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बेनियाधुस वाटरफॉल: ओडिशा का हिडन जैम, प्रकृति के साथ मिलेगा ट्रैकिंग का मजा

अगर आप भागदौड़ भरी जिंदगी से थक चुके हैं और शांति एवं ठहराव चाहते हैं तो हम आपके लिए ऐसी जगह की जानकारी लेकर आए हैं जो ओडिशा का हिडन जैम है। यहां प्रकृति का छिपा हुआ रूप देखकर पर्यटकों के मन को बेहद शांति मिलती है। हम बात कर रहे हैं बेनियाधुस वाटरफॉल की, जहां मनाली जैसे नजारे भी देखने को मिलेंगे।

बेनियाधुस वाटरफॉल, ओडिशा के नुआपड़ा जिले में सुनाबेड़ा वन्यजीव अभयारण्य के अंदर का हिस्सा है, जहां प्रकृति, वन्यजीव और नेचर का अलग ही रूप देखने को मिलता है। मानसून के मौसम में प्रकृति की सुंदरता अपने चरम पर होती है। यही कारण है कि पहाड़ों और जंगलों से घिरी इस जगह पर मानसून के बाद पर्यटकों की संख्या बढ़ जाती है। यह ट्रैकिंग और पिकनिक के लिए एक शानदार स्थल है।

सुनाबेड़ा वन्यजीव अभयारण्य के भीतर लगभग 60 किमी की दूरी पर बेनियाधस झरना और अनिधास झरना देखने को मिल जाएंगे। ये दोनों ही झरने पृथ्वी के तल से काफी ऊंचाई पर हैं, और मानसून के महीनों में झरनों का स्तर बढ़ जाता है, तो बेनियाधुस वाटरफॉल बहुत खूबसूरत लगता है। बहुत कम लोग ही इस जगह के बारे में जानते हैं, लेकिन ओडिशा टूरिज्म लगातार ऐसी छिपी हुई जगहों का प्रचार करता रहता है। यहां आने वाले पर्यटकों को वाइल्ड लाइफ सेंचुरी, ट्रैकिंग और प्रकृति की सुंदरता, तीनों का लुफ्त उठाने का मौका मिलेगा।

बेनियाधुस वाटरफॉल एक विशाल झरना है, और जब यह नीचे की तरफ गिरता है तो तेज झरझराने की आवाज आती है। आवाज दिल को सुकून देने वाली होती है। ध्यान रखने वाली बात यह भी है कि सुनाबेड़ा वन्यजीव अभयारण्य का एरिया बहुत बड़ा है। ऐसे में अपने साथ खाने-पीने, दवा और बाकी जरूरत का सामान ले जाना न भूलें। वन्यजीव संरक्षण एरिया होने की वजह से वहां बहुत कम चीजें ही उपलब्ध हो पाती हैं।

अगस्त से दिसंबर के महीने में हर साल हजारों की संख्या में पर्यटक और प्रकृति प्रेमी पहुंचते हैं। यहां पहुंचने के लिए सड़क मार्ग है, जो नुआपड़ा, संबलपुर, बरगढ़ और बलांगीर से होकर गुजरता है, और आसानी से बस और टैक्सी की सुविधा भी मिल जाती है। अपने वाहन से भी सुनाबेड़ा वन्यजीव अभयारण्य तक पहुंच सकते हैं। यहां 11 से अधिक वाटरफॉल देखने को मिल जाते हैं।

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