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भगवंत मान सरकार की ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ ने मास्टरशेफ इंडिया की प्रतियोगी हरमनप्रीत कौर को वर्षों पुरानी बीमारी और बढ़ते इलाज खर्चों से राहत दिलाई

चंडीगढ़/पटियाला, 7 जून:

भगवंत मान सरकार की ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ ने पटियाला की 51 वर्षीय उद्यमी तथा मास्टरशेफ इंडिया सीजन-6 की टॉप-20 प्रतियोगियों में स्थान बनाने वाली हरमनप्रीत कौर को बड़ी राहत प्रदान की है। हरमनप्रीत पिछले लगभग एक दशक से ब्रेन हैमरेज से जुड़ी जटिलताओं, जैसे कि क्रोनिक ब्लीडिंग, डायबिटीज और सोरायसिस सहित कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रही थीं।

करीब दो वर्षों से मासिक धर्म के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव की समस्या से पीड़ित हरमनप्रीत को 30 अप्रैल 2026 को राजिंदरा अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 2 मई को उनका सफल लैप्रोस्कोपिक ऑपरेशन किया गया। हरमनप्रीत ने कहा कि मुख्यमंत्री सेहत योजना ने न केवल उनके इलाज का आर्थिक बोझ कम किया, बल्कि उसे समय पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं भी उपलब्ध कराईं।

हरमनप्रीत की स्वास्थ्य समस्याएं वर्ष 2011 में हुए ब्रेन हैमरेज के बाद शुरू हुई थीं, जिसके कारण उन्हें न्यूरोलॉजिकल जटिलताओं का सामना करना पड़ा। लंबे समय तक चली बीमारी का असर परिवार की आर्थिक स्थिति पर भी पड़ा। उनकी देखभाल के लिए उनके पति को निजी क्षेत्र की अच्छी नौकरी छोड़नी पड़ी, जबकि इलाज का खर्च लगातार बढ़ता रहा।

कुछ वर्षों बाद, वर्ष 2025 में, पेरिमेनोपॉज के दौरान वे लंबे समय तक लगातार रक्तस्राव की समस्या से पीड़ित हो गईं। उनके गंभीर चिकित्सकीय इतिहास के कारण एनेस्थीसिया से जुड़े किसी भी ऑपरेशन में जोखिम काफी अधिक था। वर्ष 2020 और 2024 में मिरेना इंसर्शन सहित कई उपचार करवाने के बावजूद उनकी समस्या बनी रही और लगभग दो वर्षों तक वह लगातार क्रोनिक ब्लीडिंग से पीड़ित रहीं।

इस संबंध में जानकारी देते हुए सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं राजिंदरा अस्पताल के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की प्रोफेसर डॉ. प्रीत कमल सिबिया ने कहा, “हरमनप्रीत, जो रजोनिवृत्ति (मेनोपॉज) की ओर बढ़ रही थीं, पिछले लगभग दस वर्षों से अत्यधिक मासिक धर्म रक्तस्राव की समस्या से पीड़ित थीं। इसके साथ ही उन्हें उच्च रक्तचाप, टाइप-2 डायबिटीज, हाइपोथायरॉयडिज्म, सोरायसिस और न्यूरोलॉजिकल जटिलताओं सहित कई अन्य स्वास्थ्य समस्याएं भी थीं।”

डॉ. सिबिया ने आगे बताया, “उसके गर्भाशय में एक बड़ा फाइब्रॉइड था और पहले भी लंबे समय तक दवाइयों के माध्यम से उपचार किया गया था, लेकिन अपेक्षित सफलता नहीं मिली। विस्तृत जांच के बाद हमारी टीम ने उसका टोटल लैप्रोस्कोपिक हिस्टरेक्टॉमी ऑपरेशन किया। ऑपरेशन सफल रहा, ऑपरेशन के बाद उसकी रिकवरी सुचारू रूप से हुई और उन्हें संतोषजनक स्थिति में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।”

हरमनप्रीत ने बताया कि उपचार के दौरान डॉ. सिबिया की सलाह पर उसने मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत पंजीकरण करवाया, जिससे उनके परिवार पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ काफी कम हो गया। उसने इस जनकल्याणकारी योजना के लिए भगवंत मान सरकार का धन्यवाद किया तथा डॉक्टरों और अस्पताल स्टाफ की भी सराहना की, जिन्होंने मुख्य उपचार के साथ-साथ उसकी डायबिटीज और सोरायसिस जैसी अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का भी पूरा ध्यान रखा।

अपने उद्यमी सफर के लिए जानी जाने वाली हरमनप्रीत ने वर्षों तक पटियाला में टिफिन सेवा, फूड कार्ट और फूड वैन संचालित की है। लंबे समय तक बीमारी से संघर्ष करने के बावजूद उन्होंने खाना बनाने के अपने जुनून को जारी रखा और मास्टरशेफ इंडिया सीजन-6 के टॉप-20 प्रतियोगियों में स्थान बनाया। अब स्वस्थ  होने के बाद वे अपने सपनों को फिर से साकार करने की तैयारी कर रही हैं।

कैशलेस इलाज और समय पर मिली स्वास्थ्य सहायता के लिए आभार व्यक्त करते हुए हरमनप्रीत ने कहा कि इस अनुभव ने सार्वजनिक सेवाओं के प्रति उनका विश्वास फिर से मजबूत किया है और सरकार पर उसका भरोसा और बढ़ा है। उसने कहा, “मेरे जैसे लाभार्थी इस बात का प्रत्यक्ष उदाहरण हैं कि किफायती और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं आम लोगों, विशेषकर लंबे समय से गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के जीवन में कितना बड़ा बदलाव ला सकती हैं।”

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