पंजाबराज्य

धोखाधड़ी से चीन के कुछ नागरिकों के खातों में पैसे भेजने वाले म्यूल अकाउंट गिरोह के तीन व्यक्ति गिरफ्तार; खातों में पड़े 20 लाख रुपये किये फ्रीज, 5100 अमेरिकी डॉलर मूल्य की क्रिप्टोकरेंसी बरामद

चंडीगढ़: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के निर्देशों पर पंजाब को सुरक्षित राज्य बनाने के लिए चल रही मुहिम के दौरान पंजाब पुलिस के स्टेट साइबर क्राइम डिवीजन ने साइबर धोखाधड़ी करने वालों को फर्जी फंडों की रूटिंग, लेयरिंग और सेटलमेंट के लिए चालू बैंक खाते (म्यूल खाते) खोलने और उपलब्ध करवाने में शामिल गिरोह के तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार करके गिरोह का पर्दाफाश किया है। यह जानकारी पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) पंजाब गौरव यादव ने आज यहां दी।

म्यूल खाता ऐसा बैंक खाता होता है, जिसे अपराधी खाता धारक की जानकारी के बिना या कई बार उसकी मिलीभगत से गैर-कानूनी फंड प्राप्त करने, ट्रांसफर करने या लॉन्ड्रिंग करने के लिए इस्तेमाल करते हैं।

गिरफ्तार किए गए व्यक्तियों की पहचान गुरजीत सिंह, रमन राय और सुखदेव सिंह के रूप में हुई है, जो सभी फाजिल्का के जलालाबाद के निवासी हैं और वर्तमान में मोहाली के फेज-5 में किराए के कमरे से ‘ब्रदर ट्रेडर्स’ के नाम से चालू बैंक खातों के माध्यम से साइबर धोखाधड़ी में सक्रिय थे।

पुलिस टीमों ने गिरोह से जुड़े बैंक खातों में लगभग 20 लाख रुपये जब्त किए हैं। इसके अलावा 23 ए.टी.एम. कार्ड, दो लैपटॉप, सात मोबाइल फोन, पांच सिम कार्ड, जाली बैंक / केवाईसी दस्तावेज जिनमें 14 चेक बुकें और उद्यम सर्टिफिकेट, छह टिकटें और 5100 यूएसडीटी मूल्य की क्रिप्टोकरेंसी बरामद की गई है।

डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि जांच के दौरान यह पाया गया कि आरोपी पिछले दो सालों से ऐसी गैर-कानूनी गतिविधियों में शामिल थे, साइबर धोखाधड़ी करने वालों को म्यूल बैंक खाते प्रदान करके अब तक लगभग 50 लाख रुपये का कमीशन कमा चुके हैं। उन्होंने आगे कहा, ‘‘बैंक खाते जाली तरीके और फर्जी दस्तावेजों से खोले गए थे और जांच से बचने के लिए, आरोपियों ने मोहाली में एक किराए के कमरे में फर्जी कारोबार सेट किया हुआ था और समय-समय पर होर्डिंग बदलते रहते थे।’’

ऑपरेशन संबंधी विवरण साझा करते हुए स्पेशल डायरेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (स्पेशल डीजीपी) साइबर क्राइम वी. नीरजा ने कहा कि यह कार्रवाई साइबर अपराध को रोकने के लिए चल रहे ऑपरेशनों के तहत की गई है।

उन्होंने कहा, ‘‘जांच से पता लगा है कि आरोपी व्यक्ति टेलीग्राम के माध्यम से सीधे तौर पर चीनी नागरिकों से जुड़े हुए थे और उन्हें बैंक खाते प्रदान करवाकर यूएसडीटी क्रिप्टोकरेंसी में मुनाफा प्राप्त करते थे।’’ उन्होंने यह भी कहा कि आई4सी के समन्वय पोर्टल पर पुष्टि किए गए अंतर-राज्यीय लिंकेज के माध्यम से ये म्यूल खाते 24 साइबर धोखाधड़ी पीड़ितों से जुड़े हुए थे, जिनमें 26.65 लाख रुपये लीन मार्क कर दिए गए हैं।

विशेष डीजीपी ने कहा कि इस गिरोह से जुड़े साइबर धोखाधड़ी के अन्य पीड़ितों का पता लगाने और पूरे नेटवर्क की पड़ताल के लिए बरामद किए गए ए.टी.एम. कार्डों की जांच जारी है।

इस संबंध में एफआईआर नंबर 16 दिनांक 17/3/2026 को पुलिस स्टेशन स्टेट साइबर क्राइम, पंजाब में बीएनएस की धारा 318(4) और 61(2) तथा सूचना प्रौद्योगिकी एक्ट की धारा 66डी के तहत केस दर्ज किया गया है।

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