पंजाबराज्य

वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा द्वारा सामाजिक सुरक्षा विभाग को आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए न्यूनतम 60 लाख रुपये का जीवन बीमा सुनिश्चित करने के निर्देश

चंडीगढ़, 23 जुलाई 2026

प्रदेश के कर्मचारियों की मांगों और मुद्दों को हल करने के लिए पंजाब के वित्त मंत्री और कैबिनेट उप-समिति के अध्यक्ष हरपाल सिंह चीमा ने आज शिक्षा विभाग की पाँच यूनियनों, दो आंगनवाड़ी यूनियनों और एक आउटसोर्स कर्मचारी यूनियन के प्रतिनिधियों के साथ महत्वपूर्ण बैठकें कीं।

इन सत्रों के दौरान वित्त मंत्री ने सामाजिक सुरक्षा विभाग को स्पष्ट निर्देश जारी किए कि वह वेतन देने वाले बैंकों के साथ समन्वय करके आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए न्यूनतम 60 लाख रुपये का जीवन बीमा सुनिश्चित करे। ये विस्तृत बैठकें राज्य सरकार की अपने कर्मचारियों से सीधे जुड़ने और उनकी प्रशासनिक एवं वित्तीय शिकायतों का शीघ्र तथा सुखद समाधान खोजने की समर्पण भावना को उजागर करती हैं।

इन सार्थक बैठकों के दौरान, वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने यूनियन नेताओं द्वारा उठाई गई विभिन्न चिंताओं को सहानुभूतिपूर्वक सुना और राज्य सरकार के कर्मचारी-पक्षधर रुख की पुनः पुष्टि की। उन्होंने शिष्टमंडलों को आश्वस्त करते हुए कहा, “हम आपकी कठिनाइयों से पूरी तरह अवगत हैं। मैं यह पुष्टि करना चाहता हूँ कि आपकी अधिकांश न्यायसंगत मांगों को हल करने के लिए आवश्यक ढाँचा पहले से ही प्रशासनिक प्रक्रिया के अधीन है।”

आगामी कार्रवाई की मजबूत गारंटी देते हुए वित्त मंत्री ने जोर देकर कहा, “भगवंत मान सरकार इन प्रक्रियाओं में तेजी लाने और जल्द ही सभी प्रभावित कर्मचारियों के लिए सकारात्मक परिणाम देने के लिए लगन से काम कर रही है।”

विचार-विमर्श के दौरान शिक्षा क्षेत्र की पाँच संगठनों—जिनमें बेरोजगार बी.एड. टेट पास अध्यापक यूनियन, बेरोजगार पी.एस.टी.ई.टी पास आर्ट एंड क्राफ्ट संघर्ष यूनियन, मुड़ बहाल कच्चे अध्यापक यूनियन, एस.एस.ए./एम.डी.एम. नॉन-टीचिंग इंप्लाइज यूनियन पंजाब, और अनएडेड स्टाफ ऑफ एडेड स्कूल्स फ्रंट शामिल थे—ने सेवाओं की सुरक्षा पर केंद्रित मांग-पत्र सौंपे। जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं का प्रतिनिधित्व करती आंगनवाड़ी मुलाज़िम यूनियन पंजाब (सीटू) और जुझारू आंगनवाड़ी वर्कर/हेल्पर यूनियन पंजाब ने वेतन वृद्धि की मांग रखी।

इसके अलावा, एनलिस्टमेंट-आउटसोर्स कोऑर्डिनेशन कमेटी ने आगामी 2026 कर्मचारी विधेयकों के अंतर्गत औपचारिक समावेशन के साथ-साथ सेवा-निवृत्ति के बाद के लाभों की गारंटी और निर्धारित न्यूनतम मजदूरी की मांग की।

इन बैठकों के दौरान बेरोजगार बी.एड. टेट पास मुलाज़िम यूनियन की ओर से जसवंत सिंह, हरदीप सिंह और अवतार सिंह; बेरोजगार पी.एस.टी.ई.टी पास आर्ट एंड क्राफ्ट संघर्ष यूनियन की ओर से राकेश कुमार, किरन कौर और हरबंस सिंह; मुड़ बहाल कच्चे मुलाज़िम यूनियन की ओर से विकास साहनी, लखविंदर कौर और गुरप्रीत सिंह; एस.एस.ए./एम.डी.एम. नॉन-टीचिंग इंप्लाइज यूनियन पंजाब की ओर से कुलदीप सिंह, राजिंदर सिंह संधा और जगमोहन सिंह; अनएडेड स्टाफ ऑफ एडेड स्कूल्स फ्रंट की ओर से निर्भय सिंह, सुखचैन सिंह और अमनदीप कौर; आंगनवाड़ी मुलाज़िम यूनियन पंजाब (सीटू) की ओर से हरजीत कौर पंजोला, अमृतसर कौर और सुभाष रानी; जुझारू आंगनवाड़ी वर्कर/हेल्पर यूनियन की ओर से रीमा रानी और शिंदरपाल कौर; तथा एनलिस्टमेंट-आउटसोर्स कोऑर्डिनेशन कमेटी की ओर से वरिंदर सिंह मोमी, रमनदीप सिंह, पवनदीप सिंह, शेर सिंह खन्ना और लक्ष्मण सिंह ने अपने मुद्दे और मांगें उठाईं।

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