पंजाबराज्य

पंजाब ने भोजन पदार्थों की जांच के लिए व्यापक राज्यव्यापी मुहिम शुरू की; स्वास्थ्य मंत्री ने मानक भोजन पदार्थों के प्रति प्रतिबद्धता दोहराई

राज्य के लोगों के लिए सुरक्षित और स्वास्थ्यवर्धक भोजन पदार्थ सुनिश्चित करने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने आज एक उच्च स्तरीय बैठक की अध्यक्षता करते हुए भोजन पदार्थों की जांच के लिए एक व्यापक और लक्षित मुहिम शुरू करने की घोषणा की। कैबिनेट मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पंजाब के लोगों के लिए शुद्ध और स्वास्थ्यवर्धक भोजन सुनिश्चित करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ रही है।

यहां अपने कार्यालय में वरिष्ठ अधिकारियों, जन स्वास्थ्य विशेषज्ञों और प्रमुख नियामक एवं वैज्ञानिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों के साथ बैठक की अध्यक्षता करते हुए डॉ. बलबीर सिंह ने फूड एंड ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन (एफ.डी.ए.) को ‘फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स’ (एफ.एस.डब्ल्यू.) वैनों के माध्यम से भोजन में मिलावट की व्यापक जांच के लिए 1 अप्रैल से 15 अप्रैल 2026 तक 15 दिनों की राज्यव्यापी मुहिम चलाने के निर्देश दिए।

इस बात पर जोर देते हुए कि ये मोबाइल वैनें भोजन में मिलावट के खिलाफ लड़ाई में एक महत्वपूर्ण साधन हैं, स्वास्थ्य मंत्री ने सभी फूड बिजनेस ऑपरेटरों (एफ.बी.ओज़.) और आम लोगों से इस विशेष मुहिम के दौरान अपने सैंपलों की जांच करवाने की अपील की ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि उनके भोजन पदार्थों में कोई मिलावट नहीं है और वे सुरक्षा मानकों के अनुसार सही हैं। उन्होंने कहा कि यह मुहिम एफ.बी.ओ. को शिक्षित करने और मौके पर जांच के लिए एफ.एस.डब्ल्यू. के उपयोग पर केंद्रित होगी।

उल्लेखनीय है कि ‘फूड सेफ्टी ऑन व्हील्स’ मोबाइल फूड टेस्टिंग वैनें हैं, जो दूध, घी, पनीर, पानी, मसाले, फूड सप्लीमेंट, मिठाइयां, फल, सब्जियां और अन्य रोजमर्रा की वस्तुओं सहित प्रमुख भोजन श्रेणियों में मिलावट की जांच के लिए उपकरणों से पूरी तरह सुसज्जित हैं।

स्वास्थ्य मंत्री ने राज्य भर में रासायनिक अवशेषों और प्रदूषक तत्वों के व्यवस्थित तरीके से नमूने एकत्र करने और जांच के लिए एक समयबद्ध कार्य योजना को भी मंजूरी दी है। इन प्रमुख अध्ययनों में औद्योगिक क्षेत्रों और नालों के आसपास उगाई जाने वाली सब्जियों में भारी धातुओं और कीटनाशकों के प्रदूषण की जांच शामिल है। साथ ही न्यूट्रास्यूटिकल्स की व्यापक जांच की जाएगी और पोल्ट्री, अंडों तथा मांस में एंटीबायोटिक अवशेषों का पता लगाने के लिए एक अलग अध्ययन किया जाएगा।

उन्होंने आगे कहा कि इन अध्ययनों से प्राप्त डेटा भविष्य में नियामक निर्णय लेने और नीति निर्माण में सहायक होगा।

कैबिनेट मंत्री ने सभी संबंधित विभागों को निकट समन्वय से काम करने के निर्देश देते हुए कहा कि भोजन में मिलावट किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी और ऐसी गतिविधियों में शामिल पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने सभी एफ.बी.ओज़., जिनमें स्ट्रीट फूड विक्रेता भी शामिल हैं, से एफ.डी.ए. के साथ खुद को रजिस्टर कराने और ‘सही खाओ, स्वास्थ्य रहो’ दृष्टिकोण अपनाने की अपील की ताकि पंजाब को स्वास्थ्यवर्धक और सुरक्षित राज्य बनाने में उचित योगदान दिया जा सके।

इस बैठक में प्रमुख सचिव स्वास्थ्य कुमार राहुल, प्रमुख सचिव कृषि अरशदीप सिंह थिंद, आयुक्त एफ.डी.ए. कंवल प्रीत बराड़, सदस्य पंजाब विकास आयोग अनुराग कुंडू, गडवासू के वाइस चांसलर डॉ. जे.एस. गिल, निदेशक स्वास्थ्य सेवाएं डॉ. हितिंदर कौर, निदेशक अनुसंधान एवं चिकित्सा शिक्षा डॉ. अवनीश कुमार, प्रिंसिपल डायरेक्टर एम्स मोहाली, सीईओ पीबीटीआई, पीपीसीबी के वरिष्ठ वैज्ञानिक, निदेशक कृषि, बागवानी, पीएयू, गडवासू एवं एम्स के प्रतिनिधि प्रोफेसर, फूड एंड ड्रग्स एडमिनिस्ट्रेशन के अधिकारी शामिल हुए।

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