उत्तर प्रदेश

बस्ती जिले में बसपा ने प्रबुद्ध सम्मेलन का आयोजन किया,

बस्ती। मिशन 2022 को लेकर सभी पार्टियों ने कमर कस ली है, उसी क्रम में बसपा ने भी यूपी के सभी जनपदों में प्रबुद्ध वर्ग सम्मेलन का आयोजन कर रही है, बस्ती जिले में आज बसपा ने प्रबुद्ध सभा सम्मेलन का आयोजन किया, आयोजन में बतौर मुख्य अतिथि बसपा के महासचिव और राज्यसभा सांसद सतीश चंद्र मिश्रा ने शिरकत किया, कार्यक्रम में बड़ी संख्या में प्रबुद्ध समाज के लोग मौजूद रहे।
बसपा महासचिव ने मंच से बीजेपी और सपा पर जमकर हमला बोला उन्होंने राम मंदिर को लेकर बीजेपी पर हमला बोलते हुए कहा कि सर्वोच्च न्यायालय का निर्णय आये 2 साल हो गया है, लेकिन इन्होंने राम लला और राम मंदिर के नाम पर इन्होंने लाखों करोड़ों रुपए देश और विदेशों से इकट्ठा कर लिए, जब सर्वोच्च न्यायालय का निर्णय आया जिनमे इनका कोई योगदान नहीं था, योगदान तब मानते की उत्तर प्रदेश और केंद्र में इनकी सरकार थी कोई कानून बनाते तो समझ में आता, लेकिन जब सर्वोच्च न्यायलेबक निर्णय आया तो इनका चेहरा इतना उतरा हुआ था, सबसे ज्यादा दुखी यही नज़र आ रहे थे, केन्वकी इनको लग रहा था कि अब हमारी राजनीति खत्म, अब किस बात की राजनीति करेंगे, किस बात से लोगों को आपस में भिड़ाने का काम करेंगे, कौसे हम दंगा फसाद कराने का काम करेंगे, कैसे धर्म के नाम पर वोट मांगने का काम करेंगे, अब तो यह सब बंद हो जाएगा, लोग हमारी असलियात जान जाएंगे, सर्वोच्च न्यायालय के निर्णय के एक साल बाद बड़ा कार्यक्रम किया, 200 से 250 करोड़ खर्च किये और ये दिखाने की कोशिश की हम मंदिर बनाने जा रहे हैं, इस लिए हम भूमि पूजन कर रहे हैं, लेकिन जब हम वहां गए तो पता चला वहां न तो भूमि पूजन की जगह दिख रही है न नींव दिख रही है, अभी तक मंदिर बनाने के लिए पहला गड्ढा तक नहीं खोदा गया है, लेकिन मंदिर के नाम पर इन्होंने ने पिछले वर्ष से अब तक फिर से लोगों को झोला देकर पूरे देश में भेज दिया है, राम के नाम पर रुपया मांगो और कहो मंदिर बनाना है, अगर फिर से मंदिर बनाने के लिए रुपयों की जरूरत पड़ गई तो पुराना रुपया कहाँ गया, इन्होंने फिर से 10 हज़ार करोड़ से ज्यादा राम के नाम पर फिर से ले लिया, भूमि पूजन के नाम पर धोखा देते हुए 5 ईंटों का पूजन किया और वो ईंटें कहाँ गई किसी को नहीं पता, बीजेपी सिर्फ भगवान के नाम पे वोट और नोट लेने का काम करती है।इन्होंने राम के साथ सीता का नाम कभी नहीं लिया।सतीश मिश्रा ने आगे कहाँ की बीजेपी राम का नाम ऐसे लेती है जैसे कही युद्ध करने जा रही हो इसलिए कभी राम के साथ सीता का नाम नहीं लिया।बीजेपी वाले न तो कभी जनेऊ धारण करते हैं ना ही तिलक लगाते हैं और न ही चुटीया रखते हैं।ये लोग अब बड़े मंदिरों का भी अधिग्रहण करना शुरू कर दिए हैं ये लोग सनातन धर्म को खत्म करना चाहते हैं।सतीश मिश्रा ने कहा की बीजेपी हर साल अयोध्या में दीप उत्सव के नाम पे 30-40 करोड़ खर्चा करती है अगर यही पैसा अयोध्या के विकास में लगाया जाए तो अयोध्या की तस्वीर बदल सकती है।अयोध्या में आज भी वही काम देखने को मिलता है जिसको बसपा ने अपने 2007-2012 के कार्यकाल के दौरान किया।
कानून व्यवस्था को लेकर सपा और बीजेपी पर जम कर हमला बोला, सपंकि सरकार जब जब आती है प्रदेश में गुंडा राज, माफिया राज, डकैती, फिरौती, लूटपाट, बालात्कार दंगा, फसाद शुरू हो जाती है, और यही सारे काम बीजेपी भी कर रही है, इसीलिए हम लोग कहते हैं बीजेपी और सपा एक सिक्के के दो पहलू हैं, इनमें कोई फर्क नहीं है, आज जिस तरह से उत्तर प्रदेश में हत्याएं हो रही हैं किस तरह से दलितों और ब्राह्मणों पर अत्याचार हो रहा है, सैकड़ों दलित और ब्राह्मणों को इन्होंने प्रताड़ना के साथ हटायें हुई और उनको गोलियों से मारने का काम किया, एक दो एनकाउंटर हों तो आप को उनके किस्से बताए जाएं वहां तो पन्नों- पन्नों में लिस्ट भारी है। बसपा महासचिव ने प्रबुध सभा के मंच से किसनोंनक भी मुद्दा उठाया उन्होंने कहा कि किसनों से भी इन लोगों ने झूठ बोला, किसानों से कहा कि आप हमारे साथ आ जाइये आप की आमदनी दोगुनी कर देंगे, आमदनी दो गुनी तो हुई नहीं शून्य तक पहुंचाने का काम किया, किसानों के लिए इन्होंने जो तीन काले कानून बनाये हैं जिसके लिए किसान डेढ़ साल से आंदोलित है हम लोग भी उनके साथ आंदोलन में शामिल हैं, इस आंदोलन में 500 से ज्यादा किसानों की जान चली गई है, इन पर कोई असर नहीं होता, इन्होंने उद्योगपतियो से भारी रकम ले ली है, इस लिए उस कानून को वापस नहीं कर सकते, उस कानून के तहत किसानों को मज़बूरन उद्योगपतियों को पट्ट देना पड़ेगा, पट्टा देने के बाद एक साल, दो साल फसल का पैसा मिलेगा लेकिन तीसरे साल कहेंगे बाढ़ आ गई, सूखा पड़ गया उसके बाद पैसा देना बंद हो जाएगा, लेकिन उसकी जमीन उसके हाथ से हमेशा-हमेशा के लिए निकल जायेगी

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