

कैसरबाग बस अड्डे के अंदर रोडवेज अधिकारियों की मिलीभगत से बिना लाइसेंस के अवैध वैंडर दुकानें लगाए हैं। इन दुकानों से मोटा पैसा अधिकारियों की जेब में जा रहा है और रोडवेज को राजस्व का नुकसान हो रहा है। अवैध वेंडर जबरिया बस में घुसकर मनमाने दाम पर रेवड़ी और पानी आदि खाद्य पदार्थ बेचते हैं। जो सवारी कीमत को लेकर सवाल करते हैं तो उनसे अवैध वेंडर मारपीट तक करने पर आमादा रहते हैं। यात्रियाें का आरोप है कि अवैध वेंडरों को पुलिस का संरक्षण है, जिसके चलते इन पर कार्रवाई नहीं हो पा रही है।

परिवहन निगम ने इस बस अड्डे पर वैध रूप से खानपान की वस्तुएं बेचने के लिए 8 वेंडरों के साथ में ही अनुबंध किया है। लेकिन 30 से अधिक अवैध वेंडर दिन भर अड्डे से बस तक धमाचौकड़ी मचाते हैं। जो वैध वेंडर हैं उनका अनुबंध फल बेचने का है पर दबंगई के चलते वह पानी की बोतल से लेकर अन्य सामान बेचते हैं।

कैसरबाग बस स्टेशन पर तैनात कर्मचारी बताते हैं कि अवैध वेंडरों को अड्डे से खदेड़ने के लिये कई बार पुलिस व आरएम, एआरएम से शिकायत की जा चुकी हैं पर कार्रवाई नहीं करते हैं। दरअसल कैसरबाग के कई लोग दबंगई और पुलिस की सांठगांठ से अड्डे पर अवैध रूप से खानपान की बिक्री कराने का ठेका ले रखा है। जो अधिकारी और कर्मचारी अवैध वेंडरों पर नकेल कसता तो उसके खिलाफ नियोजित तरीके से बवाल कराया जाता है। इस सबंध में रोडवेज के क्षेत्रीय प्रबंधक मनोज पुंडीर का कहना है कि इसकी जांच कराकर जल्द ही अवैध वेंडरों पर सख्त कार्रवाई होगी।

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