पंजाबराज्य

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने किसानों को दिया बड़ा तोहफ़ा, मालवा क्षेत्र के चार ज़िलों तक पहुँचा नहर का पानी

मक्खू। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज फिरोजपुर फीडर नहर के रेनोवेशन के पहले फेज़ का उद्घाटन किया और इसे किसानों के लिए एक ऐतिहासिक तोहफ़ा बताया। उन्होंने कहा कि यह ऐतिहासिक कदम भविष्य में पंजाब के पानी को बचाने के लिए एक ऐतिहासिक कदम सिद्ध होगा। इस नहर को मालवा क्षेत्र की लाइफलाइन बताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह प्रोजेक्ट फिरोजपुर, फरीदकोट, श्री मुक्तसर साहिब और फाजिल्का जिलों के लिए वरदान सिद्ध होगा।

उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट से सिंचाई की क्षमता बढ़ी है, जिससे पंजाब के खेतों तक नहर का पानी और पहुंचेगा। 180 करोड़ रुपये की लागत वाले इस प्रोजेक्ट से इस नहर की क्षमता 2681 क्यूसिक बढ़ गई है, जिससे इसकी क्षमता 11,192 क्यूसिक से बढ़कर 13,873 क्यूसिक हो गई है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पिछली सरकारें 74 साल तक नहर की कैपेसिटी बढ़ाने या कंक्रीट लाइनिंग करने में नाकाम रहीं, लेकिन मौजूदा सरकार ने ज़मीनी स्तर पर बड़े सुधार किए हैं। उन्होंने कहा कि जब उनकी सरकार सत्ता में आई थी, तब पंजाब के खेतों तक सिर्फ़ 21प्रतिशत नहरी पानी पहुंचता था,जबकि आज यह 68 प्रतिशत पहुँच रहा है|  जिससे पूरे राज्य में सिंचाई सिस्टम में बड़ा सुधार हुआ है।

मुख्यमंत्री ने आज फिर कहा कि पंजाब के पास किसी और को देने के लिए सरप्लस पानी नहीं है। उन्होंने कहा कि पंजाब का हित सबसे ऊपर है और किसी दूसरे राज्य को पानी की एक बूंद भी नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और अकाली दल की सरकारों ने दूसरे राज्यों को पानी देने के एग्रीमेंट करके पंजाब के साथ धोखा किया है। उन्होंने अकाली दल पर निशाना साधते हुए कहा कि जिस पार्टी को कमेटी बनाने के लिए 11 सदस्य नहीं मिल रहे, वह पंजाब में 117 सीटें जीतने का सपना देख रही है।

इस अवसर पर एक सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “आज पंजाब के लोगों, विशेष रूप से मालवा क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक और खुशी का दिन है। फिरोजपुर फीडर नहर, जिसे मालवा क्षेत्र के कई जिलों की लाइफलाइन माना जाता है, के नवीनीकरण के पहले फेज का आज उद्घाटन हो रहा है।” उन्होंने आगे कहा, “नवीनीकरण से यह नहर इंसानों, जानवरों और क़ृषि क्षेत्र की पानी की जरूरतों को पूरा करके वरदान सिद्ध होगी।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “पहले फेज़ पर 180 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। मैं उन इंजीनियरों, सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों को शुभकामनाएं देता हूं जिन्होंने 35 दिनों के अंदर युद्ध स्तर पर नहर की 15 किलोमीटर लाइनिंग पूरी की।” उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट के लिए कुल 126 सरकारी कर्मचारी और 4,000 कर्मचारी लगाए गए थे। उन्होंने कहा, “पहले फेज़ के उद्घाटन के साथ ही नहर की कैपेसिटी 2,681 क्यूसिक बढ़ गई है। पहले नहर की कैपेसिटी 11,192 क्यूसिक थी, जो अब बढ़कर 13,873 क्यूसिक हो गई है।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा, “नहर की गहराई 18 फीट से बढ़ाकर 21 फीट और नहर की चौड़ाई 163 फीट से बढ़ाकर 180 फीट कर दी गई है।” हरिके हेडवर्क्स से शुरू होने वाली यह नहर फिरोजपुर, फरीदकोट, श्री मुक्तसर साहिब और फाजिल्का के चार जिलों के क्षेत्र में सिंचाई की सुविधा देती है। “इस नहर के रेनोवेशन से इन चार जिलों के 14 ब्लॉक  गिद्दड़बाहा, मक्खू, ममदोट, बल्लूआना, जलालाबाद, गुरु हर सहाय, अरनीवाला, खुइयां सरवर, लंबी, मलोट, फाजिल्का, मुक्तसर और फिरोजपुर को सीधा लाभ होगा।” मुख्यमंत्री ने कहा, “इस नहर की रीलाइनिंग से 6,45,200 हेक्टेयर जमीन को सिंचाई का पानी मिलेगा। अब इंटरनेशनल बॉर्डर से लगे बॉर्डर क्षेत्र विशेष तौर पर फाजिल्का और जलालाबाद को फिरोजपुर फीडर से पानी मिलेगा।”

उन्होंने कहा कि पहले हुसैनीवाला हेडवर्क्स से फीडर के माध्यम से पानी पाकिस्तान जाता था और गंदा पानी पाकिस्तान के कसूर शहर के पास बहने वाली सतलुज नदी में छोड़ा जाता था, जो फिर देश में आ जाता था। उन्होंने कहा कि “सीमावर्ती गांवों में गंदा पानी आता है लेकिन अब ग्राउंडवाटर बढ़ाने और गांवों को साफ पानी देने के लिए वॉटर रिचार्ज सिस्टम शुरू किया गया है।” नहरों के रेनोवेशन के पहले के कार्यों की चर्चा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पिछले साल सरहिंद फीडर, जो फिरोजपुर फीडर सिस्टम का हिस्सा है, की लाइनिंग का काम पूरा हुआ था।

फिरोजपुर फीडर की रीलाइनिंग से सरहिंद फीडर की कैपेसिटी बढ़ेगी, जिससे पानी की कमी की समस्या हमेशा के लिए हल हो जाएगी।” उन्होंने आगे कहा कि फिरोजपुर फीडर नहर 1952 में बनी थी और पिछले 74 सालों में पिछली सरकारों ने इसकी कैपेसिटी बढ़ाने या कंक्रीट लाइनिंग करने के लिए कोई कदम नहीं उठाया। मुख्यमंत्री ने कहा, “नहर का मौजूदा स्ट्रक्चर खराब था, जिसकी वजह से खरीफ सीजन में करीब 1,000 क्यूसिक पानी की कमी हो जाती थी और नहरों को रोटेशनल बेसिस पर चलाना पड़ता था। यह नहर रेनोवेशन प्रोजेक्ट मालवा क्षेत्र के किसानों की आर्थिक खुशहाली में अहम योगदान देगा।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “राज्य सरकार ने नहर सिस्टम को फिर से शुरू करने के लिए 6,500 करोड़ रुपये खर्च किए हैं और पहली बार राज्य के 1365 गांवों को नहर का पानी मिला है।” मुख्यमंत्री ने कहा कि जब आप सरकार सत्ता में आई थी, तब राज्य में सिंचाई के लिए नहर के पानी का सिर्फ़ 21 प्रतिशत उपयोग  हो रहा था। “आज, सिंचाई के लिए नहर के पानी का 68 प्रतिशत उपयोग हो रहा है और आने वाले धान के मौसम तक इसे बढ़ाकर 85 प्रतिशत कर दिया जाएगा।” उन्होंने कहा कि अंतिम शोर तक पानी पहुंचाने के लिए 6,900 किलोमीटर लंबाई के  18,349 रजवाहों को फिर से चालू किया गया है।

पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “जिन नेताओं के घर तक नहरी समाप्त हो जाती थी , उन्होंने कभी इसकी चिंता नहीं की। किस तरह के निर्णय मात्र  वही नेता ले सकते हैं जिन्हें ज़मीनी हकीकत पता हो, न कि वे जो पहाड़ों पर कॉन्वेंट स्कूलों में पढ़े हों।” उन्होंने आगे कहा, “ये पुरानी राजनीतिक पार्टियां गद्दार थीं जो कभी राज्य और उसके लोगों के प्रति वफ़ादार नहीं रहीं।”

उन्होंने लोगों को याद दिलाया, “जिन लोगों ने सतलुज-यमुना लिंक (SYL) नहर एग्रीमेंट पर साइन किए और उसके सर्वे की इजाज़त दी, उनके हरियाणा में बड़े-बड़े रिसॉर्ट हैं, जबकि दूसरा जिसने उस समय के प्रधानमंत्री को कट लगाने के लिए चांदी की कही( फाबढ़ा )दिया था, आज खुद को ‘पानी दा राखा’ कहता है। इन लोगों ने अपने निजी राजनीतिक स्वार्थ के लिए राज्य के हितों को नज़रअंदाज़ किया और इसीलिए राज्य के लोगों ने उन्हें पूरी तरह से नकार दिया।” अकाली दल की ‘पंजाब बचाओ यात्रा’ पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, “इस ड्रामे का असली नाम ‘परिवार बचाओ यात्रा’ है। 15 साल तक राज्य को लूटने के बाद, वे किससे राज्य बचाने की कोशिश कर रहे हैं?”

सीमावर्ती क्षेत्रवासियों के प्रति अपनी सरकार का वायदा दोहराते हुए, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब सरकार सीमावर्ती क्षेत्र के निवासियों, जो देश के सच्चे देशभक्त हैं, के हित के लिए हर मुमकिन कोशिश कर रही है।” उन्होंने कहा कि पंजाब के सीमावर्ती क्षेत्र के किसानों को बड़ी राहत देते हुए, केंद्र सरकार ने बॉर्डर फेंस को इंटरनेशनल बॉर्डर के नजदीक शिफ्ट करने को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है, जिससे फेंस के पार के हजारों एकड़ खेतों में बिना किसी रुकावट के खेती करने का रास्ता साफ हो जाएगा।

उन्होंने कहा, “किसान लंबे समय से सीमा सुरक्षा बल की सुरक्षा में अपने पहचान पत्र दिखाकर फेंस पार करके अपने खेतों तक पहुंचने के लिए मजबूर होना पड़ता है व 532 किलोमीटर  भारत-पाक बॉर्डर पर, जहां यह फेंस पंजाब के क्षेत्र में काफी अंदर लगाई गई है, उन्हें रोजाना मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।” पानी के बंटवारे पर अपना रुख दोहराते हुए, मुख्यमंत्री ने कहा, “पंजाब के पास किसी दूसरे राज्य को देने के लिए कोई सरप्लस पानी नहीं है और किसी को भी राज्य से एक बूंद भी पानी लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी।”

उन्होंने आगे कहा, “सतलज यमुना लिंक के मुद्दे सिर्फ यमुना सतलज लिंक के मध्यम से ही हल किए जा सकते हैं, जिससे यमुना के पानी का सही इस्तेमाल सुनिश्चित होगा। पंजाब के पास किसी भी राज्य को देने के लिए कोई सरप्लस पानी नहीं है और पानी देने का सवाल ही नहीं उठता।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “अपनी नदियों का पानी होने के बावजूद, पंजाब अपनी पानी की ज़रूरतों को नज़रअंदाज़ करता है व अपना लगभग 60 प्रतिशत पानी उन राज्यों की ज़रूरतों को पूरा करने के लिए देता है, जिनसे रावी-ब्यास और सतलुज नदियाँ नहीं गुज़रती हैं। पंजाब की नदियों का पानी सहयोगी राज्यों के बीच बाँटा जाता है, जबकि सिर्फ़ पंजाब को बाढ़ से होने वाले नुकसान और हर साल भारी फ़ाइनेंशियल बोझ उठाना पड़ता है।” उन्होंने कहा, “राज्य और उसके लोगों के हित सबसे ऊपर हैं और इस मामले में कोई समझौता नहीं हो सकता।”

अकाली लीडरशिप पर हमला करते हुए उन्होंने कहा, “जिन लोगों को अपनी पार्टी कमेटी बनाने के लिए 11 सदस्य भी नहीं मिल रहे हैं, वे राज्य में 117 सीटें जीतने का सपना देख रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा, “इन नेताओं ने राज्य में गैंगस्टरों को बढ़ावा दिया और ड्रग पेडलर्स को बचाकर राज्य के युवाओं को ड्रग्स के दलदल में धकेल दिया। आज भी, वे गैंगस्टरों को बढ़ावा दे रहे हैं और उनमें से एक को तरनतारन उपचुनाव के दौरान पार्टी टिकट पर मैदान में उतारा गया था।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “अकाली दल राजनीतिक रूप से बेअसर नेताओं की पार्टी है, जिन्हें लोगों ने बार-बार नकार दिया है। वे धर्म का गलत इस्तेमाल कर सकते हैं, लेकिन लोग उनके जाल में नहीं फंसेंगे। लोग उनके पापों के लिए उन्हें कभी माफ नहीं करेंगे और उन्हें फिर से सबक सिखाएंगे।” उन्होंने आगे कहा, “लोगों ने उन्हें बार-बार चुना था, लेकिन उन्होंने राज्य की पीठ में छुरा घोंपा। उन्होंने अपने निजी राजनीतिक हितों के लिए धर्म का गलत इस्तेमाल किया, इसलिए उन्हें माफ नहीं किया जा सकता।”

उन्होंने कहा, “पारंपरिक राजनीतिक पार्टियां उनसे जलती हैं, क्योंकि वे यह बात बर्दाश्त नहीं कर सकतीं कि एक साधारण परिवार का बेटा राज्य को अच्छे से चला रहा है।” उन्होंने कहा कि लोगों का ऐसी पार्टियों से भरोसा उठ गया है। उन्होंने कहा, “पिछली सरकारों ने पंजाब और पंजाबियों से ज़्यादा अपने परिवार वालों की चिंता की और इसीलिए लोगों ने उन्हें सत्ता से बाहर का रास्ता दिखाया। वे सुबह-सुबह मेरे खिलाफ जहर उगलना शुरू कर देते हैं, क्योंकि मैंने लोगों के सामने उनका असली चेहरा दिखा दिया है।” एक और तंज कसते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “कांग्रेस और अकालियों का सिर्फ़ चार पॉइंट का एजेंडा है, जिसके तहत वे अपने पुत्र -भतीजों और साला-जीजा की अच्छाई को पक्का करना चाहते हैं।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “आप सरकार सरकारी खजाने का एक-एक पैसा ज़िम्मेदारी से लोगों की भलाई के लिए इस्तेमाल कर रही है। 90 प्रतिशत से ज़्यादा घरों को फ़्री बिजली मिल रही है और किसानों को दिन में भी बिजली मिल रही है, जो एक अनोखी मिसाल है।”
उन्होंने आगे कहा कि ऐसे समय में जब केंद्र सरकार देश की संपत्ति को  अपने हितेशियों को कम दामों पर बांट रही है, पंजाब सरकार ने एक प्राइवेट थर्मल प्लांट खरीदकर इतिहास रच दिया है।”

स्वास्थ्य सुरक्षा पर रोशनी डालते हुए उन्होंने कहा, “फ़्री हेल्थकेयर देने के लिए 881 आम आदमी क्लीनिक खोले गए हैं और सरकारी अस्पतालों में अच्छी हेल्थकेयर सर्विस स्थाई की जा रही हैं।” उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री सेहत बीमा योजना शुरू की है, जो पंजाब में रहने वाले प्रत्येक परिवार को 10 लाख रुपये तक का कैशलेस मेडिकल इलाज देती है।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब भारत का पहला राज्य है जिसने इतना बड़ा हेल्थकेयर कवरेज दिया है, जिससे लोगों पर पैसे का बोझ काफी हद तक कम हुआ है और अच्छी सर्विस भी मिली हैं। इस ऐतिहासिक कदम का उद्देश्य सभी परिवारों को पूरा हेल्थकेयर देना है।” उन्होंने आगे कहा कि बिना किसी रिश्वत या सिफारिश के युवाओं को 63,000 से ज़्यादा सरकारी नौकरियां दी गई हैं।

ड्रग्स के खिलाफ लड़ाई का ज़िक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “पिछली सरकारों ने ड्रग माफिया को बढ़ावा दिया था, लेकिन हमारी सरकार ने ड्रग्स के खिलाफ ‘ युद्ध नशेयां विरुद्ध’ जंग शुरू की है।” उन्होंने आगे कहा, “इस बुराई को खत्म करने के लिए सही प्लानिंग की गई है और जंग ज़ोरों पर शुरू हो गई है। “ड्रग्स की सप्लाई रोकने के अतिरिक्त, बड़ी मछलियों को सलाखों के पीछे डाला गया है और ड्रग तस्करों की संपत्ति ज़ब्त की जा रही है।”

अपील करते हुए, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “लोगों के सक्रिय सहयोग से इस कैंपेन को लोगों की लहर बनाने की ज़रूरत है। वह दिन दूर नहीं जब लोगों के सहयोग  से पंजाब पूरी तरह से नशा-मुक्त राज्य बन जाएगा।” उन्होंने समाज के हर वर्ग की भलाई और पंजाब की उन्नति के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री बरिंदर गोयल, सामाजिक सुरक्षा, महिला और बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर व कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुडियां भी मौजूद थे।

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