बर्थडे स्पेशल : रवीना टंडन ने 21 साल की उम्र में उठाई दो बच्चियों की जिम्मेदारी

बॉलीवुड में रवीना टंडन को उनकी फिल्मों, शानदार एक्टिंग और हिट गानों के लिए जाना जाता है। 90 के दशक में उन्होंने एक के बाद एक सफल फिल्मों में काम किया और देखते ही देखते बड़ी स्टार बन गईं। लेकिन उनकी जिंदगी की एक ऐसी कहानी भी है, जो उन्हें एक एक्ट्रेस से आगे ले जाती है। जब वह अपने करियर की शुरुआत कर रही थीं, तब महज 21 साल की उम्र में उन्होंने दो बच्चियों की जिम्मेदारी उठाने का फैसला किया। उस समय उनकी शादी भी नहीं हुई थी।
रवीना ने पूजा और छाया को अपने साथ रखा और उनकी परवरिश की जिम्मेदारी संभाली। उस दौर में उनके इस फैसले को लेकर कई सवाल भी उठे, लेकिन उन्होंने अपने फैसले से पीछे हटने के बजाय बच्चियों को बेहतर जिंदगी देने पर ध्यान दिया।
रवीना टंडन का जन्म 26 अक्टूबर 1972 को मुंबई में हुआ था। उनके पिता रवि टंडन हिंदी फिल्म इंडस्ट्री के जाने-माने निर्देशक थे। घर में फिल्मों का माहौल होने के कारण रवीना को बचपन से ही फिल्मी दुनिया को करीब से देखने का मौका मिला। हालांकि, उन्होंने फिल्मों में आने के बाद अपनी मेहनत से पहचान बनाई।
रवीना ने 1991 में फिल्म ‘पत्थर के फूल’ से बॉलीवुड में कदम रखा। इस फिल्म में उनके साथ सलमान खान नजर आए थे। फिल्म में उनके काम को पसंद किया गया और उन्हें बेस्ट फीमेल डेब्यू के लिए फिल्मफेयर पुरस्कार भी मिला। इसके बाद उन्होंने ‘दिलवाले’, ‘मोहरा’, ‘लाडला’ और ‘अंदाज अपना अपना’ जैसी फिल्मों में काम किया। वह 90 के दशक में हिंदी फिल्मों की लोकप्रिय अभिनेत्रियों में शामिल हो गईं।
1994 में आई फिल्म ‘मोहरा’ उनके करियर की बड़ी फिल्मों में से एक साबित हुई। फिल्म के गाने ‘तू चीज बड़ी है मस्त-मस्त’ और ‘टिप टिप बरसा पानी’ काफी लोकप्रिय हुए। खासकर ‘टिप टिप बरसा पानी’ में उनके डांस को आज भी याद किया जाता है।
इसी दौरान उनकी जिंदगी में एक बड़ा बदलाव आया। रवीना ने 1995 में अपनी रिश्तेदार की बेटियों पूजा और छाया की जिम्मेदारी उठाने का फैसला किया। रवीना ने कई इंटरव्यू में बताया कि वह बचपन से ही अपनी मां के साथ अनाथालयों में जाती थीं और जरूरतमंद बच्चों की मदद करने वाले कामों को करीब से देखती थीं। जब उन्होंने अपनी रिश्तेदार की दोनों बच्चियों को ऐसी स्थिति में देखा, जहां उन्हें बेहतर देखभाल की जरूरत थी, तो उन्होंने उन्हें अपने साथ रखने का फैसला किया।
रवीना ने 2021 में ‘फिल्मफेयर’ को दिए एक इंटरव्यू में बताया था कि पूजा और छाया उनकी रिश्तेदार की बेटियां थीं। उनकी मां के निधन के बाद बच्चियों की देखभाल को लेकर चिंता थी। रवीना ने परिवार से बात की और उनकी कानूनी अभिभावक बनने की जिम्मेदारी ली। उस समय वह केवल 21 साल की थीं।
रवीना ने यह फैसला ऐसे समय लिया, जब वह खुद अपने करियर में आगे बढ़ रही थीं। उन्होंने एक इंटरव्यू में बताया कि कुछ लोगों ने उनसे कहा था कि दो बच्चियों की जिम्मेदारी उठाने के बाद शायद उनसे कोई शादी नहीं करेगा। लेकिन रवीना का मानना था कि जो व्यक्ति उनसे प्यार करेगा, वह उनके परिवार को भी अपनाएगा। उन्होंने बाद में फिल्म डिस्ट्रीब्यूटर अनिल थडानी से शादी की। दोनों की शादी 2004 में हुई। इस शादी से उनके दो बच्चे हुए, बेटी राशा और बेटा रणबीरवर्धन।
रवीना ने आगे चलकर ‘दमन’, ‘सत्ता’, ‘शूल’ और ‘मातृ’ जैसी फिल्मों में गंभीर भूमिकाएं भी निभाईं। उन्हें फिल्म ‘दमन’ में घरेलू हिंसा से जूझ रही महिला की भूमिका के लिए 2002 में बेस्ट एक्ट्रेस का नेशनल फिल्म अवॉर्ड मिला। इसके बाद उन्होंने फिल्मों के साथ ओटीटी पर भी काम किया। उन्होंने नेटफ्लिक्स की सीरीज ‘अरण्यक’ में पुलिस अधिकारी कस्तूरी डोगरा के किरदार में काफी चर्चा मिली। फिल्मों और सामाजिक कामों में योगदान के लिए रवीना टंडन को 2023 में पद्मश्री से सम्मानित किया गया।



