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यूपी की 8,060 दिव्यांग छात्राओं को मिलेगी ई-ट्राइसाइकिल, जानें कौन कर सकता है आवेदन

दिव्यांग छात्राओं के लिए शिक्षा और प्रशिक्षण की राह आसान बनाने के उद्देश्य से योगी सरकार ने बैटरी चालित ई-ट्राइसाइकिल वितरण योजना का विस्तार किया है। वित्तीय वर्ष 2026-27 में अब 40 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता वाली पात्र अध्ययनरत छात्राओं को भी योजना का लाभ मिलेगा। पात्र छात्राओं को अधिकतम 65 हजार रुपये तक की बैटरी चालित ई-ट्राइसाइकिल निशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी।

योजना का लाभ विद्यालय, महाविद्यालय, विश्वविद्यालय और प्रशिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत छात्राओं को मिलेगा। इसका उद्देश्य घर से शिक्षण या प्रशिक्षण संस्थान तक आवागमन को सुगम बनाना और परिवहन की वजह से पढ़ाई में आने वाली बाधाओं को कम करना है। योजना को प्रदेश के सभी 403 विधानसभा क्षेत्रों तक पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र से 20-20 पात्र दिव्यांग छात्राओं का चयन किया जाएगा। इस तरह प्रदेशभर में कुल 8,060 ई-ट्राइसाइकिल वितरित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

योजना के तहत लाभ लेने के लिए छात्रा की दिव्यांगता 40 प्रतिशत या उससे अधिक होना जरूरी है। साथ ही उसकी उम्र 16 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए। छात्रा का किसी मान्यता प्राप्त विद्यालय, महाविद्यालय, विश्वविद्यालय या प्रशिक्षण संस्थान में अध्ययनरत अथवा प्रशिक्षणरत होना आवश्यक है। पात्रता के लिए निर्धारित दिव्यांगता प्रमाणपत्र अथवा यूडीआईडी कार्ड समेत अन्य जरूरी अभिलेख उपलब्ध कराने होंगे। जनपद स्तर पर दस्तावेजों और पात्रता का सत्यापन होने के बाद निर्धारित प्रक्रिया के तहत ई-ट्राइसाइकिल उपलब्ध कराई जाएगी।

आवेदन प्रक्रिया शुरू

पात्र छात्राएं जनपद स्तर पर जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी के कार्यालय के माध्यम से आवेदन कर सकती हैं। इसके अलावा विभाग के पोर्टल hwd.uphq.in पर भी आवेदन की सुविधा दी गई है। दिव्यांगजन सशक्तीकरण विभाग के उपनिदेशक डॉ. अमित कुमार राय ने बताया कि योजना का विस्तार इसलिए किया गया है ताकि दिव्यांग छात्राओं को शिक्षा और प्रशिक्षण के दौरान आवागमन में परेशानी न हो। आवश्यक अभिलेखों और पात्रता के सत्यापन के बाद पात्र छात्राओं को ई-ट्राइसाइकिल उपलब्ध कराई जाएगी।

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