देवरिया में योगमय हुआ अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस, सैकड़ों नागरिकों ने लिया सहभाग

- जिलाधिकारी व पुलिस अधीक्षक ने किया योग, जनप्रतिनिधियों ने दिया अनुशासित जीवनशैली का संदेश
गौरव कुशवाहा
देवरिया। अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की 11वीं वर्षगांठ पर शनिवार को जनपद देवरिया पूरी तरह योगमय हो गया। शहर के रवींद्र किशोर शाही स्पोर्ट्स स्टेडियम में आयोजित भव्य योग कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, सुरक्षाकर्मियों, छात्र-छात्राओं और बड़ी संख्या में आम नागरिकों ने भाग लिया और सामूहिक योगाभ्यास कर योग के प्रति अपनी आस्था और प्रतिबद्धता प्रकट की।
कार्यक्रम में जिलाधिकारी दिव्या मित्तल और पुलिस अधीक्षक विक्रांत वीर ने स्वयं योगाभ्यास कर उपस्थित जनसमूह को स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की प्रेरणा दी। उन्होंने योग को न केवल शारीरिक स्वास्थ्य का, बल्कि मानसिक और आत्मिक संतुलन का भी अचूक साधन बताया।
योग दिवस कार्यक्रम में जिले के नोडल अधिकारी अजय कुमार शुक्ला, सांसद शशांक मणि त्रिपाठी और विधायक डॉ. शलभ मणि त्रिपाठी की उपस्थिति ने आयोजन को और गरिमा प्रदान की। योग प्रशिक्षकों के दिशा-निर्देशन में सभी प्रतिभागियों ने विभिन्न योगासनों, प्राणायाम और ध्यान की विधियों का अभ्यास किया।

सांसद शशांक मणि त्रिपाठी ने योग को जीवन का शक्ति-स्रोत बताते हुए कहा कि आज की भागदौड़ और तनावभरी दिनचर्या में योग शांति, ऊर्जा और संतुलन का अमूल्य माध्यम है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वैश्विक प्रयासों के कारण योग आज पूरे विश्व में भारत की सांस्कृतिक पहचान बन चुका है।
विधायक शलभ मणि त्रिपाठी ने युवाओं को योग को नियमित अभ्यास में लाने का आग्रह करते हुए कहा कि आत्मविकास, राष्ट्रनिर्माण और सामाजिक जिम्मेदारी के प्रति सजगता के लिए योग अनिवार्य है।
जिलाधिकारी दिव्या मित्तल ने अपने संदेश में कहा कि योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि जीवन को देखने का एक वैज्ञानिक और समग्र दृष्टिकोण है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक नागरिक को योग को अपने जीवन का अंग बनाना चाहिए, जिससे जीवन में अनुशासन, ऊर्जा और सकारात्मकता का प्रवाह बना रहे।
पुलिस अधीक्षक विक्रांत वीर ने योग को नशामुक्त और संतुलित जीवन का मूलमंत्र बताया। उन्होंने कहा कि पुलिस बल और युवाओं को मानसिक मजबूती के लिए योग को अपनाना चाहिए ताकि वे कठिन परिस्थितियों में भी आत्मनियंत्रण बनाए रख सकें।
इस अवसर पर विभिन्न विभागों, शैक्षिक संस्थाओं और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने भी उत्साहपूर्वक भाग लिया। कार्यक्रम के अंत में सभी प्रतिभागियों से नियमित योगाभ्यास करने और समाज में इसके प्रचार-प्रसार का संकल्प लिया गया।



