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होर्मुज से देवरिया पहुंचा शिवानंद का पार्थिव शरीर, अंतिम संस्कार में उमड़ा जनसैलाब, परिजनों का रो रोकर बुरा हाल

देवरिया। उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के सुरौली गांव निवासी शिवानंद चौरसिया का पार्थिव शरीर बुधवार शाम उनके पैतृक स्थान लाया गया। शिवानंद चौरसिया की ओमान तट के पास एक वाणिज्यिक जहाज पर हमले में मृत्यु हो गई थी। शिवानंद एक विदेशी शिपिंग कंपनी द्वारा संचालित टैंकर पर इंजन फिटर के रूप में कार्यरत थे। परिवार के सदस्यों और आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, 10 जून को ओमान तट के पास वाणिज्यि जहाज पर हुए हमले में टैंकर एमटी सेटेबेलो को निशाना बनाया गया था।

मस्कट से सुरौली गांव पहुंचा नाविक शिवानंद का पार्थिव शरीर

शिवानंद के पार्थिव शरीर को बुधवार सुबह मस्कट से एक उड़ान से दिल्ली हवाई अड्डे लाया गया था। बाद में पार्थिव शरीर को एक अन्य उड़ान से गोरखपुर हवाई अड्डे लाया गया और वहां से सड़क मार्ग से सुरौली गांव पहुंचाया गया। पार्थिव शरीर जैसे ही गांव लाया गया माहौल गमगीन हो गया। शिवानंद के माता-पिता, पत्नी और भाई समेत परिवार के सदस्यों की आंखों से आंसू थे।

परिवार के सदस्यों ने केंद्र और राज्य सरकार से एक-एक करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि, एक आश्रित के लिए सरकारी नौकरी और शिवानंद को शहीद का दर्जा देने की मांग करते हुए अंतिम संस्कार करने से इनकार कर दिया और लगभग तीन घंटे तक पार्थिव शरीर को एंबुलेंस से बाहर नहीं निकालने दिया।

परिवार की मांग पर डीएम ने कराया दूसरा पोस्टमार्टम

गांव में कई पुलिस टीम के साथ ही प्रशासनिक अधिकारी तैनात किए गए थे और उन्होंने परिवार के सदस्यों को समझाने की कोशिश की। जिलाधिकारी मधुसूदन हुलगी ने परिवार का ज्ञापन प्राप्त किया और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।

एंबुलेंस के आगे रो पड़े परिजन

अधिकारियों ने बताया कि परिवार रात करीब 9.30 बजे शव को दूसरे पोस्टमार्टम के लिए ले जाने देने पर सहमत हुआ। अंतिम संस्कार आज बृहस्पतिबार को किया जाएगा। टैंकर पर भारतीय चालक दल के 24 सदस्य सवार थे। 21 चालक दल के सदस्यों को बचा लिया गया, जबकि शिवानंद समेत तीन लापता हो गए। उनके शव 11 जून को बरामद किए गए। स्थानीय सांसद शशांक मणि परिवार के संपर्क में थे और पार्थिव शरीर को वापस लाने के लिए केंद्र सरकार के साथ समन्वय कर रहे थे।

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