
उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण के भड़ानीसैंड स्थित विधानसभा (विस) भवन में बुधवार अपराह्न एक बजकर पांच मिनट पर अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गया। दो दिन चले इस सत्र में 7811 करोड़ रूपये का अनुपूरक बजट पास कर दिया गया। सत्र के अंतिम दिन बुधवार को राज्य सरकार की महिला सशक्तिकरण मंत्री रेखा आर्या पर उनके पति द्वारा लगाए गए भ्रष्टाचार के आरोपों पर विपक्षी सदस्यों ने इस्तीफे की मांग करते हुए लगातार सदन में नारेबाजी की। विपक्ष ने मंत्री के इस्तीफे की मांग करते हुए सदन में नारेबाजी की, वहीं कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा के फोटो सेशन का भी बहिष्कार कर दिया।
सदन में काले झंडे, नारेबाजी और तीखी तकरार
सदस्य तीन बार सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद हर बार कार्यवाही शुरू होने पर वेल में काले झंडे दिखाते, उछालते हुए मंत्री के आरोपों पर नियम 310 के अंतर्गत चर्चा की मांग करते रहे। विपक्षी सदस्य सदन में “अंकिता भंडारी हम शर्मिदा हैं, तेरे कातिल जिंदा हैं” और “210 करोड़ का झुमका कहां गिरा” जैसे नारे लगाते रहे। इसके उत्तर में सत्ता पक्ष के सदस्य “210 करोड़ कांग्रेस के दफ्तर में गिरे” जैसे शब्द बोलते रहे।
तीन बार स्थगित हुई कार्यवाही, फिर भी पास हुआ बजट
हंगामे के बीच विस अध्यक्ष ने बजट पर चर्चा जारी रखी, जो बहुमत के आधार पर पारित कर दिया गया। इससे पहले आखिरी दिन प्रश्नकाल विपक्ष के हंगामे के कारण चल नहीं सका। हंगामे के बावजूद विधानसभा अध्यक्ष की अनुमति से बजट पर चर्चा जारी रही और बहुमत के आधार पर 7,811 करोड़ रुपये का अनुपूरक बजट पारित कर दिया गया। इसके बाद बुधवार दोपहर 1 बजकर 5 मिनट पर सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई।
कांग्रेस ने फोटो सेशन से बनाई दूरी
उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण में जारी वर्तमान विधानसभा के आखिरी सत्र में बुधवार को हुए फोटो सेशन में विपक्षी कांग्रेस विधायकों ने भाग नहीं लिया जिस पर विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी भूषण ने दुख जताते हुए इसे ‘सदन की परंपरा’ के खिलाफ बताया, वहीं भाजपा ने इसके लिए विपक्षी पार्टी की निंदा की। दूसरे दिन सदन की कार्यवाही शुरू होने से पहले कांग्रेस विधायकों ने विधानसभा परिसर में राज्य में व्याप्त भ्रष्टाचार, अंकिता भंडारी प्रकरण और मंत्री रेखा आर्य प्रकरण को लेकर राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए जुलूस निकाला।
राज्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य के नेतृत्व में नारे लिखी पट्टियां लेकर चल रहे कांग्रेस विधायक सदन के मुख्य द्वार पर पहुंचे और उसके बाहर वहीं धरने पर बैठकर सदन की कार्यवाही शुरू होने तक नारेबाजी करते रहे। विपक्षी विधायकों ने मंत्री रेखा आर्य पर लगे भ्रष्टाचार के आरोपों पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की कथित चुप्पी को लेकर भी नारे लगाए। इस दौरान विधानसभा में हो रहे फोटो सेशन में भी कांग्रेस विधायक भाग लेने नहीं पहुंचे।
संसदीय कार्य मंत्री मनाने पहुंचे, लेकिन नहीं माने विधायक
प्रदेश के संसदीय कार्य मंत्री सुबोध उनियाल विपक्षी विधायकों को बुलाने के लिए आए, लेकिन उन्होंन कहा कि वे ‘भ्रष्ट सरकार’ के साथ फोटो नहीं खिंचवाएंगे। बाद में, सदन की कार्यवाही शुरू होने पर प्रश्नकाल से पहले भाजपा विधायक अरविंद पांडेय ने फोटो सेशन में प्रतिभाग न करने पर विपक्षी विधायकों की निंदा की और उन पर सदन की परंपरा को तोड़ने का आरोप लगाया।
विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी ने जताया दुख
विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूरी भूषण ने भी फोटो सेशन में विपक्षी सदस्यों के हिस्सा न लेने पर आपत्ति जताई। उन्होंने भी इसे सदन की परंपरा के खिलाफ बताते हुए अध्यक्ष के निवेदन पर भी उसमें भाग न लेने पर दुख व्यक्त किया। भूषण ने कहा कि नए विधायकों के लिए फोटो खिंचवाने का मौका चला गया। उन्होंने कहा कि फोटो सेशन विधानसभा की परंपरा है और सभी विधायकों को फोटो खिंचाने के लिए आना चाहिए था। उन्होंने कहा, ”कुछ परंपराएं होती हैं, जिनका पालन किया जाना चाहिए।’
सत्र खत्म, लेकिन सियासी टकराव बरकरार
गैरसैंण में दो दिन चले विधानसभा सत्र का समापन हंगामे, नारेबाजी और राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप के बीच हुआ। एक ओर सरकार ने अनुपूरक बजट पारित कराया, तो दूसरी ओर विपक्ष ने मंत्री रेखा आर्य से जुड़े आरोपों और अन्य मुद्दों पर सरकार को घेरने की कोशिश की। फोटो सेशन का बहिष्कार इस राजनीतिक टकराव का एक और प्रतीक बनकर सामने आया। अब देखना होगा कि सदन के भीतर उठाए गए इन मुद्दों पर आने वाले दिनों में सरकार और विपक्ष के बीच टकराव किस दिशा में आगे बढ़ता है।



