
संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा के अपमान के विरोध में दलित समाज ने बुधवार को कड़ा रोष जताया। प्रदर्शनकारियों ने लुधियाना के जालंधर बाईपास चौक पर दिल्ली-अमृतसर नेशनल हाईवे को करीब साढ़े 5 घंटे तक पूरी तरह जाम रखा। इस नाकेबंदी के चलते लुधियाना, जालंधर, अमृतसर, पटियाला, अंबाला और पानीपत रूट पर चलने वाले यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
स्कूल बसें और गाड़ियां फंसीं, रूट डायवर्ट
प्रदर्शनकारियों ने सुबह करीब 10 बजे हाईवे बंद किया, जिससे कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया। दोपहर के समय छुट्टी के बाद घर लौट रहीं स्कूल बसें भी जाम में फंसी नजर आईं। स्थिति को देखते हुए पुलिस ने बैरिकेडिंग कर यातायात को डायवर्ट किया। इसके अलावा लुधियाना बंद के आह्वान के तहत कुछ प्रदर्शनकारी बाजार बंद कराने भी निकले, हालांकि ज्यादातर बाजार खुले रहे।
दूध से प्रतिमा का अभिषेक, पुलिस आश्वासन के बाद खुला रास्ता
मंगलवार को शरारती तत्वों द्वारा प्रतिमा पर जूतों की माला डालकर अपमान करने की घटना सामने आई थी, जिसके बाद इलाके में तनाव फैल गया था। बुधवार सुबह दलित समाज के लोगों ने प्रतिमा का दूध से अभिषेक कर शुद्धिकरण किया। मौके पर पहुंचे एडीसीपी समीर वर्मा ने प्रदर्शनकारियों को आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और जल्द गिरफ्तारी का भरोसा दिया, जिसके बाद दोपहर करीब 3:30 बजे हाईवे खाली कराया गया। प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर प्रतिमा के आसपास सीसीटीवी कैमरे भी लगवा दिए हैं।
कल जालंधर बंद का आह्वान
मामले को लेकर जालंधर में भी रोष बढ़ गया है। ‘भगवान वाल्मीकि शक्ति क्रांति सेना’ और ‘भीम क्रांति सेना’ ने गुरुवार को सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक जालंधर पूर्ण रूप से बंद रखने का आह्वान किया है। हालांकि, नेताओं ने स्पष्ट किया कि स्कूल, कॉलेज, अस्पताल और मेडिकल स्टोर जैसी आपातकालीन सेवाएं बंद से बाहर रहेंगी।



