काशी में CM योगी बोले- भारत सेवाश्रम संघ ने कभी सिद्धांतों से समझौता नहीं किया, राष्ट्र की उन्नति को बनाया ध्येय

वाराणसी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को सिगरा स्थित भारत सेवाश्रम संघ के शताब्दी वर्ष समारोह में हिस्सा लिया और मां दुर्गा की पूजा-अर्चना की। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि भारत सेवाश्रम संघ ने विषम परिस्थितियों में भी अपने मूल्यों और सिद्धांतों से समझौता नहीं किया। संगठन ने राष्ट्रवाद को अपने जीवन का ध्येय और राष्ट्र की उन्नति को अपनी उन्नति का माध्यम बनाया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 1926 में महान साधक स्वामी प्रणवानन्द जी महाराज ने काशी में भारत सेवाश्रम संघ की शाखा का शुभारंभ किया था। उन्होंने कहा कि संकट के समय अक्सर लोग अपने मूल्यों और आदर्शों से विमुख हो जाते हैं, लेकिन भारत सेवाश्रम संघ ने हमेशा अपने सिद्धांतों को सर्वोपरि रखा है। इस संस्था के प्रति सभी का विशेष लगाव है।
स्वामी प्रणवानन्द ने राष्ट्र जागरण को बनाया साधना का माध्यम
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जब देश गुलाम था, तब स्वामी प्रणवानन्द जी महाराज ने देश के विभिन्न हिस्सों में जाकर स्वतंत्रता की अलख जगाई। उन्होंने हिंदू जागरण का कार्य भी किया और महान भारत के निर्माण तथा स्वतंत्र भारत के संकल्प को साकार करने में योगदान दिया। उनके द्वारा स्थापित संस्था आज भारत सहित दुनिया के अनेक देशों में सनातन मूल्यों और ऋषि परंपरा का प्रचार-प्रसार कर रही है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि स्वामी प्रणवानन्द जी महाराज ने वर्ष 1912-13 में गोरखपुर स्थित गोरक्षपीठ में दीक्षा ग्रहण की थी। उन्होंने बाबा गंभीरनाथ जी के सानिध्य में लंबे समय तक आध्यात्मिक साधना की। गोरखपुर से काशी और फिर पूरे देश में उन्होंने आध्यात्मिक साधना को राष्ट्र जागरण का माध्यम बनाया। उन्होंने व्यक्तिगत उन्नति के बजाय राष्ट्र की उन्नति को प्राथमिकता दी।
विरासत, धर्म और संस्कृति की रक्षा पर दिया जोर
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब कोई राष्ट्र संकट में होता है, तो उसकी विरासत, आध्यात्मिक धरोहर, धर्म और संस्कृति पर भी संकट आता है। उन्होंने काशी विश्वनाथ मंदिर, राम जन्मभूमि और भगवान श्रीकृष्ण की जन्मभूमि का उल्लेख करते हुए कहा कि विदेशी आक्रांताओं के हमलों और गुलामी के दौर में देश की धार्मिक विरासत को नुकसान पहुंचा।
योगी ने इसे देश के विभाजन और आपसी बंटवारे से जुड़ी ऐतिहासिक भूलों का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि संतों ने अलग-अलग कालखंडों में अपने आध्यात्मिक अभियानों के माध्यम से समाज में व्यापक जागरण का कार्य किया। स्वामी प्रणवानन्द जी महाराज ने भी इसी परंपरा को आगे बढ़ाया।
‘पूजा केवल भोग से नहीं, अस्त्र-शस्त्र से भी होती है’
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत सेवाश्रम संघ में पूजा केवल भोग से ही नहीं, बल्कि अस्त्र-शस्त्र से भी होती है। शस्त्र पूजन की वस्तु हैं और आवश्यकता पड़ने पर आत्मरक्षा के लिए उन्हें धारण भी करना पड़ता है।
पश्चिम बंगाल की ममता सरकार का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि जब वहां की सरकार भारत सेवाश्रम संघ के संन्यासियों को धमकाने लगी थी, तब वह उत्तर प्रदेश से पूरे घटनाक्रम पर नजर रख रहे थे। उन्होंने विश्वास जताया था कि संन्यासियों को धमकाने वाली ऐसी सरकार दोबारा सत्ता में नहीं आएगी। मुख्यमंत्री ने रावण और कंस का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस तरह उन्होंने संन्यासियों को धमकाने का काम किया था, उसी तरह वहां भी ऐसा प्रयास हुआ, लेकिन संन्यासी विचलित नहीं हुए।
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में बना काशी विश्वनाथ धाम
मुख्यमंत्री ने कहा कि संकल्प और दृढ़ता के परिणामस्वरूप आज काशी में भव्य काशी विश्वनाथ धाम का निर्माण संभव हो सका है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इस धाम का निर्माण हुआ, जो काशी की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान देता है।



