
रिलायंस फाउंडेशन की चेयरपर्सन न्यूयॉर्क में आयोजित TIME 100 समिट के दौरान वैश्विक मंच पर भारत विजन पेश किया। टाइम मैगजीन की सीईओ जेसिका सिबली के साथ लीडरशिप लेंस चर्चा के दौरान नीता अंबानी ने कहा दुनिया को हार्ड नहीं सॉफ्ट पावर की जरूरत है।
नीता अंबानी ने अपने इस संबोधन ने स्पष्ट कर दिया है कि अब वैश्विक पटल पर भारत का समय आ गया है। आज की दुनिया को हार्ड पावर (सैन्य या आर्थिक दबाव) के बजाय सॉफ्ट पावर (सांस्कृतिक और मानवीय प्रभाव) की अधिक आवश्यकता है, और भारत इस शक्ति का सबसे बड़ा उदाहरण बनकर उभरा है।
इंटरव्यू और समिट की मुख्य बातें-
नीता अंबानी ने TIME की CEO जेसिका सिबली के साथ बातचीत की। बातचीत के दौरान उन्होंने विजन, विरासत और नेतृत्व पर अपने विचार साझा किए।
नीता अंबानी ने वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती ‘सॉफ्ट पावर’पर जोर दिया। उन्होंने कहा, “दुनिया को और अधिक हार्ड पावर की जरूरत नहीं है। इसे सॉफ्ट पावर की जरूरत है- और भारत यही दर्शाता है”।
नेतृत्व के बारे में की बात
बातचीत के दौरान, नीता अंबानी ने अधिकार के बजाय करुणा और सहज ज्ञान के साथ नेतृत्व करने के बारे में बात की, और आज की दुनिया में सफलता के लिए अधिक मानव-केंद्रित दृष्टिकोण प्रस्तुत किया।
सॉफ्ट पावर की बढ़ती अहमियत
CEO जेसिका सिबली के साथ बातचीत में ग्लोबल स्टेज पर भारत की सॉफ्ट पावर की बढ़ती अहमियत के बारे में बात की। जब नीता अंबानी से पूछा गया कि वह वैश्विक फैशन की राजधानी किसे चुनेंगी, तो उन्होंने गर्व से जवाब दिया- भारत।



