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जोग फॉल्स: गर्मियों में एडवेंचर के शौकीनों के लिए खास जगह,1400 सीढ़ियां उतरकर मिलता है रोमांचक अनुभव

भारत देश में प्रकृति से भरे स्थलों की कमी नहीं है, लेकिन कौन स्थल ज्यादा शांति और सुकून देने वाला है, इसको लेकर संशय हमेशा बना रहता है।

जब भी सवाल कहीं घूमने का होता है, तो हमेशा पहले से ही पूरी जानकारी ले लेनी चाहिए। अगर गर्मियों की छुट्टियों में ठंडक और शांति देने वाले स्थल की तलाश कर रहे हैं, तो कर्नाटक का जोग फॉल्स या फिर गेर्सोप्पा फॉल्स सबसे बेहतरीन स्थल है।

जोग फॉल्स कर्नाटक राज्य के मध्य में स्थित एक अद्भुत प्राकृतिक कृति है। यह मनमोहक फॉल देश के सबसे ऊंचे फॉल्स में शुमार है और इसकी बेजोड़ सुंदरता और भव्यता इसे प्राकृतिक अजूबों की तलाश करने वाले यात्रियों के लिए एक शानदार पर्यटन स्थल बनाती है। जोग फॉल्स भारत का दूसरा सबसे ऊंचा जलप्रपात है, जो 253 मीटर की ऊंचाई के साथ चार अलग-अलग धाराओं, राजा, रानी, ​​रोरर और रॉकेट के रूप में गिरता है। जलप्रपात डेटाबेस के मुताबिक, जोग फॉल्स को ऊंचाई के लिए विश्व में 13वां स्थान दिया गया है।

पश्चिमी घाट में शरावती नदी द्वारा निर्मित यह विशालकाय झरना एक प्रमुख पर्यटन स्थल है, खासकर मानसून के दौरान यहां का नजारा देखने लायक होता है। पानी का स्तर बढ़ जाने की वजह से विशाल झरना तेज आवाज के साथ गिरता है। आस-पास के इलाके में झरने के गिरने की आवाज किसी संगीत की तरह कानों में गूंजती है। मानसून के मौसम में जब पानी का स्तर बढ़ जाता है तो बारिश के बाद विशाल झरने के बीच में इंद्रधनुष देखने को मिलता है, जो इलाके की खूबसूरती को और अधिक बढ़ा देता है। जोग फॉल्स तक पहुंचना भी आसान नहीं है, क्योंकि जोग फॉल्स के हरे भरे जंगलों को पार करने के बाद पर्यटकों को तकरीबन 1400 सीढ़ियां उतरकर झरने तक पहुंचना होता है।

इस दौरान ऊपर देखने पर पानी बहुत तेजी से गिरता हुआ दिखता है, जो मन को सुकून देने वाला दृश्य होता है।

जोग फॉल्स के इतिहास के बारे में बात करें तो विशाल झरने का इतिहास सालों की ज्वालामुखीय गतिविधियों के बाद हुआ है। यह सिर्फ मात्र पर्यटन का स्थल नहीं है, बल्कि कर्नाटक की प्राकृतिक विरासत का गवाह है, जिसे देखने के लिए कम ही लोग आ पाते हैं। जंगलों में होने की वजह से और लंबा ट्रैकिंग एरिया होने की कारण से काफी चलना पड़ता है। अगर आप ट्रैकिंग के शौकीन हैं तो कर्नाटक के इस हिडन जैम को एक्सप्लोर करने के लिए आ सकते हैं।

हालांकि ध्यान रखने वाली बात यह है कि जोग फॉल्स के लगभग 50 किलोमीटर तक ठहरने की व्यवस्था नहीं है, तो इससे पहले ही ठहरने के लिए पुख्ता इंतजाम कर लें। अगर आप फ्लाइट से पहुंचना चाहते हैं तो शिमोगा हवाई अड्डा से यहां तक की दूरी मात्र 16 किलोमीटर है। अगर ट्रेन से यात्रा करके आना चाहते हैं तो शिमोगा नगर रेलवे स्टेशन सबसे पास पड़ेगा। वहीं अगर बस की यात्रा करके आना चाहते हैं तो कर्नाटक राज्य सड़क परिवहन निगम का इस्तेमाल कर सकते हैं, जो अन्य शहरों को शिमोगा से जोड़ता है।

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