पंजाबराज्य

सीएम भगवंत मान ने श्री गुरु रविदास बाणी रिसर्च सेंटर की नींव रखी

करतारपुर (जालंधर)। श्री गुरु रविदास जी महाराज की शाश्वत शिक्षाओं और इलाही संदेश के प्रति श्रद्धा और सत्कार भेंट करते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज जालंधर के डेरा सचखंड बल्लां में ‘श्री गुरु रविदास जी बाणी अध्ययन केंद्र’ का नींव पत्थर रखा। इस पवित्र मौके पर डेरा सचखंड बल्लां के पद्म श्री संत निरंजन दास जी, बाल नाथ आश्रम के संत प्रगट नाथ जी, कठार के संत परदीप दास जी, संत तेजा सिंह जी, संत निर्मल दास जी जौड़े वाले, संत लेख राज जी और अन्य प्रमुख शख्सियतें मौजूद थी।

श्री गुरु रविदास जी महाराज के महान जीवन, दर्शन और पवित्र बाणी के अध्ययन के लिए प्रतिष्ठित संस्था के रूप में विकसित किया जा रहा यह केंद्र 10.4 एकड़ रकबे में बनाया जाएगा। इसकी कुल लागत 37 करोड़ रुपए आएगी, जिसमें से 11 करोड़ रुपए जमीन पर और 60 लाख रुपए जरूरी मंजूरियों पर खर्च किए गए हैं, जबकि इसकी निर्माण के लिए जरूरी सारा खर्च पंजाब सरकार द्वारा उठाया जाएगा।

इस केंद्र में एक तीन-मंजिला प्रशासनिक और अध्यापन (एडमिन व टीचिंग) ब्लॉक, लड़के और लड़कियों के लिए तीन-मंजिला होस्टल (हरेक होस्टल में 54 छात्रों के रहने की सुविधा) और अध्यापकों तथा स्टाफ के लिए दो-मंजिला इमारत होगी। यह केंद्र बच्चों, छात्रों और शोधकर्ताओं को श्री गुरु रविदास जी महाराज के जीवन, बाणी, दर्शन और शिक्षाओं का अध्ययन करने के लिए विशेष स्थान प्रदान करेगा और ऐसी शोध को प्रोत्साहित करेगा जो उनके ज्ञान और संदेश के प्रकाश को दुनिया भर में फैलाए।

यह नींव पत्थर पंजाब सरकार द्वारा श्री गुरु रविदास जी महाराज के 650वें प्रकाश पर्व को समर्पित साल भर चलने वाले समारोहों के हिस्से के रूप में रखा गया है, जिसके लिए 100 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है। इन समारोहों के तहत 50 मोबाइल वैनें सभी 23 जिलों के 13,000 गांवों में गुरु जी के जीवन, दर्शन और शिक्षाओं पर डाक्यूमेंट्रियां दिखाने के लिए जा रही हैं, ताकि उनके समानता, मानवता और मान-सत्कार के संदेश को पूरे पंजाब के लोगों तक पहुंचाया जा सके। उनकी शिक्षाओं ने जाति-पात के भेदभाव और सामाजिक असमानता के खिलाफ जोरदार आवाज बुलंद की और मानवता को सच्चा राह दिखाया, जबकि उनके समानता वाले समाज का संकल्प आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।

इस मौके पर मुख्यमंत्री के साथ कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा, अमन अरोड़ा, तरुनप्रीत सिंह सौंद, महिंदर भगत, डा. रवजोत, हरभजन सिंह ई.टी.ओ. और लाल चंद कटारूचक्क; लोकसभा सदस्य डा. राज कुमार चब्बेवाल; पंजाब राज्य सहकारी कृषि विकास बैंक के चेयरमैन पवन कुमार टीनू; पर्यटन और सांस्कृतिक मामले विभाग के सलाहकार दीपक बाली; विधायक बलकार सिंह और इंदरजीत कौर मान तथा अन्य उपस्थित थे।

इस मौके पर डेरा बल्लां के पद्म श्री संत निरंजन दास जी, बाल नाथ आश्रम के संत प्रगट नाथ जी, कठार के संत परदीप दास जी, संत तेजा सिंह जी, संत निर्मल दास जी जोड़े वाले, संत लेख राज जी सहित संत समाज भी हाजिर था।

इस मौके पर संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “हमारे लिए यह बहुत ही गर्व और तसल्ली वाली बात है कि प्रदेश सरकार श्री गुरु रविदास जी महाराज के प्रति श्रद्धा और सत्कार के रूप में एक और नेक उपक्रम कर रही है। हम सचमुच भाग्यशाली हैं कि हमें श्री गुरु रविदास जी महाराज के 650वें प्रकाश पर्व को समर्पित यह सेवा करने का सौभाग्य हासिल हुआ है। इस उपक्रम के तहत आज श्री गुरु रविदास जी बाणी अध्ययन केंद्र का नींव पत्थर रखा जा रहा है। इस पूरे प्रोजेक्ट पर 37 करोड़ रुपए की लागत आएगी, जिसमें से 11 करोड़ रुपए जमीन पर और 60 लाख रुपए जरूरी मंजूरियों पर खर्च किए जा चुके हैं। केंद्र की निर्माण के लिए जो भी खर्च जरूरी होगा, वह पंजाब सरकार द्वारा किया जाएगा।”

इस केंद्र में योजनाबद्ध बुनियादी ढांचे के बारे में विस्तार से बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “यह केंद्र 10.4 एकड़ रकबे में फैला होगा और कुल कवरड एरिया लगभग 96,500 वर्ग फुट होगा। केंद्र में तीन-मंजिला प्रशासनिक और अध्यापन ब्लॉक के साथ-साथ लड़कों और लड़कियों के लिए तीन-मंजिला होस्टल होंगे, जिनमें से हरेक में होस्टल 54 छात्रों के रहने की सुविधा होगी। अध्यापकों और अन्य फैकल्टी मेंबर्स के लिए 1,200 वर्ग फुट में फैला एक दो-मंजिला आवासीय ब्लॉक भी बनाया जाएगा।”

इस केंद्र को गुरु जी महाराज की शिक्षाओं के अध्ययन और प्रचार-प्रसार के लिए महान संस्था के रूप में देखते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह केंद्र श्री गुरु रविदास जी महाराज की बाणी के व्यापक अध्ययन और शोध में बहुत सहायक सिद्ध होगा, इसके साथ ही गुरु जी की शिक्षाओं को दुनिया के कोने-कोने में पहुंचाने में अहम भूमिका निभाएगा। मुझे उम्मीद है कि यह केंद्र श्री गुरु रविदास जी महाराज की विचारधारा को आगे बढ़ाने के लिए रोशनी का मीनार के रूप में काम करेगा, ताकि हमारी आने वाली पीढ़ियां उनकी बाणी से प्रेरणा ले सकें। यह केंद्र गुरु जी के जीवन और दर्शन का अध्ययन करने वाले छात्रों और शोधकर्ताओं को श्री गुरु रविदास जी महाराज की पवित्र बाणी के विभिन्न पहलुओं पर अध्ययन करने की सुविधा प्रदान करने में केंद्रीय भूमिका निभाएगा।”

इस उपक्रम को शिक्षा के क्षेत्र में प्रदेश सरकार के व्यापक प्रयासों से जोड़ते हुए उन्होंने कहा, “हमारी सरकार ने शिक्षा को प्राथमिकता दी है और लोगों के जीवन को बदलने के लिए शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी पहल की हैं। कोई भी मुफ्त की सुविधाएं या रियायती कार्ड प्रदेश से गरीबी या अन्य सामाजिक बुराइयों को खत्म नहीं कर सकते, लेकिन शिक्षा वह जरिया है जो लोगों के जीवन स्तर को ऊंचा उठाकर उन्हें इस बुरे दौर से बाहर निकाल सकता है। इसी वजह से हमारी सरकार आम लोगों को सक्षम बनाने के लिए शिक्षा के स्तर को सुधारने के लिए अथक प्रयास कर रही है।”

स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में पंजाब की उपलब्धियों पर रोशनी डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “इन प्रयासों के कारण पंजाब स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में शानदार प्रदर्शन कर रहा है और भारत सरकार की प्रमुख संस्थाओं में से एक नीति आयोग ने नए आंकड़े जारी किए हैं जो दर्शाते हैं कि पंजाब ने प्राथमिक और मिडिल स्कूल शिक्षा में केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली को पीछे छोड़कर नंबर एक स्थान हासिल किया है। शिक्षा वह रोशनी है जो अंधेरे को दूर करके संसार को रौशन करती है, जिस कारण प्रदेश सरकार इस पर विशेष जोर दे रही है।

प्रदेश सरकार का मानना है कि हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा मिलनी चाहिए, चाहे उसका आर्थिक पृष्ठभूमि कैसा भी हो।” बच्चों को बराबर के मौके प्रदान करने के लिए सरकार के प्रयासों पर जोर देते हुए उन्होंने कहा, “हमारी सरकार शिक्षा के क्षेत्र को प्रोत्साहित करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। सरकार की पहलों का मकसद यह यकीनी बनाना है कि आम परिवारों के बच्चों को भी आगे बढ़ने के वही मौके मिलें जो किसी और को मिलते हैं। आने वाली पीढ़ियों को काबिल और सक्षम बनाने तथा खुशहाल पंजाब की रचना के लिए शिक्षा सबसे मजबूत हथियार है और प्रदेश सरकार इसे और मजबूत करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेगी। जब मैंने पद संभाला था तब प्रदेश स्कूली शिक्षा में 27वें नंबर पर था, लेकिन यह हमारे लिए बहुत गर्व और संतुष्टि वाली बात है कि आज पंजाब इस क्षेत्र में नंबर एक पर है।”

नीट परीक्षा पास करने वाले सरकारी स्कूलों के छात्रों की संख्या में हुए वृद्धि पर रोशनी डालते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “जहां 2021 में सरकारी स्कूलों के सिर्फ 80 छात्रों ने नीट परीक्षा पास की थी, वहीं 2026 में यह संख्या बढ़कर 881 छात्र हो गई है, जो कि पंजाब के सरकारी स्कूलों की अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धि है। पिछली सरकारों ने पूरे प्रदेश के स्कूलों को सिर्फ ‘मिड डे मील’ केंद्रों में बदलकर रख दिया था, लेकिन अब ये स्कूल शिक्षा के धुरी के रूप में बदल चुके हैं। पंजाब सरकार प्रदेश में शिक्षा को बढ़ावा देने और गरीब छात्रों के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक पहुंच यकीनी बनाने के मिशन पर काम कर रही है।”

श्री गुरु रविदास जी महाराज की शिक्षाओं के बारे में बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “श्री गुरु रविदास जी महाराज ने समूची मानवता की भलाई और समाज के सभी वर्गों की बराबरी का संदेश दिया ताकि समानतावादी मूल्यों पर आधारित समाज की रचना हो। श्री गुरु रविदास जी महाराज ने एक ऐसे आदर्श समाज की परिकल्पना की जहां कोई भी किसी तरह का दुख न भोगे। अपनी शिक्षाओं के जरिए श्री गुरु रविदास जी महाराज ने जाति-पात के भेदभाव और सामाजिक असमानता के खिलाफ जोरदार आवाज बुलंद की और मानवता को इंसानियत, हमदर्दी, बराबरी और मान-सत्कार का राह दिखाया।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “श्री गुरु रविदास जी महाराज का जन्म उस समय हुआ था जब समाज जाति-पात में बुरी तरह उलझा हुआ था और ऊंच-नीच के कट्टर विचारों में बंटा हुआ था। समाज को बांटने वाली ताकतों के खिलाफ आंदोलन चला, जिसे बाद में ‘भक्ति आंदोलन’ के रूप में जाना गया। अपनी बाणी के जरिए श्री गुरु रविदास जी महाराज ने वर्ग-रहित समाज की कल्पना की जिसमें कोई भी व्यक्ति दुख, दर्द या अलगाव का शिकार न हो। श्री गुरु रविदास जी महाराज ने मनुष्यों में सामाजिक असमानताओं के भ्रम और भेदभावों को दूर करने के लिए अपनी बाणी के जरिए आध्यात्मिक ज्ञान बख्शा। प्रदेश सरकार श्री गुरु रविदास जी महाराज की सोच के अनुसार बराबरी वाले समाज की रचना के लिए वचनबद्ध है।”

650वें प्रकाश पर्व समारोहों के बारे में बोलते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “मैं बहुत भाग्यशाली हूं कि मुझे श्री गुरु रविदास जी महाराज का 650वां प्रकाश पर्व इतने बड़े स्तर पर मनाने का सौभाग्य मिला है। प्रदेश सरकार श्री गुरु रविदास जी के 650वें प्रकाश पर्व को बेमिसाल ढंग से मनाने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेगी। गुरु जी के संदेश को दुनिया भर में फैलाना हम सबका साझा फर्ज है। श्री गुरु रविदास महाराज जी ने हर तरह के भेदभाव से मुक्त समानतावादी समाज की कल्पना की थी और श्री गुरु रविदास जी महाराज के 650वें प्रकाश पर्व को समर्पित साल भर चलने वाले समारोह शुरू गए हैं।”

उन्होंने कहा, “श्री गुरु रविदास जी महाराज का 650वां प्रकाश पर्व बहुत ही धूमधाम से मनाया जा रहा है और इस मकसद के लिए बजट में 100 करोड़ रुपए रखे गए हैं। श्री गुरु रविदास जी महाराज के प्रेरणादायक जीवन, दर्शन और पवित्र शिक्षाओं को घर-घर पहुंचाने के लिए विशेष डाक्यूमेंट्री शो करवाए जा रहे हैं। ये डाक्यूमेंट्रियां दिखाने के लिए मोबाइल वैनों को हरी झंडी देकर रवाना किया गया है, जो गांव-गांव जा रही हैं। ये वैनें पंजाब के सभी 23 जिलों के लगभग 13,000 गांवों का दौरा करेंगी और इस नेक कार्य के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी जाएगी।”

संत समाज से हुई बातचीत के बारे में बोलते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “मैं खुद को भाग्यशाली समझता हूं कि मुझे पद्म श्री संत निरंजन दास जी का आशीर्वाद प्राप्त हुआ है, जिन्हें हाल ही में पद्म श्री अवॉर्ड से नवाजा गया है और जो आज हम सबके बीच मौजूद हैं।” इससे पहले कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा और विधायक बलकार सिंह ने इस पवित्र मौके पर आई शख्सियतों का स्वागत किया।

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