उत्तर प्रदेशगोरखपुर

मज़दूरों का उत्पीड़न नहीं रुका तो आंदोलन होगा: उमाशंकर सिंह

गोरखपुर। बुधवार को भारतीय भवन निर्माण व अन्य मजदूर यूनियन के तत्वावधान में यूनियन कार्यालय पुर्दिलपुर, गोलघर, गोरखपुर में एक आवश्यक बैठक प्रदेश अध्यक्ष उमाशंकर सिंह की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। बैठक को सम्बोधित करते हुए उमाशंकर सिंह ने कहा कि उ.प्र. की योगी सरकार में असंगठित मजदूरों के शोषण का केन्द्र बन रहा है गोरखपुर शहर। दबंग मालिक काम कराकर मजदूरों को उनकी पक्की वाजिब मजदूरी नहीं देते। शिकायत करने पर प्रशासनिक अधिकारी दबंग मालिकों के प्रभाव में मजदूरों का ही शोषण कर रहे हैं, दुर्भाग्यपूर्ण है।

देश के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाला दैनिक श्रमिक मजदूर अपने ही प्रदेश व देश में अपेक्षा व शोषण का शिकार है। देश को आजाद हुए 75 वर्ष बीत जाने के बाद भी इनके हालात में सुधार नहीं हुआ। अपने खून पसीने से बड़ी-बड़ी इमारतों को खड़ा करने वाला दैनिक मजदूर दबंग मालिकों के घर काम करने के बाद मजदूरी के लिए दर-दर भटकने के लिए विवश है लेकिन प्रशासनिक अधिकारी इनके उत्पीड़न और शोषण का तमाशा देखने में व्यस्त हैं। अब बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। भारतीय भवन निर्माण एवं अन्य मजदूर यूनियन द्वारा बार-बार प्रशासनिक अधिकारियों को ज्ञापन एवं पत्र के माध्यम से कार्यवाही के लिए लिखित शिकायत देने के बावजूद कोई कार्यवाही न होने के कारण मजदूरों में भारी आक्रोश है। शीघ्र ही यह आक्रोश सड़कों पर दिखाई देगा।

बैठक का संचालन करते हुए जिला प्रभारी वैरागी लाल एवं अब्दुल कादिर ने कहा कि मजदूर यूनियन का गठन मजदूरों के हक और अधिकारों की लड़ाई लड़ने के लिए हुआ है। अगर प्रशासन और सरकार ने इनके उत्पीड़न के खिलाफ शीघ्र ही कोई दिशानिर्देश जारी नहीं किया तो हम हजारों मजदूरों के साथ सड़क पर उतरने के लिए बाध्य होंगे जिसकी पूरी जिम्मेदारी गोरखपुर के जिला प्रशासन की होगी।बैठक में मुख्य रूप से ध्रुव कुमार मल्ल, रेयाज अहमद, अब्दुल कादिर, कंचन चौहान, जगदीश, रमेश, रईश, राजेश निषाद, राजेश, रामभवन, रामकरन, रामजी चौहान, महेन्द्र, रामनाथ यादव, रविन्द्र यादव, अजय सिंह, जुगानी, बिरजू प्रजापति, अमरजीत, नवल किशोर, रामदरश, जमुना, मोहन विश्वकर्मा, रामनिवास, प्रेम, राकेश, रविन्द्र आदि लोग उपस्थित थें।

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